Thursday 07/ 05/ 2026 

Bharat Najariya
दो किश्तें बकाया होने पर फाइनेंस कंपनी पर वाहन कब्जाने का आरोप, कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन रुद्रपुर। खेड़ा निवासी युवा व्यापारी इरफान अली ने चोलामंडलम फाइनेंस कंपनी पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है। इरफान अली के अनुसार उन्होंने लगभग दो वर्ष पूर्व कंपनी से डिजायर कार फाइनेंस करवाई थी। पिछले दिनों उनके बेटे को स्पाइनल कॉर्ड से संबंधित गंभीर बीमारी होने के कारण उपचार में करीब 15 लाख रुपये खर्च हो गए, जिससे आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई और वाहन की दो किश्तें समय पर जमा नहीं हो सकीं।आरोप है कि 3 मई को चोलामंडलम फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों ने हरिद्वार में वाहन को रोककर उसमें सवार यात्रियों को बीच रास्ते उतार दिया तथा गाड़ी को अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद जब इरफान अली रुद्रपुर स्थित कंपनी कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों से वार्ता की, तो कंपनी कर्मचारियों द्वारा दूसरी गाड़ी, जिसे कंपनी ने नहीं रोका था, उसकी भी किश्तों का हिसाब जोड़ते हुए अतिरिक्त चार्ज लगाए जाने की बात कही गई।इरफान अली का कहना है कि उन्होंने बकाया दो किश्तें जमा करने की बात कही, लेकिन कंपनी प्रबंधन ने सकारात्मक रवैया नहीं अपनाया। इसके विरोध में सोमवार को चोलामंडलम फाइनेंस कंपनी कार्यालय के बाहर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने ढोल बजाकर कंपनी के खिलाफ नारेबाजी की।मामले की गंभीरता को देखते हुए आवास विकास चौकी पुलिस एवं एलआईयू की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराया। पुलिस प्रशासन द्वारा चोलामंडलम कंपनी के रीजनल मैनेजर शिवराज ब्रिज से फोन पर वार्ता कराई गई, जिसमें बुधवार सुबह मामले के निस्तारण का आश्वासन दिया गया। इसके बाद धरना-प्रदर्शन को फिलहाल स्थगित कर दिया गया।धरना-प्रदर्शन में मोहन खेड़ा, संजय जुनेजा, सौरभ राज बेहड़, परवेज कुरेशी, उमर अली, मोनिका ढाली, मोहम्मद अशफाक अंसारी, रणजीत सिंह राणा, अनंत बिश्नोई, मारूफ, रेहान, ताहिर, हैरी पन्नू, समप्रीत ग्रोवर, गौरव कुमार, गोविंद सिंह, सरजू सिंह सहित कई कांग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद रहे।रीजनल पार्टी ने भाजपा को बादाम भेजकर याद दिलाया लोकायुक्त का वादाश्री जगरनाथ भक्त शिरोमणि मां कर्मा देवी की प्रदेशध्यक्ष बीना साहू ने स्कूल के बच्चों को बांटे ग्लूकोन डी के पैकेटमुख्यमंत्री की घोषणा को धरातल पर उतरने की कवायद शुरूसरकारी जमीन पर ‘अवैध मजार’ का खेल बेनकाब15 साल में नहीं बदली गांवों की तस्वीर, जनता बदलाव चाहती है: सुमेंद्र सिंह बोहरा  कांग्रेस नेता सुमेन्द्र सिंह बोहरा इन दिनों मसूरी विधानसभा क्षेत्र के दूरस्थ गांवों में लगातार जनसंपर्क अभियान चलाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुन रहे हैं। ग्राम गढ़, बुरांशखंडा, पन्याली और सरोना न्याय पंचायत क्षेत्र में पहुंचकर उन्होंने स्थानीय लोगों से मुलाकात की और क्षेत्र की बदहाल सड़कों, स्वास्थ्य सुविधाओं और शिक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई।