Tuesday 04/ 08/ 2026 

Bharat Najariya
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राज्य

नीलकंठ कांवड़ यात्रा में प्रशासन की मिसाल-स्वच्छता,सुरक्षा और सुविधाओं का अभूतपूर्व प्रबंधन,श्रद्धालुओं के लिए हर कदम पर सेवा का संकल्प


पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। आस्था,सेवा और सुशासन का अद्भुत संगम इस समय नीलकंठ महादेव कांवड़ यात्रा में देखने को मिल रहा है। भगवान शिव के दर्शन के लिए उमड़ रहे लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा,सुरक्षा और सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन ने ऐसी व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं,जो इस वर्ष की कांवड़ यात्रा को सुव्यवस्थित और श्रद्धालु-अनुकूल बनाने की दिशा में एक नई मिसाल प्रस्तुत कर रही हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुपालन तथा जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया के कुशल नेतृत्व में प्रशासनिक अमला दिन-रात व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहा है,जिससे प्रत्येक श्रद्धालु सुरक्षित,स्वच्छ और सुगम वातावरण में अपनी यात्रा पूरी कर सके। जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया ने बताया कि कांवड़ यात्रा की प्रत्येक व्यवस्था की प्रतिदिन समीक्षा की जा रही है। इसके लिए तैनात जोनल एवं सेक्टर मजिस्ट्रेट लगातार क्षेत्र का निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत कर रहे हैं। यात्रा मार्गों पर स्वच्छता,पार्किंग,यातायात,चिकित्सा,विद्युत एवं पेयजल जैसी सभी आवश्यक सुविधाओं पर सतत निगरानी रखी जा रही है,ताकि किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न होने पर तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के सफल,सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित संचालन के लिए सभी विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी आपसी समन्वय के साथ पूरी निष्ठा एवं जिम्मेदारी से कार्य कर रहे हैं। प्रशासन का उद्देश्य केवल व्यवस्थाएं उपलब्ध कराना ही नहीं,बल्कि प्रत्येक श्रद्धालु को सहज,सम्मानजनक एवं सुरक्षित यात्रा का अनुभव प्रदान करना भी है। श्रद्धालुओं को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए यात्रा मार्ग पर लगातार अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन द्वारा बार-बार अपील की जा रही है कि श्रद्धालु कूड़ा निर्धारित स्थानों पर ही डालें तथा पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करें,जिससे देवभूमि की पवित्रता और प्राकृतिक सौंदर्य अक्षुण्ण बना रहे। अपर मुख्य अधिकारी (एएमए) जिला पंचायत संजय खण्डूरी ने बताया कि नीलकंठ क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के लिए जिला पंचायत द्वारा 5 जुलाई से ही 50 सफाई कर्मियों की तैनाती की गई है। प्रतिदिन कूड़े के वैज्ञानिक निस्तारण हेतु चार कूड़ा पिकअप वाहन लगातार संचालित किए जा रहे हैं,जो यात्रा मार्ग से एकत्रित अपशिष्ट को निस्तारण केंद्र तक पहुंचा रहे हैं। श्रद्धालुओं के वाहनों की सुगम पार्किंग के लिए जिला पंचायत द्वारा 60 वाहनों की क्षमता वाली निःशुल्क पार्किंग की व्यवस्था की गई है। पार्किंग स्थल पर महिलाओं एवं पुरुषों के लिए पृथक-पृथक सुविधाओं सहित आधुनिक शौचालय बनाए गए हैं। इसके अतिरिक्त निकासी द्वार तथा पीपलकोटी से पार्किंग स्थल के मध्य बायो-टॉयलेट भी स्थापित किए गए हैं,जिससे यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। महिला श्रद्धालुओं की गरिमा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यात्रा मार्ग पर विशेष पिंक टॉयलेट स्थापित किए गए हैं। इन टॉयलेटों में नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। वहीं धात्री माताओं एवं शिशुओं की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अमृत कक्ष (फीडिंग रूम) की व्यवस्था भी की गई है,जो महिला श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत उपयोगी और सराहनीय पहल साबित हो रही है। मंदिर मार्ग पर विभिन्न क्षमता वाले कुल चार शौचालय स्थापित किए गए हैं,जिनकी नियमित साफ-सफाई के लिए कार्मिकों की रोस्टरवार ड्यूटी लगाई गई है। यात्रा मार्ग पर सूखे एवं गीले कचरे के पृथक संग्रहण हेतु 22 कूड़ेदान लगाए गए हैं,जिन्हें प्रतिदिन तीन बार खाली कर निस्तारण केंद्र भेजा जा रहा है। बरसात के मौसम में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मंदिर जाने वाले मार्गों पर नियमित रूप से ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया जा रहा है,जिससे फिसलन की संभावना कम हो और संक्रमण का खतरा भी न रहे। साथ ही नीलकंठ क्षेत्र की स्वच्छता व्यवस्था की निरंतर निगरानी एवं संचालन के लिए जिला पंचायत के 10 कार्मिक स्थायी रूप से तैनात किए गए हैं। जिला प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें,स्वच्छता बनाए रखने में सक्रिय सहयोग दें तथा धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण का भी संकल्प लें। प्रशासन का विश्वास है कि जनसहयोग और सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं के बल पर नीलकंठ महादेव कांवड़ यात्रा इस वर्ष भी सुरक्षित,स्वच्छ,अनुशासित और ऐतिहासिक रूप से सफल सिद्ध होगी।

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