Thursday 25/ 06/ 2026 

Bharat Najariya
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राज्य

मां दक्षिण काली की दिव्य आराधना के साथ होगा वर्ष 2025 का भावपूर्ण विदाई एवं नववर्ष 2026 का भव्य स्वागत


देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल। धर्म,अध्यात्म एवं सनातन संस्कृति की दिव्य चेतना से ओत-प्रोत वातावरण में मां दक्षिण काली कस्तूरी सदन में आगामी 30 दिसम्बर को सायं 5 बजे से वर्ष 2025 की शुभ विदाई एवं नववर्ष 2026 के स्वागत का भव्य एवं पावनांक आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन आध्यात्मिक साधना,वैदिक मंत्रोच्चारण एवं सनातन संस्कृति के दिव्य मूल्यों को समर्पित रहेगा। इस विशेष अवसर पर मां दक्षिण काली सहस्त्र नाम,मां काली की दिव्य बोध कथाएं तथा पंचमुखी हनुमान जी के वैदिक मंत्रोच्चारण के माध्यम से साधकों एवं श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा,मानसिक शांति एवं सकारात्मक चेतना का अनुपम अनुभव प्राप्त होगा। कार्यक्रम का मूल उद्देश्य नववर्ष का स्वागत आत्मिक शुद्धता,धर्मबोध एवं सांस्कृतिक चेतना के साथ करना है। मां दक्षिण काली कस्तूरी सदन परिसर को इस अवसर पर धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्वरूप में सजाया जाएगा। दीपों की श्रृंखला,धूप-दीप की सुगंध एवं वैदिक मंत्रों की गूंज से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो उठेगा। वर्ष के अंतिम संध्याकाल में मां दक्षिण काली की आराधना के साथ साधक आत्मचिंतन करते हुए बीते वर्ष को कृतज्ञता पूर्वक विदा करेंगे तथा नववर्ष 2026 के लिए मंगल संकल्प लेंगे। मां दक्षिण काली कस्तूरी सदन के संस्थापक,ज्योतिषाचार्य एवं मां दक्षिण काली के अनन्य उपासक अखिलेश चन्द्र चमोला ने बताया कि यह आयोजन केवल नववर्ष उत्सव मात्र नहीं,बल्कि आत्मशुद्धि,साधना एवं सनातन परंपरा के संरक्षण का पावन प्रयास है। उन्होंने कहा कि मां काली की उपासना से जीवन में साहस,शक्ति,विवेक एवं धर्मबोध का संचार होता है,जो व्यक्ति को जीवन की प्रत्येक चुनौती का सामना करने की सामर्थ्य प्रदानं करता है। कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों,विद्वान पंडितों,संत-महात्माओं तथा दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं की सहभागिता रहने की संभावना है। सामूहिक साधना एवं मंत्रोच्चारण के माध्यम से समाज में शांति,सद्भाव,नैतिक मूल्यों एवं सकारात्मक ऊर्जा के प्रसार का संदेश दिया जाएगा। कार्यक्रम के निवेदक डॉ.महेन्द्र सिंह भण्डारी प्रबंधक मां दक्षिण काली कस्तूरी सदन बालावाला देहरादून ने समस्त धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं,साधकों एवं क्षेत्रवासियों से इस दिव्य एवं पुनीत अवसर पर अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर पुण्यलाभ अर्जित करने का भावपूर्ण आह्वान किया है। आयोजकों के अनुसार वर्तमान समय में इस प्रकार के आध्यात्मिक आयोजनों की समाज को अत्यंत आवश्यकता है,जिससे भौतिकता के बीच आध्यात्मिक संतुलन बना रहे और नई पीढ़ी सनातन संस्कृति के मूल संस्कारों से जुड़ सके। कार्यक्रम के समापन पर मां दक्षिण काली से राष्ट्र,प्रदेश एवं समस्त मानवता के कल्याण,सुख-समृद्धि एवं शांति की प्रार्थना की जाएगी तथा श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण के साथ आयोजन का समापन होगा। श्रद्धा,भक्ति और वैदिक मंत्रों की दिव्य गूंज के साथ नववर्ष 2026 का स्वागत निश्चित रूप से सभी के जीवन में शुभता,शांति और मंगलकामनाएं लेकर आएगा।

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