नारी शक्ति का हुंकार-श्रीनगर में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर जुटीं सैकड़ों महिलाएं,समर्थन में उठे सशक्त स्वर

श्रीनगर गढ़वाल। देवभूमि श्रीनगर में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव उस समय देखने को मिला जब आदिति पैलेस में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर जिला स्तरीय सम्मेलन भव्य रूप से आयोजित किया गया। सम्मेलन में 200 से अधिक महिलाओं ने भाग लेकर न केवल अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई,बल्कि हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से अधिनियम के प्रति अपना समर्थन भी प्रकट किया। पूरे आयोजन में जागरूकता,उत्साह और एकजुटता का प्रभावशाली माहौल नजर आया। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने अपने ओजस्वी संबोधन में कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को सामाजिक,राजनीतिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी का अवसर देकर नेतृत्व क्षमता को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित उप जिला चिकित्सालय की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ.मारिसा पंवार गर्ग ने महिलाओं के स्वास्थ्य,सुरक्षा और अधिकारों के संदर्भ में अधिनियम की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह कानून महिलाओं के सम्मान और अधिकारों को और अधिक मजबूत करेगा। वहीं प्रदेश सह मीडिया संयोजक महिला मोर्चा बबीता रावत ने इसे महिला सशक्तिकरण के नए युग की शुरुआत बताते हुए कहा कि इससे देशभर की महिलाओं को नई दिशा और पहचान मिलेगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष प्रमिला भण्डारी ने की। उन्होंने कहा कि महिला मोर्चा इस अधिनियम को घर-घर तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास करेगा,ताकि अधिक से अधिक महिलाएं इसके लाभों से जुड़ सकें। इस अवसर पर स्थानीय विधायक एवं उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने पश्चिम बंगाल से वर्चुअल माध्यम से सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लाया गया यह अधिनियम महिलाओं को आत्मनिर्भर,सशक्त और आत्मविश्वासी बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि इससे देश के विकास में महिलाओं की भागीदारी और प्रभाव दोनों बढ़ेंगे। सम्मेलन में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने भी बड़ी संख्या में भाग लेकर अधिनियम के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की और केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया,जिनमें रजनी देवी और साक्षी रावत प्रमुख रहीं। साथ ही अधिवक्ता विजयलक्ष्मी रतूड़ी द्वारा महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों और जागरूकता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई,जिसके लिए उन्हें भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में मातृ शक्ति जिंदाबाद के गगनभेदी नारों के साथ सम्मेलन का समापन हुआ। संचालन नगर निगम पार्षद मीना असवाल द्वारा किया गया,जबकि कार्यक्रम के संयोजक जिला महामंत्री महिपाल नेगी ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। सम्मेलन में वरिष्ठ भाजपाई शशि जुयाल,ललिता नेगी,भवानी रावत,आशा उपाध्याय,लक्ष्मी रावत,शांति भट्ट,रेखा रावत,प्रीति बडोनी,विजय लक्ष्मी,सीमा भंडारी,गुड्डी गैरोला,उमा गुनसोला,रश्मि रतूड़ी,राजी पूरी,मुन्नी पांडे,राजलक्ष्मी,रेनू सुंदरियाल,मधु खुगशाल,विशोदा देवी,शशि पंवार,पूजा गौतम सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं। यह सम्मेलन न केवल एक कार्यक्रम रहा,बल्कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सशक्त संदेश बनकर उभरा,जिसमें सहभागिता,जागरूकता और अधिकारों के प्रति प्रतिबद्धता की स्पष्ट झलक देखने को मिली।
