Saturday 27/ 06/ 2026 

Bharat Najariya
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उत्तराखण्ड

36 वर्षों की शिक्षण यात्रा को मिला सम्मान-प्रधानाचार्य राजेन्द्र प्रसाद किमोठी आदर्श शिक्षक के रूप में सम्मानित

श्रीनगर गढ़वाल। कारगिल शहीद कुलदीप सिंह राजकीय इंटर कॉलेज खण्डाह के प्रतिष्ठित प्रधानाचार्य राजेन्द्र प्रसाद किमोठी को उनके दीर्घ,अनुकरणीय एवं प्रेरणादायी शैक्षणिक योगदान के लिए विद्यालय प्रबंधन समिति एवं अभिभावक-शिक्षक संघ की ओर से सम्मानित किया गया। यह सम्मान समारोह विद्यालय प्रांगण में अत्यंत गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया,जहां शिक्षकों,अभिभावकों,पूर्व विद्यार्थियों और गणमान्य नागरिकों ने बड़ी संख्या में उपस्थिति दर्ज की। अध्यक्ष बीना गुंसाई एवं सदस्य मनोज बिष्ट ने संयुक्त रूप से कहा कि राजेन्द्र प्रसाद किमोठी न केवल एक कुशल शिक्षक बल्कि एक दूरदर्शी प्रशासक, मार्गदर्शक और विद्यार्थियों के जीवन में उजाला भरने वाले सच्चे गुरु हैं। उनकी कार्यशैली ने न केवल विद्यालय को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया बल्कि खण्डाह क्षेत्र में शिक्षा के स्तर को नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि किमोठी जी का व्यक्तित्व विनम्रता,सरलता,अनुशासन और नैतिक मूल्यों का अद्भुत संगम है। 36 वर्षों की सेवा यात्रा में उन्होंने सदैव गुरु-परंपरा का सम्मान करते हुए विद्यार्थियों के समग्र विकास को प्राथमिकता दी। उनकी वक्तृत्व-कला,निर्णय क्षमता और नेतृत्व गुणों ने विद्यालय को एक आदर्श संस्थान के रूप में स्थापित किया है। समारोह में बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपने प्रिय प्रधानाचार्य के प्रति आभार और स्नेह प्रकट किया। कार्यक्रम के दौरान किमोठी जी को शाल,स्मृति चिन्ह एवं उपहार भेंट कर सम्मानित किया गया। सम्मान ग्रहण करते हुए विनम्र भाव से प्रतिक्रिया देते हुए राजेन्द्र प्रसाद किमोठी ने कहा यह सम्मान मेरा नहीं बल्कि मेरे सभी साथियों,विद्यार्थियों और अभिभावकों की साझा उपलब्धि है। शिक्षा केवल ज्ञान देने का नहीं,बल्कि समाज को संस्कारवान बनाने का माध्यम है,यही मेरे जीवन का उद्देश्य रहा है। इस अवसर पर क्षेत्र के अनेक गणमान्य व्यक्ति विक्रम सिंह नेगी,दलवीर सिंह शाह,हेमचन्द्र ममगाई,भाष्करानंद गौड़,महेश गिरी,भगवती प्रसाद गौड़,कुंज बिहारी सकलानी, लक्ष्मी सेन, सुनीता आर्य,अनीता देवी,जसपाल सिंह बिष्ट,राजवीर सिंह बिष्ट,कुसुमलता थपलियाल,श्याम सिंह बब्बू सहित बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे। सभी ने सर्वसम्मति से कहा कि राजेन्द्र प्रसाद किमोठी जैसे समर्पित शिक्षकों की बदौलत ही ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का दीपक निरंतर प्रज्वलित है।

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