ग्रामीणों से बातचीत के दौरान सुमेंद्र सिंह बोहरा ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में आज भी लोग मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। बच्चों को स्कूल जाने, मरीजों को अस्पताल पहुंचाने और ग्रामीणों को शहर तक आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता वर्षों से सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग कर रही है, लेकिन समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।उन्होंने वर्तमान विधायक एवं कैबिनेट मंत्री गणेष जोषी पर क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले 15 वर्षों से लगातार विधानसभा जीतने के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में अपेक्षित विकास कार्य नहीं हो पाए हैं। उन्होंने कहा कि कई गांवों की सड़कें आज भी बदहाल हैं, जिससे लोगों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ता है।बोहरा ने कहा कि यदि कांग्रेस पार्टी उन्हें मसूरी विधानसभा से चुनाव लड़ने का अवसर देती है और जनता का समर्थन मिलता है, तो वह अगले पांच वर्षों में क्षेत्र में सड़क निर्माण, अस्पतालों के विकास और स्कूलों के आधुनिकीकरण को प्राथमिकता देंगे। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि गांवों का समग्र विकास करना है।उन्होंने दावा किया कि क्षेत्र की जनता अब बदलाव चाहती है और विकास के मुद्दों पर गंभीर नेतृत्व की तलाश में है। जनसंपर्क अभियान के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे और उन्होंने अपनी समस्याओं को विस्तार से रखा।दिल्ली पब्लिक स्कूल के खिलाड़ियों ने ताइक्वांडो में जीते स्वर्ण, स्कूल में हुआ भव्य सम्मान दिल्ली पब्लिक स्कूल देहरादून के खिलाड़ियों ने 16वीं डिस्ट्रिक्ट ताइक्वांडो प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन कर स्कूल का नाम रोशन किया। प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर लौटे खिलाड़ियों का मंगलवार को विद्यालय परिसर में जोरदार स्वागत किया गया। इस अवसर पर स्कूल प्रशासन द्वारा विशेष सम्मान समारोह आयोजित कर खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया।विद्यालय के प्रधानाचार्य बीके सिंह ने प्रार्थना सभा के दौरान खिलाड़ियों को पदक पहनाकर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों ने कठिन मेहनत और अनुशासन के बल पर यह सफलता हासिल की है, जो पूरे विद्यालय के लिए गर्व की बात है।हाल ही में अपोलो इटंरनेषनल स्कूल में आयोजित प्रतियोगिता में करीब 150 खिलाड़ियों ने भाग लिया था। इसमें डीपीएस देहरादून के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कई स्वर्ण पदक अपने नाम किए। 18 किलो से कम वजन वर्ग में त्रियक्ष सैनी, 29 किलो से कम वर्ग में विवान थपलियाल, 38 किलो से कम वर्ग में अतिक्ष व्यास तथा पूमसे इंडिविजुअल वर्ग में तक्ष चमोला ने स्वर्ण पदक जीते। वहीं 26 किलो से कम बालिका वर्ग में दिविका दुआ ने भी गोल्ड मेडल हासिल कर विद्यालय का गौरव बढ़ाया।प्रधानाचार्य बीके सिंह ने बताया कि यह खिलाड़ी लंबे समय से लगातार मेहनत कर रहे थे और उनका प्रदर्शन लगातार बेहतर होता जा रहा था। उन्होंने कहा कि अब ये खिलाड़ी उत्तराखंड प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता में स्कूल टीम का प्रतिनिधित्व करेंगे, जिससे विद्यालय को उनसे और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें, ताकि उनका सर्वांगीण विकास हो सके। इस दौरान उप प्रधानाचार्य सुजाता सिंह ने भी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। सम्मान समारोह के दौरान पूरे विद्यालय में उत्साह का माहौल रहा और विद्यार्थियों ने तालियों के साथ खिलाड़ियों का स्वागत किया।