Wednesday 24/ 06/ 2026 

Bharat Najariya
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राज्य

श्री सुनील कुमार मीणा, पुलिस महानिरीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था, उत्तराखण्ड एवं मुख्य प्रवक्ता, पुलिस मुख्यालय द्वारा आज सरदार पटेल भवन स्थित सभागार में मीडिया बंधुओं के साथ प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने उत्तराखण्ड पुलिस की दो महत्वपूर्ण उपलब्धियों—ICJS (Inter-Operable Criminal Justice System) 2.0 रैंकिंग में प्रथम स्थान तथा प्रयागराज महाकुंभ–2025 में उत्तराखण्ड एसडीआरएफ की सराहनीय भूमिका की जानकारी दी। प्रेस वार्ता में श्री धीरेन्द्र गुंज्याल, पुलिस उप महानिरीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था, श्री अर्पण यदुवंशी, सेनानायक SDRF, श्रीमती विशाखा अशोक भदाणे- पुलिस अधीक्षक, अपराध, उत्तराखण्ड सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

ICJS 2.0 रैंकिंग में उत्तराखण्ड पुलिस देश में प्रथम
उत्तराखंड पुलिस ने एक बार फिर डिजिटल पुलिसिंग और न्याय प्रणाली के आधुनिकीकरण में अपनी अग्रणी भूमिका साबित की है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (National Crime Records Bureau – NCRB) द्वारा प्रकाशित CCTNS / ICJS प्रगति डैशबोर्ड रिपोर्ट की मासिक रैंकिंग में उत्तराखण्ड ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि राज्य पुलिस की तकनीकी दक्षता, तेजी से नई प्रणालियों को अपनाने की क्षमता और प्रदेश के सभी जिलों के समन्वित प्रयासों का परिणाम है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा ICJS 2.0 को वर्ष 2026 तक पूर्ण रूप से लागू करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके अंतर्गत राज्यों को पुलिस, न्यायालय, अभियोजन, जेल, फॉरेंसिक और फिंगरप्रिंट डेटाबेस को एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जोड़ना है। उत्तराखंड ने इस दिशा में उल्लेखनीय प्रगति करते हुए अधिकांश मॉड्यूल्स का समय से पूर्व एकीकरण पूरा कर लिया है।

वर्तमान में जारी की गई ICJS 2.0 रैंकिंग में उत्तराखण्ड को 93.46 अंक प्राप्त हुए हैं। इस रैंकिंग में हरियाणा 93.41 प्रतिशत अंकों के साथ दूसरे तथा असम 93.16 प्रतिशत अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।

ICJS 2.0 के प्रभावी कार्यान्वयन के माध्यम से सभी जिलों में इसके प्रमुख मॉड्यूल्स को सफलतापूर्वक एकीकृत किया है, जिससे केस डायरी, चार्जशीट, डिजिटल साक्ष्य और न्यायिक प्रक्रियाएँ एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर समन्वित हो सकी हैं। पुलिस अधिकारियों के व्यापक प्रशिक्षण ने जांच और अभियोजन कार्य को गति दी है। इसके अतिरिक्त “One Data, One Entry” की अवधारणा के अनुरूप CCTNS, e-Courts, e-Prisons सहित विभिन्न प्रणालियों का सुदृढ़ समन्वय स्थापित किया गया है।

प्रयागराज महाकुंभ–2025 में उत्कृष्ट सेवा के लिए उत्तराखण्ड एसडीआरएफ सम्मानित
प्रयागराज महाकुंभ–2025 के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ के मध्य सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं निर्बाध संचालन सुनिश्चित करने हेतु उत्तर प्रदेश शासन के विशेष आग्रह पर उत्तराखण्ड एसडीआरएफ की एक कंपनी को महाकुंभ ड्यूटी हेतु तैनात किया गया।

सेनानायक एसडीआरएफ के नेतृत्व में 112 सदस्यीय एसडीआरएफ दल द्वारा दिनांक 24 जनवरी से 27 फरवरी तक संगम नोज सहित अन्य अति संवेदनशील क्षेत्रों में वाटर रेस्क्यू, प्राथमिक उपचार, लापता श्रद्धालुओं की सहायता, समन्वित रेस्क्यू कार्यों एवं अन्य आवश्यक सेवाओं में पूर्ण निष्ठा, अनुशासन, समर्पण एवं तत्परता के साथ उत्कृष्ट ड्यूटी का निर्वहन किया गया।

एसडीआरएफ द्वारा प्रदर्शित इस अनुकरणीय सेवा एवं सराहनीय योगदान के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा एसडीआरएफ उत्तराखण्ड के सभी अधिकारियों एवं जवानों को मेडल एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रदत्त मेडल एवं प्रशस्ति पत्र श्री सुनील कुमार मीणा, पुलिस महानिरीक्षक द्वारा एसडीआरएफ के अधिकारियों एवं जवानों को प्रदान किए गए।

इस उपलब्धि पर श्री दीपम सेठ, पुलिस महानिदेशक, उत्तराखण्ड ने CCTNS टीम सहित उत्तराखण्ड पुलिस के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता सामूहिक प्रयास, तकनीकी नवाचार तथा सतत मॉनिटरिंग का परिणाम है। उन्होंने कहा कि ICJS 2.0 के प्रभावी क्रियान्वयन से जांच प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, समयबद्ध एवं साक्ष्य-आधारित होगी, जिससे न्याय प्रणाली को नई गति मिलेगी। साथ ही उन्होंने बताया कि उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा ICJS 2.0 के उन्नत मॉड्यूल्स—e-Sakshya, e-Summons, Nyaya Shruti आदि के व्यापक उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे राज्य में डिजिटल न्याय प्रणाली और अधिक सुदृढ़ होगी।

प्रयागराज महाकुंभ–2025 के दौरान उत्तराखण्ड एसडीआरएफ द्वारा प्रदर्शित उत्कृष्ट, अनुशासित एवं समर्पित सेवाओं की सराहना करते हुए पुलिस महानिदेशक महोदय ने एसडीआरएफ के समस्त अधिकारियों एवं जवानों को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने जल रेस्क्यू, भीड़ प्रबंधन एवं जनसेवा के क्षेत्र में एसडीआरएफ की भूमिका को अत्यंत सराहनीय बताते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार निष्ठा, तत्परता एवं पेशेवर प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते रहने की शुभकामनाएँ दीं।

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