Saturday 18/ 04/ 2026 

Bharat Najariya
रुद्रपुर – वरिष्ठ भाजपा नेता भारत भूषण चुघ ने कहा कि संसद में महिलाओं को आरक्षण देने के लिए भाजपा सरकार ने प्रस्ताव पारित किया था लेकिन कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी समेत सभी विपक्षी दलों ने इस बिल के खिलाफ सदन में वोट किया। जिसके चलते महिला आरक्षण बिल पास नहीं हो पाया जो देश की लाखों करोड़ों महिलाओं के साथ बहुत बड़ा विश्वासघात है इसके लिए जनता विपक्षी दलों को माफ नहीं करेगी। जारी बयान में भाजपा नेता चुघ ने कहा की कई दशकों से महिला आरक्षण बिल लंबित पड़ा हुआ था लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने देश की महिलाओं की संसद में भागीदारी बढ़ाने को लेकर महिला आरक्षण बिल प्रस्तुत किया था लंबी जद्दोजहद के बाद यह बिल लोकसभा में लाया गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ग्रह मंत्री अमित शाह ने पूरे सदन के सामने महिला आरक्षण बिल के बारे में विस्तार से जानकारी दी लेकिन विपक्ष का महिला विरोधी चेहरा सामने आया और देश की महिलाओं को सर्वोच्च सदन में पहुंचने से वंचित कर दिया। उन्होंने कहा कि देश का विपक्ष पीएम मोदी के विरोध में इस हद तक जा चुका है कि वह देशहित में सरकार द्वारा किए गए किसी भी निर्णय को स्वीकार नहीं कर रहा ऐसे में देश की जनता उन्हें माफ नहीं करेगी।चुघ ने कहा कि विपक्षियों के विरोध के चलते महिला आरक्षण बिल पास नहीं हो पाया अब महिलाएं विपक्ष को आने वाले समय में इसका जवाब देंगी।उधम सिंह नगर में एक साथ कई अवैध धार्मिक संरचनाएं ध्वस्तदूधली ग्राम सभा में बड़ा फैसला, वनाधिकार कानून के तहत सीमांकन, टोल बैरियर स्थापितक,बाहरी कब्जों पर सख्ती का ऐलान मसूरी क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम सभा वार्ड-13 दूधली (भद्राज-अदराज) में शुक्रवार को एक अहम बैठक आयोजित हुई, जिसमें ग्राम सभा, वार्ड सभा, वन प्रबंधन समिति 2006 और वन अधिकार समिति के पदाधिकारियों व ग्रामीणों ने भाग लिया। बैठक में गांव के सामुदायिक वन संसाधनों की सुरक्षा, सीमांकन और बाहरी हस्तक्षेप को रोकने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए। बैठक के दौरान अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम 2006 और संशोधित नियम 2012 के तहत दूधली के सामुदायिक वन क्षेत्र की पारंपरिक सीमाओं पर जगह-जगह बॉर्डर चिन्ह (गांठ) लगाए गए। इससे क्षेत्र की स्पष्ट पहचान और संरक्षण सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया। इसके साथ ही दूधली चौक पर स्वर्गीय बीरबल सिंह चौहान के आवास के सामने एक टोल बैरियर भी स्थापित किया गया है। ग्राम सभा का कहना है कि इस बैरियर के माध्यम से क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं के वाहनों का रिकॉर्ड रखा जाएगा, जिससे सुरक्षा और संसाधन प्रबंधन में मदद मिलेगी। बैठक में पारित प्रस्तावों के तहत स्पष्ट किया गया कि ग्राम सभा की पारंपरिक सीमा के भीतर किसी भी बाहरी व्यक्ति को अवैध कब्जा नहीं करने दिया जाएगा। यदि कोई ऐसा प्रयास करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए वनाधिकार कानून और संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। ग्राम सभा ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोगों द्वारा उनके सीमांकन कार्य में बाधा डालने और पुलिस में झूठी शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की गई। ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई का निर्णय लिया गया है। साथ ही महिलाओं को धमकाने और माहौल बिगाड़ने के मामलों को भी गंभीरता से लेते हुए कोतवाली मसूरी में शिकायत दर्ज कराने की बात कही गई। टोल बैरियर पर दोपहिया और चारपहिया वाहनों से निर्धारित शुल्क वसूला जाएगा, जिसकी देखरेख वन प्रबंधन समिति करेगी। इस राशि का उपयोग वन संरक्षण, पेयजल स्रोतों की सुरक्षा, क्षेत्र के विकास कार्यों और बैरियर पर कार्यरत श्रमिकों के मानदेय में दिया जाएगा। खर्च का निर्णय ग्राम सभा की स्वीकृति से समय-समय पर लिया जाएगा। बैठक में यह भी तय किया गया कि भद्रराज मंदिर समिति परिसर में किसी भी प्रकार का पार्किंग शुल्क या अन्य शुल्क नहीं वसूलेगी। इस संबंध में वन प्रबंधन समिति द्वारा मंदिर समिति को औपचारिक सूचना जारी की जाएगी। इस मौके पर सिकंदर सिंह, राजेश सिंह, दिनेश पुंडीर, दिनेश सिंह, राजेन्द्र सिंह, सुरेन्द्र रावत, विजेन्द्र रावत, सुरेन्द्र सिह रावत के साथ अन्य लोग मौजूद थे।अतिक्रमण पर सख्त वार-श्रीनगर में दुकानों के बाहर 2.5 फीट से ज्यादा कब्जे पर होगी सीधी कार्रवाईभावनाओं से भरा ऐतिहासिक क्षण-सीडीएस जनरल अनिल चौहान का पैतृक गांव ग्वाणा आगमन पर पूरे क्षेत्र से स्वागत में उमड़ा जनसैलाबआरक्षण और समानता पर श्रीनगर में 19 अप्रैल को होगी अहम गोष्ठी,राष्ट्रीय स्तर के वक्ता करेंगे संबोधनमातृ सुरक्षा पर फोकस-पौड़ी में घर घर पहुंच रही स्वास्थ्य विभाग की टीमउत्तराखंड की लोकधुनों को नया मंच-एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय में नरेंद्र संगीत सप्ताह में देशभर से जुटे कलाकारनारी शक्ति का हुंकार-श्रीनगर में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर जुटीं सैकड़ों महिलाएं,समर्थन में उठे सशक्त स्वर
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नारी शक्ति का हुंकार-श्रीनगर में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर जुटीं सैकड़ों महिलाएं,समर्थन में उठे सशक्त स्वर