15 साल में नहीं बदली गांवों की तस्वीर, जनता बदलाव चाहती है: सुमेंद्र सिंह बोहरामसूरी,  कांग्रेस नेता सुमेन्द्र सिंह बोहरा इन दिनों मसूरी विधानसभा क्षेत्र के दूरस्थ गांवों में लगातार जनसंपर्क अभियान चलाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुन रहे हैं। ग्राम गढ़, बुरांशखंडा, पन्याली और सरोना न्याय पंचायत क्षेत्र में पहुंचकर उन्होंने स्थानीय लोगों से मुलाकात की और क्षेत्र की बदहाल सड़कों, स्वास्थ्य सुविधाओं और शिक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई।ग्रामीणों से बातचीत के दौरान सुमेंद्र सिंह बोहरा ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में आज भी लोग मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। बच्चों को स्कूल जाने, मरीजों को अस्पताल पहुंचाने और ग्रामीणों को शहर तक आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता वर्षों से सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग कर रही है, लेकिन समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।उन्होंने वर्तमान विधायक एवं कैबिनेट मंत्री गणेष जोषी पर क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले 15 वर्षों से लगातार विधानसभा जीतने के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में अपेक्षित विकास कार्य नहीं हो पाए हैं। उन्होंने कहा कि कई गांवों की सड़कें आज भी बदहाल हैं, जिससे लोगों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ता है।बोहरा ने कहा कि यदि कांग्रेस पार्टी उन्हें मसूरी विधानसभा से चुनाव लड़ने का अवसर देती है और जनता का समर्थन मिलता है, तो वह अगले पांच वर्षों में क्षेत्र में सड़क निर्माण, अस्पतालों के विकास और स्कूलों के आधुनिकीकरण को प्राथमिकता देंगे। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि गांवों का समग्र विकास करना है।उन्होंने दावा किया कि क्षेत्र की जनता अब बदलाव चाहती है और विकास के मुद्दों पर गंभीर नेतृत्व की तलाश में है। जनसंपर्क अभियान के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे और उन्होंने अपनी समस्याओं को विस्तार से रखा।मसूरी-देहरादून मार्ग पर दर्दनाक हादसा, 100 मीटर गहरी खाई में गिरा ट्रक, चालक की मौत देहरादून-मसूरी मार्ग पर बुधवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसे में राशन और कोल्ड ड्रिंक से भरा ट्रक गहरी खाई में जा गिरा। हादसे में ट्रक चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि हेल्पर गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद मसूरी पुलिस, एसडीआरएफ, फायर सर्विस और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संयुक्त रेस्क्यू अभियान चलाकर दोनों को खाई से बाहर निकाला।जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह करीब 5ः30 बजे मसूरी झील से करीब 200 मीटर आगे देहरादून की ओर एक ट्रक अनियंत्रित होकर खाई में गिर गया है। सूचना मिलते ही मसूरी पुलिस फायर सर्विस, 108 एंबुलेंस और उप जिला चिकित्सालय की टीम मौके पर पहुंची। परन्तु गहरी खाई होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में आ रही दिक्कत को देखते हुए एनडीआरएफ की टीम को मौके पर बुलाया गया जिसके बाद संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर कर घायल और मृतक को खाई से निकाल कर अस्पताल भेजा गया। पुलिस के अनुसार ट्रक संख्या यूके 07-सीबी-1727 रेलवे स्टेशन देहरादून से कोल्ड ड्रिंक, तेल और अन्य राशन सामग्री लेकर उत्तरकाशी जा रहा था। इसी दौरान वाहन अचानक अनियंत्रित होकर करीब 100 मीटर गहरी खाई में जा गिरा। हादसे में ट्रक चालक मुबारिक पुत्र इलियास अली निवासी टिमली, थाना सहसपुर, देहरादून की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि हेल्पर साजिद पुत्र रहमत गंभीर रूप से घायल हो गया। रेस्क्यू टीम ने काफी मशक्कत के बाद दोनों को खाई से बाहर निकाला। घायल को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया, जबकि मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।मसूरी कोतवाल देवेन्द्र चौहान ने बताया कि प्रारंभिक जांच में चालक को नींद का झोंका आने की आशंका जताई जा रही है, जिसके कारण ट्रक अनियंत्रित होकर खाई में गिर गया। उन्होंने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है तथा मृतक और घायल के परिजनों को सूचना दे दी गई है।हादसे के बाद कुछ देर के लिए मार्ग पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। स्थानीय लोगों ने पहाड़ी मार्गों पर लगातार हो रहे हादसों पर चिंता जताते हुए प्रशासन से सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।सेवा,संवेदनशीलता और कौशल का संगम ही सच्चे चिकित्सक की पहचान-इंटर्नशिप ओरिएंटेशन में डॉ.आशुतोष सयाना का मार्गदर्शन
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रूद्रपुर, 10 फरवरी श्रमिक संयुक्त मोर्चा, उधम सिंह नगर के बैनर तले श्रमिक नेताओं ने आज रूद्रपुर के नैनी व्यू होटल में प्रेस वार्ता कर मजदूर विरोधी 4 श्रम संहिताओं को वापस लेने की मांग पर हो रही 12 फरवरी की हड़ताल के सम्बंध में जानकारी दी। प्रेस वार्ता को सम्बोधित करते हुए श्रमिक संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष दिनेश तिवारी ने कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार मजदूर वर्ग को पूंजीपतियों का गुलाम बना देना चाहती है। पूर्व में कुछ पूंजीपतियों द्वारा सुझाव दिया गया था कि मजदूर को हफ्ते में 48 घंटे फैक्ट्री में काम करने के बजाय 70 से 90 घंटे काम करना चाहिये। उन पूंजीपतियों की बातों को मानते हुए सरकार ने पुराने श्रम कानूनों को खत्म कर नये श्रम कोड लागू कर दिए। इन श्रम कोड्स के माध्यम से मालिक मजदूरों से कम वेतन पर ज्यादा घंटे काम लेगा। इन श्रम कोड्स को वापस लेने की मांग पिछले 5 सालों से श्रमिक लगातार कर रहे थे। परंतु सरकार की काॅरपोरेटपरस्त मंशा के कारण नवम्बर 2025 से ये श्रम संहिताएं बेशर्मी के साथ लागु कर दी गयी। दिनेश तिवारी ने कहा कि इन लेबर कोड्स को लागू करने के खिलाफ 12 फरवरी को हड़ताल आहूत है जिसमें सिडकुल की दर्जनभर यूनियनें हड़ताल पर जायेंगी। जिन्होंने अपने प्रबंधन को भी नोटिस दे दिया है। इसके अलावा आशा वर्कर्स व अन्य महिला स्कीम वर्कर्स भी हड़ताल बर रहेंगे। बैंक, बीमा क्षेत्र की यूनियनें भी

हड़ताल पर रहेंगी। संयुक्त किसान मोर्चा ने भी हड़ताल को समर्थन देने की घोषणा की है। उधम सिंह नगर जिले के मजदूर-किसान गांधीपार्क में 10 बजे से इकट्ठा होंगे और जनसभा करेंगे।

