Tuesday 24/ 02/ 2026 

Bharat Najariya
सोशल मीडिया पर भगवान राम माता सीता के लिये अभद्र भाषा का प्रयोग करने वाले आकाश बाबू के खिलाफ भारी आक्रोश! विधायक शिव अरोरा हिन्दू सगठनो के साथ पहुँचे ट्रांजिष्ट कैम्प थाना कोतवाल को निर्देशित कर बोले उसका ऐसा इलाज हो सात पुश्ते याद करे, पुलिस सुनिश्चित कर ले देवभूमि मे अब रामद्रोही नजर नहीं आना चाहिएऐतिहासिक स्वागत उत्तराखंड राज्य हज समिति के अध्यक्ष पद पर कविज खतीब अहमदजिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने निर्माणाधीन एम्स किच्छा का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होने निर्माण कार्यो की धीमी गति पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए श्रमिकों की संख्या व उपकरण बढ़ाते हुए कार्यो में गति लाकर आगामी माह मई तक चिकित्सालय कार्य पूर्ण करने के निर्देश महाप्रबंधक नागार्जुन कन्सट्रेशन कम्पनी (एनसीसी) शंकर बालू को दिये। उन्होने कहा प्राथमिकता से चिकित्सालय के प्रशासनिक भवन व ओपीडी भवनों को कार्ययोजना बनाते हुए प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश दिये ताकि शीघ्रता से ओपीडी प्रारम्भ की जा सकें साथ ही उन्होने केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग के अभियंता को मेडिकल उपकरणों व फर्नीचर खरीद हेतु फर्मो को आर्डर करने के निर्देश भी दिये।जिलाधिकारी ने चिकित्सालय निर्माण कार्यो के साथ ही इलैक्ट्रीकल व मैकेनिकल कार्यो का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होने मुख्य चिकित्साधिकारी, उप जिलाधिकारी को प्रत्येक पाक्षिक कार्य प्रगति की मॉनिटरिंग करते हुए कार्य प्रगति रिपोर्ट देने के निर्देश मौके पर दिये।इसके उपरांत जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन मेडिकल व नर्सिग स्टाफ आवासों का भी निरीक्षण किया। उन्होने कार्यो की गुणवत्ता व सयबद्धता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश कार्यदायी संस्थाओं के अभियंताओ को दियें। निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक एनसीसी ने बताया कि चिकित्सालय भवन के दो फ्लोरो का कार्य आगामी माह मई तक पूर्ण कर लिए जायेगें तथा शेष कार्य माह जुलाई तक पूर्ण कर लिए जायेगें। उन्होने बताया कि मेडिकल व नर्सिंग स्टाफ के आवासीय भवनों का कार्य 80 से 85 प्रतिशत कार्य पूर्ण कर लिया गया है, शेष कार्य भी शीघ्र पूर्ण कर लिया जायेगा। उन्होने बताया कि एम्स चिकित्सालय के पेंटिंग हेतु कलर की स्वीकृति मिल गयी है। निर्माण कार्य पूर्ण होते ही पेंटिग का कार्य भी प्रारम्भ कर दिया जायेगा। केन्द्रीय लोनिवि के अभियंता ने बताया कि मेडिकल उपकरणों का आर्डर फर्मो को दे दिया गया है तथा फर्नीचर के सैम्पल ले लिए गये है, सैम्पल स्वीकृत होते ही फर्नीचर का आर्डर भी शीघ्र दिया जायेगा।जिलाधिकारी ने एसटीपी कार्यो में भी गति लाकर शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिये साथ ही ड्रेनेज कार्य भी अधिशासी अभियंता सिंचाई से मिलकर कराने के निर्देश दिये।निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 केके अग्रवाल, उप जिलाधिकारी गौरव पाण्डेय, अधिशासी अभियंता सिंचाई बीएस डांगी, एजीएम एनसीसी अजौय, प्रबंधक हरिशंकर, अरूण सिंह, सहायक अभियंता सीपीडब्लूडी राकेश पटेल, तहसीलदार गिरीश त्रिपाठी आदि मौजूद थे।