Thursday 05/ 03/ 2026 

Bharat Najariya
हिंदुओं की आस्था पर चोट बर्दाश्त नहींः विकास शर्माहुड़दंगियों को बक्शा नहीं जायेगा एसएसपीरिपोर्ट नसीम अहमदस्थान अल्मोड़ाएंकर अल्मोड़ा में 76 खोए मोबाइल मालिकों को किए सुपुर्दवरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर घोडके द्वारा जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्रों से बरामद किए गए खोए हुए मोबाइल फोन उनके वास्तविक स्वामियों को सुपुर्द किए गए। पुलिस की तत्परता से कुल 76 मोबाइल फोन, जिनकी अनुमानित कीमत करीब साढ़े 11 लाख रुपये बताई गई है, संबंधित मालिकों को वापस सौंपे गए। सोमवार को पुलिस कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान एसएसपी ने मोबाइल प्राप्त करने आए लोगों को फोन सौंपते हुए कहा कि आमजन की संपत्ति की सुरक्षा और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान पुलिस की प्राथमिकता है। उन्होंने साइबर सेल और संबंधित थाना पुलिस की टीमों की सराहना करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक और सतत प्रयासों से यह सफलता संभव हो सकी है। एसएसपी ने कहा कि होली पर्व के दौरान हुड़दंग करने वालों लोगों से सख्ती से निपटा जाएगानगर निगम में जमकर उड़ा अबीर गुलालश्रीनगर में रतूड़ा बैण्ड पर कूड़ेदान और कुर्सियां सड़क से नीचे फेंकी गईं,स्वच्छ भारत अभियान की भावना को ठेसरंगों से सजेगा सौहार्द का मंच-भागीरथी कला संगम और अवकाश प्राप्त कर्मचारी संगठन की होली मिलन को लेकर संयुक्त बैठकदेवप्रयाग में पेयजल क्रांति की शुरुआत-विधायक विनोद कंडारी ने कीर्तिनगर क्षेत्र में 91 लाख से अधिक की योजनाओं का किया शिलान्यासचौथान में स्वास्थ्य का महाअभियान-रिक्साल गांव में 250 से अधिक मरीजों की निःशुल्क जांच,विशेषज्ञ डॉक्टरों ने दी परामर्श सेवाउत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं की ऐतिहासिक छलांग-हर ब्लॉक में रेडियोलॉजिस्ट,टेक्नीशियन होंगे तैनात–डॉ.धन सिंह रावतदीदी कैफे बना पहाड़ के स्वाद और स्वाभिमान की पहचान-मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल से स्वरोजगार को नई उड़ान

भीषण आपदा ने पहाड़ों में जो कहर बरपाया उसे कौन भूल सकता हैं हजारों लोगो के आशियाने लोगो के सामने ही नदी में समा गए देवभूमि पूरी तरह से प्रकृति के आक्रोश से भयभीत हो उठी हर जगह बर्बादी की मंजर नजर आ रहा था माहौल था अफरातफरी का तो वही शासन प्रशासन को भी कुछ समझ नही आ रहे था। जिसके बाद आपदा से निपटने को लेकर बड़े– बड़े दावे किए गए। बड़े– बड़े नेता पहाड़ों में आकर भविष्य में इस तरह की आपदा से निपटने के लिऐ ठोस कदम उठाने की लिए बात कर रहे थे लेकिन इस साल की पहली मानसूनी बारिश ने ही सरकार की पोल खोल कर रख दी है जिन रास्तों के जरिए सरकार लोगो को बचाने का दावा करती थी वह रास्ते पहली बारिश मे ही तहस नहस हो गए। जिन पुलो के जरिए आपदा राहत दलों को लोगो की सुरक्षा के लिए भेजा जाना था वो पुल भी नही रहे हैं।
मगर वहा बारिश के दौरान मोबाइल टावरों के सिग्नल ही बंद हो गए जिस कारण कई गांव तो ऐसे थे जिनका संपर्क पूरी तरह से देश और दुनिया मे पूरी तरह से टूट चुका था तो वही उफान भर रही नदियों के किनारे बाढ़ सुरक्षा दिवारे भी कई जगह नजर नही आ रही थी जो पूरी तरह से लोगो को साल 2013 मे आयी भीषण आपदा की याद दिला रही थी वो तो प्रकृति का शुक्र हैं कि बारिश कुछ दिनों बाद ही रुक गई और नदियों का जलस्तर कम हो गया। लेकिन सरकार के तमाम आपदा विकास कार्यों की पोल खुल गई।
वही जुलाई माह में मौसम विभाग की चेतावनी एक बार फिर दे दी गयी है।
वही शासन ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वो आपदा प्रबंधन टीम को सावधान कर दें लेकिन एक बार फिर हो रही बारिश ने लोगो को परेशान कर दिया और यह भी सवाल खड़ा कर दिया कि आखिर हमारी सरकार कब बेहतर योजना बनायेगी।