जसपुर में आज मंडी में धान की तुलाई नहीं होने से नाराज किसानों ने तहसील परिसर में धरना शुरू कर दिया। किसानों का आरोप है कि कच्चे आढ़तियों की धान तुलाई नहीं होने के चलते उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, किसान अपनी फसल को औने-पौने दामों पर बेचने को मजबूर हैं।
मामले को लेकर मौके पर पहुंचे मंडी सचिव और राइस मिलरों के साथ किसानों ने बातचीत की और अपनी मांगें रखीं। किसानों की मांग है कि मंडी में प्रतिदिन 1200 कुंतल धान की तुलाई सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए परेशान न होना पड़े।
किसानों ने साफ कहा कि यदि उनकी मांगों को नहीं माना गया और धान की तुलाई की उचित व्यवस्था नहीं की गई, तो वे धरना जारी रखने को मजबूर होंगे। अब देखना होगा कि किसानों की मांगों पर जिम्मेदार अधिकारी क्या कदम उठाते हैं और धान की तुलाई को लेकर समस्या का समाधान कब तक हो पाता है
– प्रेम सिंह सहोता किसान नेता ने कहा सीजन की खरीद चल रही है, लेकिन जो कच्चे आढ़त की तौल है, उसमें व्यवधान आ रहा है और वह अभी सुचारू रूप से नहीं हो पा रही है। कुछ ट्रालियां गई थीं, उनकी भी शिक्षार देने को मिलर्स तैयार नहीं हैं। इस समय मिलर्स आए हुए हैं और अपनी सलाह-मशवरे कर रहे हैं रजिस्ट्रेशन हुए कई दिन हो गए हैं, लेकिन वे कह रहे हैं कि हमें कोड नहीं मिला, । ये सब बहाने हैं, किसान को लूटने का काम किया जा रहा है। 10 दिन सीजन का चला गया है और 10 दिन और है। जब किसान के हाथ से माल और धान पौने-पौने दामों में निकल जाएगा, तब ये सारी चीजें सोना बन जाएंगी और सारे सिस्टम सेट हो जाएंगे। यह मिलीभगत रहती है और मिलीभगत करके किसानों को समय से अपना धान न तौलकर परेशान किया जाता है। और बाद में पूरा सिस्टम सेट हो जाता है। इसलिए हम आए थे कि कच्चे आढ़त की तौल चालू होनी चाहिए। सरकार ने जो व्यवस्था बनाई है, उसके तहत हमारे किसानों का मिलर्स को सहयोग करना चाहिए।