अधिवक्ता का पेशा चुनौतीपूर्ण, जनहित सर्वोपरि: जिलाधिकारीटीएमयू का फिजिकल एजुकेशन कॉलेज फिरचैंपियन ऑफ द चैंपियंसमुखानी रोड पनचक्की पर सड़क हादसे में बुजुर्ग की मौत पर डीएम रयाल ने मजिस्ट्रेटी जांच के आदेशहल्द्वानी अंबिका विहार के पंचक्की रोड पर सड़क हादसे में बुजुर्ग की मौत के बाद जिला प्रशासन हरकत में आए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला अधिकारी ललित मोहन रयाल ने मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दे दिए हैं। जिला अधिकारी ने स्पष्ट किया है की हादसे के कर्म निर्माण कार्यों में बस्ती गई लापरवाही और जिम्मेदार अधिकारियों संस्थाओं की भूमिका की गहन जांच की जाएगी। पूरे प्रकरण की जांच सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेई को सोफी गई है। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि निर्धारित समय सीमा में विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करें। प्रशासन ने संकेत दिए हैं की यदि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद शहर में चल रहे निर्माण कार्य की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर भी प्रशासन सतर्क नजर आ रहा है।रिपोर्टर । महेंद्र कुमार खबर पड़ताल हल्द्वानी नैनीताल उत्तराखंडभव्य हिंदू सम्मेलन में की सैकड़ो लोगों ने सहभागिताजल की रक्षा, सृष्टि की सुरक्षाउत्तराखंड पुलिस का सख्त एक्शन: सितारगंज में 03 फरार वारंटी धर दबोचे, वारंट तामीली अभियान ने पकड़ी रफ्तार।
उत्तराखण्ड

मुख्यमंत्री धामी ने किया श्रीनगर बैकुंठ चतुर्दशी मेला एवं विकास प्रदर्शनी का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन


पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। देवभूमि श्रीनगर के ऐतिहासिक आवास विकास मैदान में आज परंपरा,श्रद्धा और विकास का भव्य संगम देखने को मिला। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल माध्यम से बैकुंठ चतुर्दशी मेला एवं विकास प्रदर्शनी का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया,नगर निगम श्रीनगर की मेयर आरती भण्डारी,नगर आयुक्त नुपुर वर्मा और विभिन्न जनप्रतिनिधि,प्रशासनिक अधिकारी,सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु और नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक लोकधुनों,दीप प्रज्ज्वलन और स्वागत गीतों से हुआ। पीएम श्री राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की छात्राओं ने पारंपरिक वेशभूषा में अतिथियों का स्वागत कर देवभूमि की संस्कृति की झलक प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वीडियो संदेश के माध्यम से श्रीनगर वासियों को बैकुंठ चतुर्दशी की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि श्रीनगर का यह मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं,बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक आत्मा का प्रतीक है। यह मेला लोक-आस्था,परंपरा,हस्तशिल्प ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा श्रीनगर गढ़वाल शिक्षा-संस्कृति और आध्यात्मिकता की धरती है। बैकुंठ चतुर्दशी मेला यहां की पहचान है,इसे सहेजना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। सरकार का लक्ष्य है कि ऐसे मेलों को राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान मिले। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार देवभूमि की सांस्कृतिक एवं धार्मिक धरोहरों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। चाहे श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मास्टर प्लान के अंतर्गत पुनर्निर्माण कार्य हों या ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेललाइन हर दिशा में विकास कार्य तीव्र गति से प्रगति पर हैं। मुख्यमंत्री ने श्रीनगर क्षेत्र के विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि