Saturday 27/ 06/ 2026 

Bharat Najariya
लोकतंत्र का काला अध्याय 25 जून1975मसूरी के युवा अधिवक्ता आर्यन देव उनियाल को मिली बड़ी जिम्मेदारीग्राम बूंगा में उत्तरा केयर अस्पताल का निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर सम्पन्न,41 लोगों ने उठाया लाभमसूरी में अब फास्टैग से कटेगा पर्यटन शुल्क!, माल रोड और कोलू खेत बैरियर पर डिजिटल व्यवस्था की तैयारी,मसूरी मोतीलाल नेहरू मार्ग पर अवैध पार्किंग पर लगेगा ब्रेक, सड़क के बीच डिवाइडर लगने से जाम से मिलेगी राहत, स्थानीय लोगों ने किया स्वागतखेत बचाओ अभियान कार्यक्रम मे पुष्पवर्षा कर केन्द्रीय कृषि मंत्री एवं मुख्यमंत्री का किया भव्य स्वागत।राष्ट्रीय स्वर्णकार संघ ने संजय कुमार गर्ग का किया भव्य सम्मानरक्तदाता देवदूत से कम नहीं – रितु डोभालआपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक काला अध्याय-धामी,सितारगंज निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर रोटरी क्लब आफ सितारगंज द्वारा छविल लगाकर जल एवं चने का किया गया वितरण
उत्तराखण्ड

जखोली में कृषि औद्यानिक एवं पर्यटन विकास मेले के दूसरे दिन रंगारंग कार्यक्रमों की धूम

रुद्रप्रयाग/जखोली/श्रीनगर गढ़वाल। विकास खंड मुख्यालय जखोली में आयोजित पांच दिवसीय कृषि,औद्यानिक एवं पर्यटन विकास मेला इन दिनों अपनी रंगत पर है। मेले के दूसरे दिन का मंच पूरी तरह स्कूली बच्चों और स्थानीय कलाकारों के नाम रहा,जिन्होंने एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से न केवल दर्शकों का मनोरंजन किया बल्कि अपनी प्रतिभा से सभी का दिल जीत लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं केदारनाथ विधायक के प्रतिनिधि वाचस्पति सेमवाल,विशिष्ट अतिथि भाजपा जिला उपाध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह भंडारी,पूर्व प्रमुख प्रदीप थपलियाल तथा अगस्त्यमुनि ब्लॉक प्रमुख भुवनेश्वरी देवी द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। अतिथियों ने संयुक्त रूप से कहा कि मेले हमारी संस्कृति,परंपरा और सामाजिक एकता के प्रतीक हैं। ऐसे आयोजनों से न केवल स्थानीय उत्पादों और प्रतिभाओं को मंच मिलता है,बल्कि नई पीढ़ी में भी सांस्कृतिक चेतना का संचार होता है। मेला संयोजक एवं ब्लॉक प्रमुख विनीता चमोली तथा ज्येष्ठ प्रमुख नवीन सेमवाल ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि मेले का उद्देश्य किसानों,बागवानों और स्थानीय लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देना तथा आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रेरित करना है। उन्होंने मेले में मिल रहे जनसहयोग के लिए सभी का आभार भी व्यक्त किया। इस दौरान विभिन्न विभागों के सूचना स्टॉल और प्रदर्शनी लोगों के आकर्षण का केंद्र बने रहे। कृषि,उद्यान,पशुपालन,जलसंरक्षण,महिला सशक्तिकरण और हस्तशिल्प से जुड़े विभागों की झांकियां दर्शकों को शिक्षित और प्रेरित कर रही हैं। दूसरे दिन मंच पर प्रस्तुतियों की झड़ी लगी रही। नागेन्द्र इंटर कॉलेज बजीरा की छात्राओं ने भावपूर्ण स्वागत गीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद राजकीय इंटर कॉलेज पांजणा,ओंकारानंद इंटर कॉलेज जखोली,राजकीय इंटर कॉलेज रामाश्रम,सरस्वती शिशु मंदिर जखोली,राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चौंरा,राजकीय इंटर कॉलेज जयंती कौठियाड़ा,राजकीय प्राथमिक विद्यालय कपणियां,सरस्वती विद्या मंदिर बुढ़ना,राजकीय इंटर कॉलेज गोर्ती और बच्चवाड़ विद्यालय के बच्चों ने लोकनृत्य,समूहगान,गढ़वाली झोड़ा-चांचरी और देशभक्ति गीतों से समूचे वातावरण को उत्सवमय बना दिया। शिक्षक माधव सिंह नेगी द्वारा प्रस्तुत धर्म और अहंकार पर आधारित नाटक-द्रौपदा की लाज दर्शकों को देर शाम तक बांधे रखा। इस नाटक के गहरे सामाजिक संदेश ने दर्शकों की खूब वाहवाही लूटी। इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख विनीता चमोली,पूर्व प्रमुख प्रदीप थपलियाल,ज्येष्ठ उप प्रमुख नवीन सेमवाल,कनिष्ठ उप प्रमुख राजेन्द्र सिंह रावत,पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख अर्जुन गहरवार,नागेन्द्र पंवार,प्रधानाचार्य गोविंद सिंह नेगी,भाजपा नेता गिरवीर रावत,डॉ.जगदम्बा चमोली,हयात सिंह राणा,सत्यप्रसाद भट्ट,प्रीती बिष्ट,योगेश उनियाल,सतीश राणा समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रमुख विनीता चमोली ने की,जबकि संचालन शिक्षक गिरीश बडोनी,विनोद ममगांई और कालीचरण रावत ने कुशलता से संपन्न किया। मेले के दूसरे दिन का समापन तालियों की गड़गड़ाहट और बच्चों की उमंगों के साथ हुआ,जिसने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि जखोली न केवल कृषि और पर्यटन की भूमि है,बल्कि यह संस्कृति और परंपरा की जीवंत धारा भी है।

Check Also
Close