श्रीनगर में बहेगी भक्ति,रामकथा और गौसेवा की त्रिवेणी-गोपाल मणी महाराज के श्रीमुख से गूंजेगी धेनु मानस की अमृतधारा
श्रीनगर गढ़वाल। देवभूमि उत्तराखंड की ऐतिहासिक,धार्मिक एवं सांस्कृतिक नगरी श्रीनगर एक बार फिर भक्ति,संस्कृति,गौसेवा और राष्ट्रचेतना के अद्भुत संगम की साक्षी बनने जा रही है। अलकनंदा के पावन तट पर बसी यह प्राचीन नगरी सदियों से ऋषि-मुनियों की तपस्थली,संतों की साधना भूमि और सनातन संस्कृति की गौरवशाली धरोहर रही है। अब इसी पुण्यभूमि पर भगवान श्रीराम की मर्यादा,भारतीय संस्कृति के सनातन आदर्शों तथा गौमाता की महिमा का दिव्य संदेश जन-जन तक पहुंचाने के लिए सात दिवसीय श्रीराम कथा धेनु मानस (गौ टीका) का भव्य आयोजन होने जा रहा है। यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं,बल्कि समाज में संस्कार,सद्भाव,करुणा,गौसंरक्षण,पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्र निर्माण की चेतना जागृत करने वाला एक विराट आध्यात्मिक महायज्ञ सिद्ध होगा। अपर बाजार स्थित सराफा धर्मशाला मैदान में 12 अगस्त से 18 अगस्त तक पूज्य गोपाल मणि महाराज के श्रीमुख से श्रीराम कथा धेनु मानस (गौ टीका) की अमृतवर्षा होगी। यह आयोजन पूज्य गुरुदेव द्वारा एक वर्षीय गौमाता राष्ट्रमाता साधना के सफल उद्यापन के पावन अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। कथा में भगवान श्रीराम के आदर्शों के साथ गौसेवा,भारतीय संस्कृति,धर्म,राष्ट्र निर्माण तथा मानवीय मूल्यों का गहन आध्यात्मिक विवेचन किया जाएगा। भारतीय गौ क्रांति के महासचिव राजेन्द्र प्रसाद बड़थ्वाल ने बताया कि पूज्य गोपाल मणि महाराज ने उत्तरकाशी स्थित चोपड़ा धाम में पूरे एक वर्ष तक कठोर साधना,यज्ञ एवं मौन व्रत के माध्यम से गौमाता को राष्ट्रमाता का सम्मान दिलाने का संकल्प लेकर तपस्या की। इस महायज्ञ में देश के प्रतिष्ठित संतों,विद्वानों,आचार्यों एवं शंकराचार्य परंपरा के संतों का भी मार्गदर्शन एवं सहयोग प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि पूज्य महाराज ने अपना संपूर्ण जीवन गौसंरक्षण,गौसंवर्धन और भारतीय संस्कृति के संरक्षण के लिए समर्पित कर दिया है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि गौमाता के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए ठोस राष्ट्रीय नीति बनाई जाए तथा गौवंश पर होने वाले अत्याचारों पर प्रभावी अंकुश लगाया जाए। साथ ही गौ सेवा मंत्रालय के गठन की आवश्यकता पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि गौसंरक्षण केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं,बल्कि भारतीय संस्कृति,ग्रामीण अर्थव्यवस्था,पर्यावरण संरक्षण और मानवीय संवेदनाओं से जुड़ा राष्ट्रीय विषय है। यह सात दिवसीय आध्यात्मिक आयोजन भारतीय गौ क्रांति मंच श्रीनगर-श्रीकोट एवं स्थानीय श्रद्धालुओं के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं,धर्मप्रेमियों एवं गौभक्तों से कथा में सपरिवार सहभागिता कर धर्मलाभ अर्जित करने का आग्रह किया है। इस अवसर पर अध्यक्ष मंजू मैठाणी,सावित्री गैरोला,सुंदरी देवी,नीलम पोखरियाल,मंजू डोभाल,लक्ष्मी गैरोला,मुन्नी चमोली,मंजू मनोड़ी,गैणा देवी पंवार,पिंकी रावत,कलम सिंह,प्रकाश मैठाणी,विक्रम सिंह रावत,राजेन्द्र प्रसाद बड़थ्वाल सहित अनेक धर्मप्रेमी एवं गौसेवक उपस्थित रहे। सभी ने विश्वास व्यक्त किया कि यह आयोजन श्रीनगर ही नहीं,बल्कि पूरे गढ़वाल क्षेत्र में सनातन संस्कृति,गौसेवा और राष्ट्रचेतना का नया संदेश लेकर आएगा।