अलकनंदा तट पर गंगा संस्कृति केंद्र की स्थापना,रोडवेज बस स्टेशन पर पार्किंग निर्माण और नगर निगम के माध्यम से स्वच्छता,सौंदर्यीकरण और बुनियादी ढांचे का विस्तार तेजी से किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने बताया कि बिल्लकेदार एवं बेलकंडी क्षेत्र में नई टाउनशिप विकसित करने का कार्य भी जारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास प्रदर्शनी आमजन को शासन की योजनाओं से जोड़ने का माध्यम है। इसके माध्यम से लोग न केवल योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं,बल्कि जनसहभागिता और पारदर्शिता को भी बल मिल रहा है। उन्होंने नगर निगम श्रीनगर की सराहना करते हुए कहा कि स्वच्छता,जल संरक्षण और पर्यटन विकास की दिशा में निगम द्वारा किए जा रहे प्रयास अनुकरणीय हैं। मेयर आरती भण्डारी ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में श्रीनगर नगर क्षेत्र ने विकास की नई ऊंचाइयां छुई हैं। उन्होंने बताया कि नगर निगम ने डंपिंग जोन को वेस्ट टू वंडर पार्क में परिवर्तित कर स्वच्छता और सौंदर्यीकरण का उदाहरण पेश किया है। साथ ही पार्किंग स्थलों,सामुदायिक भवनों,स्ट्रीट लाइट्स और सड़कों के सुदृढ़ीकरण से शहर का चेहरा बदला है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया और कहा कि बैकुंठ चतुर्दशी मेला श्रीनगर की अमूर्त धरोहर है,जिसे संरक्षित रखना सबकी जिम्मेदारी है। जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया ने भगवान कमलेश्वर महादेव को नमन करते हुए कहा कि बैकुंठ चतुर्दशी मेला सदियों पुरानी परंपरा,आस्था और सामूहिक समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह मेला अब केवल सांस्कृतिक नहीं,बल्कि सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण हो गया है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष मेले में कई नवीन गतिविधियां जोड़ी गई हैं बेबी शो,फन गेम्स,महिला खेल प्रतियोगिताएं,पारंपरिक परिधानों की प्रदर्शनी,विषयवार गोष्ठियां,विभिन्न विभागों के जानकारीपरक स्टॉल,इन सबके माध्यम से मेले को अधिक आकर्षक और जनोन्मुख बनाया गया है। जिलाधिकारी ने मेले के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया,महिला स्वयं सहायता समूहों से संवाद किया और उनके उत्पाद भी खरीदे। उन्होंने कहा कि स्वावलंबी महिलाएं उत्तराखंड के ग्रामीण अर्थतंत्र की असली ताकत हैं। जिलाधिकारी एवं मेयर ने संयुक्त रूप से गुब्बारे उड़ाकर मेले का शुभारंभ किया। पूरा वातावरण लोकगीतों,वादन और जयघोष से गूंज उठा। इसके उपरांत दोनों अधिकारियों ने कमलेश्वर महादेव मंदिर में दीप प्रज्ज्वलित एवं पूजा-अर्चना कर लोककल्याण और प्रदेश की समृद्धि की कामना की। कार्यक्रम का संचालन सरिता उनियाल एवं बबीता थपलियाल ने किया। मंच पर नगर आयुक्त नूपुर वर्मा,पीडी डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय,बीडीओ दृष्टि आनंद,डीपीओ देवेंद्र थपलियाल,बीईओ अश्विनी रावत,तहसीलदार दीपक भंडारी,नगर निगम के पार्षदगण,सामाजिक कार्यकर्ता लखपत सिंह भंडारी तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। बैकुंठ चतुर्दशी-श्रीनगर की पहचान,श्रद्धा और विकास का उत्सव,हर वर्ष मनाया जाने वाला यह पर्व श्रीनगर की संस्कृति,लोक परंपरा और सामूहिकता का उत्सव है। इस बार मेला आस्था और प्रशासनिक समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा है। मेले की भव्यता,विकास प्रदर्शनी की उपयोगिता और जनसहभागिता ने इस आयोजन को देवभूमि की सांस्कृतिक धड़कन में बदल दिया है।

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