ट्रेड यूनियन एक्टू के राष्ट्रीय सचिव के.के.बोरा ने कहा कि यह हड़ताल कार्रवाई एक बहुत ही नाजुक स्थिति में हो रही है, जब केंद्र सरकार, ट्रेड यूनियनों को नियंत्रित करने और कमजोर करने और भारतीय श्रमिक वर्ग आंदोलन को पूंजी के हमले के सामने निहत्था करने के लिए, चार श्रम संहिताएं लेकर आई है।

उन्होंने कहा कि श्रम संहिताएं कानून की उचित प्रक्रिया के बिना, हितधारकों के साथ कोई परामर्श किए बिना, भारतीय श्रम सम्मेलन आयोजित किए बिना, अंतरराष्ट्रीय श्रम मानकों की अवहेलना करते हुए लाई गईं। जिसके लिए भारत एक राष्ट्र राज्य के रूप में हस्ताक्षरकर्ता है। संहिताओं को संसद में अपने क्रूर बहुमत के चलते पारित किया गया और तीन संहिताओं के मामले में तो पूरी तरह से विपक्ष की अनुपस्थिति में और कोविड-19 अवधि के दौरान आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत पारित किया गया, जिसने प्रदर्शनों को रोक दिया था। नोटिफाइड लेबर कोड और ड्राफ्ट नियम, सामूहिक सौदेबाजी को खत्म करने, हड़ताल का अधिकार छीनने, लगभग 70 प्रतिशत फैक्ट्रियों को लेबर कानून के दायरे, रेगुलेशन और मालिकों की जिम्मेदारियों से बाहर करने, मजदूरों को मालिकों की दया पर छोड़ने, ज्यादातर मजदूरों को ऑक्यूपेशनल सेफ्टी और सोशल सिक्योरिटी की सुरक्षा से बाहर करने के लिए हैं। ये सुलह/निर्णय प्रक्रियाओं के जरिए मौजूदा अधिकारों और मजदूरी की सुरक्षा को लगभग खत्म कर देंगे। मजदूरी की परिभाषा में भी बदलाव का प्रस्ताव है, ट्रेड यूनियन एक्ट को खत्म किया जाना है और प्रस्तावित कोड यूनियन बनाने को मुश्किल/असंभव बना देगा। जिससे मनमाने ढंग से डी-रजिस्ट्रेशन और डी-रिकग्निशन होगा, कलेक्टिव ट्रेड यूनियन गतिविधियों के खिलाफ बदले की भावना से सजा देने वाली कार्रवाई होगी और मालिकों को अपनी मर्जी से अपने कानूनी दायित्वों का उल्लंघन करने की छूट मिलेगी।

इंकलाबी मजदूर यूनियन के कोषाध्यक्ष दिनेश चन्द्र ने कहा कि कुल मिलाकर, लेबर कोड सरकार द्वारा मजदूरों और उनके ट्रेड यूनियनों पर गुलामी की शर्तें थोपने, उनके कॉर्पोरेट मालिकों को मजदूरों, किसानों और आम लोगों पर अपनी लूट जारी रखने में मदद करने के लिए सोच-समझकर डिजाइन किए गए हैं।

सरकार भारतीय और विदेशी मूल के बड़े कॉर्पोरेट्स के फायदे के लिए सभी रणनीतिक सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और सार्वजनिक सेवाओं जैसे रेलवे, बंदरगाह और डॉक, कोयला खदानों, तेल, स्टील, रक्षा, सड़क मार्ग, हवाई अड्डे, बैंक, बीमा, दूरसंचार, डाक, परमाणु ऊर्जा, बिजली उत्पादन और आपूर्ति आदि के निजीकरण और बिक्री का अपना एजेंडा जारी रखे हुए है, जिससे स्वदेशी औद्योगिक विकास और आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था खतरे में पड़ रही है। बजट 2026-2027 भी इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है। बैंकों में सुधार के लिए उच्च-स्तरीय समिति के गठन की घोषणा सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण का साफ संकेत है।

प्रेस वार्ता में भाकपा (माले) जिला सचिव ललित मटियाली, इंट्रार्क मजदूर संगठन के नेता सौरभ, सीएसटीयू नेता धीरज जोशी, ऑटोलाइन एम्प्लाइज यूनियन की ओर से जीवन व प्रकाश मेहरा, ऐरा श्रमिक संगठन से भरत जोशी , आर एम एल एम्पलाई यूनियन के प्रकाश नेगी व कमलेश कार्की मौजूद थे।

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