नगर निगम से सेवानिवृत्त हुए दिनेश मिश्रा-राजकीय सेवा से विदाई,समाज से नहीं-श्रीनगर की धार्मिक सांस्कृतिक चेतना के सशक्त प्रहरी

श्रीनगर गढ़वाल। श्रीनगर की धार्मिक,सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में लंबे समय से सक्रिय सहभागिता निभाने वाले नगर निगम श्रीनगर के कर्मचारी दिनेश मिश्रा के सेवानिवृत्त होने पर नगर निगम सभागार में आयोजित विदाई समारोह भावुकता,आत्मीयता और सम्मान से भर उठा। वर्षों तक नगर पालिका श्रीनगर एवं नगर निगम श्रीनगर में अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने वाले दिनेश मिश्रा को सहकर्मियों,जनप्रतिनिधियों,अधिकारियों एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने भावभीनी विदाई देते हुए उनके स्वस्थ,सुखमय एवं दीर्घ जीवन की कामना की। दिनेश मिश्रा की पहचान केवल एक कर्मठ कर्मचारी के रूप में नहीं रही,बल्कि उन्होंने अपने सेवाकाल के समानांतर श्रीनगर की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को मजबूत करने में भी उल्लेखनीय भूमिका निभाई। नगर क्षेत्र तथा आसपास के मठ-मंदिरों में आयोजित धार्मिक अनुष्ठानों,भजन-कीर्तन,भजन संध्याओं एवं सांस्कृतिक आयोजनों में उनकी सक्रिय भागीदारी निरंतर बनी रही। विशेष रूप से श्रीयंत्र भजन मंडली के माध्यम से उन्होंने साथियों की पूरी टीम के साथ विभिन्न मठ-मंदिरों में भजन-कीर्तन एवं भजन संध्याओं के आयोजन में महत्वपूर्ण योगदान दिया। भक्ति संगीत के माध्यम से समाज को जोड़ना और धार्मिक आयोजनों को सामाजिक एकजुटता का माध्यम बनाना उनकी विशेष पहचान रही है। श्रीयंत्र भजन मंडली के साथ आयोजित होने वाली भजन संध्याओं में क्षेत्र के श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल होते रहे हैं। इन आयोजनों में जहां भगवान की भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिलता है,वहीं लोक संस्कृति,सामाजिक समरसता और सामूहिक सहभागिता का भी सुंदर संगम दिखाई देता है। दिनेश मिश्रा की यही सक्रियता उन्हें श्रीनगर की धार्मिक-सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़े प्रमुख सहयोगियों में अलग स्थान दिलाती है। दिनेश मिश्रा ने नगर पालिका एवं बाद में नगर निगम श्रीनगर में लंबे समय तक सेवाएं दीं। उनके सेवाकाल में नगर क्षेत्र की विभिन्न व्यवस्थाओं में उनके योगदान को सहकर्मियों ने याद किया। विशेष रूप से नगर पालिका एवं नगर निगम के विस्तारित क्षेत्र में विद्युत व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए किए गए उनके कार्यों की सराहना की गई। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि किसी कर्मचारी की वास्तविक पहचान केवल उसके पद और कार्यकाल से नहीं होती,बल्कि उसकी कार्यशैली,व्यवहार,जिम्मेदारी के प्रति निष्ठा और समाज के प्रति उसके योगदान से होती है। इस कसौटी पर दिनेश मिश्रा ने अपने सेवाकाल में एक जिम्मेदार कर्मचारी के साथ-साथ सामाजिक एवं धार्मिक गतिविधियों से जुड़े सक्रिय नागरिक की भूमिका भी निभाई। नगर निगम श्रीनगर की महापौर आरती भण्डारी की ओर से दिनेश मिश्रा को सेवानिवृत्ति पर शुभकामनाएं देते हुए कहा गया कि उन्होंने नगर पालिका एवं नगर निगम में लंबे समय तक निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ सेवाएं दी हैं। नगर क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। महापौर ने कहा कि सेवानिवृत्ति सरकारी सेवा का समापन है,समाज के प्रति जिम्मेदारियों का नहीं। दिनेश मिश्रा जिस प्रकार धार्मिक,सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं,उससे उम्मीद है कि वे भविष्य में भी इसी ऊर्जा और उत्साह के साथ समाज एवं संस्कृति की सेवा करते रहेंगे। उन्होंने उनके आगामी जीवन के लिए स्वस्थ,सुखी एवं मंगलमय जीवन की कामना की। नगर निगम सभागार में आयोजित विदाई समारोह में महापौर आरती भण्डारी,नगर आयुक्त नूपुर वर्मा,सहायक नगर आयुक्त गायत्री बिष्ट,मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक शशि पंवार,भाजपा महानगर अध्यक्ष विनय घिल्डियाल,समाजसेवी लखपत सिंह भण्डारी,निगम के सम्मानित पार्षद देवेंद्र मणि मिश्रा,विजय चमोली,प्रवेश चमोली,आशीष नेगी एवं शुभम प्रभाकर सहित निगम के अधिकारी-कर्मचारी एवं सफाई नायक मौजूद रहे। इस दौरान सहकर्मियों एवं उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने दिनेश मिश्रा के साथ बिताए सेवाकाल के अनुभव साझा किए और उनके सरल व्यवहार,सहयोग की भावना एवं कार्य के प्रति समर्पण को याद किया। दिनेश मिश्रा की सेवानिवृत्ति उनके लंबे राजकीय सेवाकाल का एक महत्वपूर्ण पड़ाव जरूर है,लेकिन श्रीनगर की धार्मिक-सांस्कृतिक गतिविधियों में उनकी सक्रिय यात्रा के लिए यह किसी विराम का संकेत नहीं है। भजन-कीर्तन,मंदिरों में धार्मिक आयोजन,सांस्कृतिक संरक्षण और सामाजिक सरोकारों से उनका जुड़ाव आगे भी कायम रहने की उम्मीद है। कहा जाए तो दिनेश मिश्रा की यात्रा इस बात की मिसाल है कि व्यक्ति सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त हो सकता है,लेकिन समाज और संस्कृति के प्रति समर्पण से नहीं। यही उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि और श्रीनगर की सामाजिक-सांस्कृतिक चेतना में उनकी सबसे खूबसूरत पहचान है।
