Sunday 26/ 07/ 2026 

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लखपति दीदी योजना से बदली पहाड़ की तकदीर-33 हजार से अधिक महिलाएं बनीं आत्मनिर्भरता की नई पहचान


पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड के पर्वतीय जनपद पौड़ी गढ़वाल में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में लखपति दीदी योजना एक जनआंदोलन का रूप ले चुकी है। सीमित रोजगार और पलायन जैसी चुनौतियों से जूझ रहे पहाड़ में अब महिलाएं अपने परिश्रम,कौशल और आत्मविश्वास के दम पर सफलता की नई इबारत लिख रही हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में संचालित यह महत्वाकांक्षी योजना हजारों परिवारों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बनी है। जनपद पौड़ी में अब तक 33,700 से अधिक महिलाएं इस योजना से जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बन चुकी हैं। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं आज बेकरी,डेयरी,कैफे,किराना,बकरी पालन,कुक्कुट पालन,कृषि,बैंक सखी,खाद्य प्रसंस्करण और अन्य स्वरोजगार गतिविधियों में उल्लेखनीय सफलता हासिल कर रही हैं। इससे न केवल उनकी आय में वृद्धि हुई है,बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिली है। एक समय था जब ग्रामीण महिलाएं केवल घरेलू कार्यों तक सीमित मानी जाती थीं,लेकिन आज वही महिलाएं अपने परिवार की आय का प्रमुख स्रोत बन रही हैं। लखपति दीदी योजना ने उन्हें वित्तीय सहायता,प्रशिक्षण,विपणन और आत्मविश्वास प्रदान किया है,जिसके परिणामस्वरूप वे सफल उद्यमी के रूप में पहचान बना रही हैं। दुग्ध उत्पादन से जुड़ी आरती रावत की सफलता हजारों महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है। उत्कृष्ट कार्य के लिए उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ऑनलाइन माध्यम से लखपति दीदी के रूप में सम्मानित किया गया। आरती का कहना है कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है,बल्कि महिलाओं को अपने सपनों को साकार करने का साहस और आत्मविश्वास भी देती है। मुख्यालय स्थित बेकरी में कार्यरत उमा देवी और कुसुम देवी बताती हैं कि पहाड़ में रोजगार के अवसर सीमित होने के बावजूद इस योजना ने उन्हें सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराया। आज वे नियमित आय अर्जित कर अपने परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। वहीं सरकारी सहयोग से संचालित कैफे में कार्यरत शालिनी पंवार और अंजू थपलियाल कहती हैं कि उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि वे अपने परिवार की मजबूत आर्थिक आधार बनेंगी। आज वे आत्मविश्वास के साथ स्वरोजगार कर रही हैं और भविष्य को लेकर आश्वस्त हैं। रामेश्वरी देवी ने योजना के सहयोग से अपने छोटे से किराना व्यवसाय को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। बढ़ती आय के साथ उन्होंने अपने कारोबार का विस्तार किया और अन्य व्यवसाय भी शुरू किए। उनका कहना है कि लखपति दीदी योजना ने उनके जीवन को नई दिशा और नई पहचान दी है। हर पात्र महिला तक योजना पहुंचाने का लक्ष्य परियोजना निदेशक डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय ने बताया कि जनपद की महिलाएं विभिन्न आजीविका गतिविधियों में उत्कृष्ट कार्य कर रही हैं। प्रशासन का उद्देश्य प्रत्येक पात्र महिला को योजना से जोड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया ने कहा कि जनपद की 33 हजार से अधिक महिलाएं व्यक्तिगत एवं सामूहिक उद्यमों के माध्यम से बेहतर आय अर्जित कर रही हैं। प्रशासन लगातार प्रयासरत है कि अधिक से अधिक महिलाओं को इस योजना का लाभ मिले और वे आर्थिक रूप से मजबूत बन सकें। पौड़ी गढ़वाल में लखपति दीदी योजना अब केवल एक सरकारी योजना नहीं,बल्कि महिलाओं के आत्मसम्मान,आत्मनिर्भरता और आर्थिक स्वावलंबन का सशक्त अभियान बन चुकी है। यह पहल हजारों महिलाओं के जीवन में नया उजाला लेकर आई है और यह साबित कर रही है कि यदि अवसर,प्रशिक्षण और उचित मार्गदर्शन मिले तो पहाड़ की महिलाएं किसी भी क्षेत्र में सफलता के नए आयाम स्थापित कर सकती हैं। आने वाले समय में यह योजना उत्तराखंड के ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण की सबसे बड़ी मिसाल के रूप में उभरने की क्षमता रखती है।

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