श्रीनगर गढ़वाल। देवभूमि श्रीनगर में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव उस समय देखने को मिला जब आदिति पैलेस में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर जिला स्तरीय सम्मेलन भव्य रूप से आयोजित किया गया। सम्मेलन में 200 से अधिक महिलाओं ने भाग लेकर न केवल अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई,बल्कि हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से अधिनियम के प्रति अपना समर्थन भी प्रकट किया। पूरे आयोजन में जागरूकता,उत्साह और एकजुटता का प्रभावशाली माहौल नजर आया। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने अपने ओजस्वी संबोधन में कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को सामाजिक,राजनीतिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी का अवसर देकर नेतृत्व क्षमता को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित उप जिला चिकित्सालय की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ.मारिसा पंवार गर्ग ने महिलाओं के स्वास्थ्य,सुरक्षा और अधिकारों के संदर्भ में अधिनियम की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह कानून महिलाओं के सम्मान और अधिकारों को और अधिक मजबूत करेगा। वहीं प्रदेश सह मीडिया संयोजक महिला मोर्चा बबीता रावत ने इसे महिला सशक्तिकरण के नए युग की शुरुआत बताते हुए कहा कि इससे देशभर की महिलाओं को नई दिशा और पहचान मिलेगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष प्रमिला भण्डारी ने की। उन्होंने कहा कि महिला मोर्चा इस अधिनियम को घर-घर तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास करेगा,ताकि अधिक से अधिक महिलाएं इसके लाभों से जुड़ सकें। इस अवसर पर स्थानीय विधायक एवं उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने पश्चिम बंगाल से वर्चुअल माध्यम से सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लाया गया यह अधिनियम महिलाओं को आत्मनिर्भर,सशक्त और आत्मविश्वासी बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि इससे देश के विकास में महिलाओं की भागीदारी और प्रभाव दोनों बढ़ेंगे। सम्मेलन में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने भी बड़ी संख्या में भाग लेकर अधिनियम के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की और केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया,जिनमें रजनी देवी और साक्षी रावत प्रमुख रहीं। साथ ही अधिवक्ता विजयलक्ष्मी रतूड़ी द्वारा महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों और जागरूकता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई,जिसके लिए उन्हें भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में मातृ शक्ति जिंदाबाद के गगनभेदी नारों के साथ सम्मेलन का समापन हुआ। संचालन नगर निगम पार्षद मीना असवाल द्वारा किया गया,जबकि कार्यक्रम के संयोजक जिला महामंत्री महिपाल नेगी ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। सम्मेलन में वरिष्ठ भाजपाई शशि जुयाल,ललिता नेगी,भवानी रावत,आशा उपाध्याय,लक्ष्मी रावत,शांति भट्ट,रेखा रावत,प्रीति बडोनी,विजय लक्ष्मी,सीमा भंडारी,गुड्डी गैरोला,उमा गुनसोला,रश्मि रतूड़ी,राजी पूरी,मुन्नी पांडे,राजलक्ष्मी,रेनू सुंदरियाल,मधु खुगशाल,विशोदा देवी,शशि पंवार,पूजा गौतम सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं। यह सम्मेलन न केवल एक कार्यक्रम रहा,बल्कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सशक्त संदेश बनकर उभरा,जिसमें सहभागिता,जागरूकता और अधिकारों के प्रति प्रतिबद्धता की स्पष्ट झलक देखने को मिली।

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