Wednesday 04/ 03/ 2026 

Bharat Najariya
हिंदुओं की आस्था पर चोट बर्दाश्त नहींः विकास शर्माहुड़दंगियों को बक्शा नहीं जायेगा एसएसपीरिपोर्ट नसीम अहमदस्थान अल्मोड़ाएंकर अल्मोड़ा में 76 खोए मोबाइल मालिकों को किए सुपुर्दवरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर घोडके द्वारा जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्रों से बरामद किए गए खोए हुए मोबाइल फोन उनके वास्तविक स्वामियों को सुपुर्द किए गए। पुलिस की तत्परता से कुल 76 मोबाइल फोन, जिनकी अनुमानित कीमत करीब साढ़े 11 लाख रुपये बताई गई है, संबंधित मालिकों को वापस सौंपे गए। सोमवार को पुलिस कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान एसएसपी ने मोबाइल प्राप्त करने आए लोगों को फोन सौंपते हुए कहा कि आमजन की संपत्ति की सुरक्षा और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान पुलिस की प्राथमिकता है। उन्होंने साइबर सेल और संबंधित थाना पुलिस की टीमों की सराहना करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक और सतत प्रयासों से यह सफलता संभव हो सकी है। एसएसपी ने कहा कि होली पर्व के दौरान हुड़दंग करने वालों लोगों से सख्ती से निपटा जाएगानगर निगम में जमकर उड़ा अबीर गुलालश्रीनगर में रतूड़ा बैण्ड पर कूड़ेदान और कुर्सियां सड़क से नीचे फेंकी गईं,स्वच्छ भारत अभियान की भावना को ठेसरंगों से सजेगा सौहार्द का मंच-भागीरथी कला संगम और अवकाश प्राप्त कर्मचारी संगठन की होली मिलन को लेकर संयुक्त बैठकदेवप्रयाग में पेयजल क्रांति की शुरुआत-विधायक विनोद कंडारी ने कीर्तिनगर क्षेत्र में 91 लाख से अधिक की योजनाओं का किया शिलान्यासचौथान में स्वास्थ्य का महाअभियान-रिक्साल गांव में 250 से अधिक मरीजों की निःशुल्क जांच,विशेषज्ञ डॉक्टरों ने दी परामर्श सेवाउत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं की ऐतिहासिक छलांग-हर ब्लॉक में रेडियोलॉजिस्ट,टेक्नीशियन होंगे तैनात–डॉ.धन सिंह रावतदीदी कैफे बना पहाड़ के स्वाद और स्वाभिमान की पहचान-मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल से स्वरोजगार को नई उड़ान
राज्य

सितारगंज में रंगारंग प्रस्तुतियों के साथ तीन दिवसीय उत्तरायणी मेले का समापन।

सितारगंज: उधम सिंह नगर उत्तराखंड
सितारगंज के श्री रामलीला मैदान में उत्तरांचल सांस्कृतिक विकास समिति के तत्वाधान में आयोजित तीन दिवसीय उत्तरायणी मेले का शानदार रंगारंग प्रस्तुतियों के साथ समापन हुआ तीसरे दिन समिति के अध्यक्ष गोपाल सिंह बिष्ट ने विधि विधान के साथ वैदिक मंत्रोचार के साथ दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का आगाज किया
उत्तरायणी कौतिक का आखिरी दिन स्थानीय कलाकारों क्षेत्र के विद्यालयों के छात्र-छात्राओं के नाम रहा। नन्हे मुन्ने बच्चों ने शानदार प्रस्तुतियां देकर उत्तरायणी कौतिक के आखिरी दिन को यादगार बना दिया। समापन पर स्थानीय कलाकारों ने विभिन्न लोकगीत व अपने सानदार अभिनय से धमाल मचा दिया अभिनय के मंच में कलाकारों के पहुंचते ही पहाड़ को ठंड पाणी, सुनि कैसि मीठि वाणी, छोड़नी नी लागनी… गीत से स्टार डे की शुरुआत में ही धमाल मच गया। नॉन स्टॉप गीतों की प्रस्तुति के बाद स्थानीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने देश भक्ति व गढ़वाली गीत, खुटि रौड़ि गे, मेरि खुटि रौड़ि गे… गीत की शानदार प्रस्तुति दी। उसके बाद दिनभर कार्यक्रमों का सिलसिला जारी रहा तालिया के गड़गड़ाहट के बीच कलाकार शानदार अभिनय करते रहे और दर्शक थिरकते रहे तिलगा तेरि लंबी लटी, टूटि जानी घुना और पारै भीड़ै की बसंती छ्योरी रुमा-झुमा समेत कई गीतों की स्थानीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने मनमोहक प्रस्तुति दी। खासकर सामूहिक गीतों के अभिनय में दर्शकों से मिले समर्थन से कलाकार काफी अभिभूत दिखे। तीन दिवसीय उत्तरायणी मेले के शानदार सफल समापन पर समिति के अध्यक्ष गोपाल सिंह बिष्ट ने आयोजन समिति व आए हुए सभी दर्शकों का आभार व्यक्त किया उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयास से ही ऐसे कार्यक्रम सफल होते हैं वहीं उत्तरांचल सांस्कृतिक विकास समिति के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत बोरा ने बताया कि
उत्तरायणी कौतिक मेले का शुभारंभ रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों, लोक-नृत्यों (जैसे छोलिया) और मां नंदा सुनंदा की झांकियों के साथ होता है, जिसमें स्थानीय कलाकार और जनता अपनी स्थानीय कुमाऊँनी-गढ़वाली संस्कृति और परंपराओं का उत्सव मनाते हैं, मेला क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है, उत्तराखंड की इस महान संस्कृति के संवर्धन और संरक्षण के लिए युवाओं ने आगे आना होगा।

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