दिव्यांगजनों के सशक्त भविष्य की दिशा में अहम पहल-जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र संचालन को लेकर मंथन

पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद के दिव्यांगजनों को एक ही छत के नीचे बेहतर पुनर्वास,चिकित्सकीय सहायता,परामर्श,सहायक उपकरण तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं का समुचित लाभ उपलब्ध कराने की दिशा में जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। इसी क्रम में शुक्रवार को मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में जिला कार्यालय स्थित एनआईसी सभागार में जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र (डीडीआरसी) के संचालन के संबंध में जिला प्रबंधन समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न स्वैच्छिक संस्थाओं द्वारा प्रस्तुत अभिरुचि प्रस्तावों का विस्तृत परीक्षण करते हुए उनके अनुभव,संसाधनों तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप पात्रता का गहन मूल्यांकन किया गया। बैठक में जिला समाज कल्याण अधिकारी रोहित दुबड़िया ने जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र की कार्यप्रणाली पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि केंद्र का उद्देश्य दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि डीडीआरसी के माध्यम से फिजियोथेरेपी,व्यावसायिक परामर्श,मनोसामाजिक सहयोग,सहायक उपकरणों की उपलब्धता,चिकित्सकीय सेवाएं तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाएगा। बैठक के दौरान विभिन्न स्वैच्छिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने प्रस्तावों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण करते हुए उपलब्ध मानव संसाधन,तकनीकी विशेषज्ञता,आधुनिक उपकरणों,पूर्व में संचालित पुनर्वास कार्यक्रमों तथा भविष्य की कार्ययोजना की जानकारी साझा की। संस्थाओं ने यह भी बताया कि वे किस प्रकार ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले दिव्यांगजनों तक सेवाएं पहुंचाने की रणनीति अपनाएंगी। साथ ही अर्जुन पोर्टल के माध्यम से दिव्यांगजनों को मिलने वाली सुविधाओं,ऑनलाइन पंजीकरण,प्रमाणपत्र,योजनाओं एवं अन्य लाभों की जानकारी भी विस्तार से प्रस्तुत की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने सभी प्रस्तावों का दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016,सोसायटी पंजीकरण अधिनियम-1860 तथा दर्पण पोर्टल पर अनिवार्य पंजीकरण सहित शासन द्वारा निर्धारित सभी मानकों के अनुरूप गंभीरता से परीक्षण किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र के संचालन में गुणवत्ता,पारदर्शिता एवं जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता होगी,ताकि दिव्यांगजनों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। बैठक में जिला प्रबंधन समिति के सदस्यों ने सभी प्रस्तावों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया तथा नियमानुसार आवश्यक अग्रिम कार्रवाई किए जाने पर सहमति व्यक्त की। अधिकारियों ने विश्वास जताया कि डीडीआरसी के प्रभावी संचालन से जनपद के दिव्यांगजनों के पुनर्वास,कौशल विकास,सामाजिक समावेशन एवं आत्मनिर्भरता को नई गति मिलेगी और वे शासन की कल्याणकारी योजनाओं का अधिकाधिक लाभ प्राप्त कर सकेंगे। बैठक में जिला पंचायतीराज अधिकारी जितेंद्र कुमार,जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र थपलियाल,अपर जिला समाज कल्याण अधिकारी अनिल सेमवाल,डॉ.अमित मेहरा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं स्वैच्छिक संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
