थैलीसैंण में स्वास्थ्य सेवाओं की बड़ी पहल-तीन दिवसीय बहु विशेषज्ञ शिविर में 768 मरीजों की जांच

पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उनके नजदीक उपलब्ध कराने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग पौड़ी की पहल से बड़ी संख्या में ग्रामीणों को लाभ मिला। सेवा,सुशासन एवं समर्पण के संकल्प के तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थैलीसैंण में आयोजित तीन दिवसीय बहु विशेषज्ञ निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर के तीसरे और अंतिम दिन 254 शिविरार्थियों की विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य जांच की गई और आवश्यकतानुसार उन्हें निशुल्क दवाएं वितरित की गईं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.मेघना असवाल के निर्देशन में आयोजित यह स्वास्थ्य शिविर 9 से 11 अगस्त 2026 तक संचालित हुआ। तीन दिनों में कुल 768 मरीजों की जांच कर उन्हें निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं एवं दवाएं उपलब्ध कराई गईं। शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों की मौजूदगी ने क्षेत्रीय लोगों को अपने ही क्षेत्र में विशेषज्ञ चिकित्सा परामर्श का अवसर प्रदान किया विशेषज्ञ चिकित्सकों ने किया मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण शिविर में विभिन्न रोगों से संबंधित मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा परामर्श एवं उपचार उपलब्ध कराया गया। तीन दिनों में जनरल मेडिसिन के 329, हड्डी रोग के 196,नेत्र रोग के 121,स्त्री रोग के 31 तथा ईएनटी के 45 मरीजों की जांच की गई। इसके अलावा 118 लोगों की रक्त जांच,257 लोगों की गैर-संचारी रोग (एनसीडी) स्क्रीनिंग,43 लोगों के टीबी एक्स-रे तथा 20 लोगों की टीबी स्क्रीनिंग की गई। शिविर में स्वास्थ्य जांच के साथ-साथ जरूरतमंद लोगों को सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं से जोड़ने का भी प्रयास किया गया। इस दौरान 5 दिव्यांग प्रमाण पत्र और 6 आयुष्मान कार्ड बनाए गए। शिविर में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को केवल उपचार तक सीमित न रखते हुए स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सा कर्मियों ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित जनकल्याणकारी कार्यक्रमों एवं विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी भी दी। लोगों को गैर-संचारी रोगों की समय पर जांच,टीबी के लक्षणों की पहचान,नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के प्रति जागरूक किया गया। स्वास्थ्य कर्मियों ने लोगों को समझाया कि बीमारी बढ़ने का इंतजार करने के बजाय समय रहते जांच और उपचार कराना स्वास्थ्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। स्वास्थ्य विभाग की इस पहल का उद्देश्य पर्वतीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाओं के लिए लंबी दूरी तय करने से राहत दिलाना है। थैलीसैंण जैसे पर्वतीय क्षेत्र में एक ही स्थान पर विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं मिलने से स्थानीय ग्रामीणों को काफी सुविधा मिली। शिविर में बड़ी संख्या में बुजुर्गों,महिलाओं और ग्रामीणों ने पहुंचकर अपनी स्वास्थ्य जांच कराई। इससे स्वास्थ्य विभाग की ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंच और जनस्वास्थ्य को लेकर सक्रियता भी सामने आई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.मेघना असवाल ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि 12 से 14 अगस्त 2026 तक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र यमकेश्वर में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा निशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएंगी। उन्होंने जनपद के क्षेत्रवासियों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में यमकेश्वर में आयोजित होने वाले स्वास्थ्य शिविर में पहुंचें और विशेषज्ञ चिकित्सकों से निशुल्क जांच,परामर्श एवं उपचार का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि जनपद के दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों और उन्हें सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं के लिए अनावश्यक रूप से दूरस्थ अस्पतालों की दौड़ न लगानी पड़े। शिविर में प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ.खुशबू खत्री,डॉ.अंकिता रावत,डॉ.अगमकांत,डॉ.मोहित,डॉ.समीक्षा,डॉ.जयशंकर,सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी नीतू,श्वेता,एएनएम विनीता सहित आशा कार्यकत्रियों एवं स्वास्थ्य विभाग के अन्य कार्मिकों ने सक्रिय सहयोग किया। थैलीसैंण में तीन दिनों तक चला यह स्वास्थ्य शिविर ग्रामीणों के लिए उपचार के साथ जागरूकता,जांच और सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बना।
