श्रीनगर में राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर प्री-लोक अदालत बैठक

श्रीनगर गढ़वाल। जनसामान्य को त्वरित,सुलभ और किफायती न्याय उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए श्रीनगर में आज राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों को लेकर प्री-लोक अदालत बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पौड़ी गढ़वाल के निर्देशानुसार संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता सिविल जज (जूनियर डिवीजन) कुमारी अलका तहसील विधिक सेवा समिति की अध्यक्ष द्वारा की गई। यह बैठक सिविल जज (जूनियर डिवीजन)/न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी),श्रीनगर के विश्राम कक्ष में आयोजित हुई,जिसमें आगामी 9 मई 2026 को होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की रूपरेखा और तैयारियों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक के दौरान यह सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया कि लोक अदालत के माध्यम से अधिक से अधिक मामलों का आपसी समझौते के आधार पर त्वरित निस्तारण किया जाए। न्यायिक प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध बनाने के लिए अधिवक्ताओं एवं संबंधित पक्षों की सक्रिय भूमिका को आवश्यक बताया गया। सुलह-समाधान की संस्कृति को बढ़ावा लोक अदालतें न केवल न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ कम करती हैं,बल्कि समाज में सुलह और समझौते की भावना को भी सुदृढ़ करती हैं। इस बैठक में उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियों ने इस दिशा में सहयोग और समन्वय से कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया। बैठक में बार एसोसिएशन श्रीनगर के अध्यक्ष प्रमेश चन्द्र जोशी,संरक्षक अनूप पांथरी,बार काउंसिल उत्तराखंड के पूर्व अध्यक्ष अर्जुन सिंह भंडारी,महासचिव ब्रह्मानंद भट्ट सहित अधिवक्ता देवी प्रसाद खरे,प्रदीप मैठाणी,सुबोध भट्ट तथा पैरालीगल वालंटियर सदस्य पूनम हटवाल,मानव बिष्ट,रोशनी देवी,प्रियंका रॉय,प्रीति बिष्ट,प्रकाश नेगी एवं एसआई भावना भट्ट सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे। जनहित में अहम पहल राष्ट्रीय लोक अदालत एक ऐसा सशक्त मंच है,जहां बिना लंबी न्यायिक प्रक्रिया के आपसी सहमति से विवादों का समाधान किया जाता है। इससे न केवल समय और धन की बचत होती है,बल्कि सामाजिक सौहार्द भी बना रहता है। श्रीनगर में आयोजित यह प्री-लोक अदालत बैठक आगामी 9 मई को होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक पहल साबित हो रही है। यह प्रयास न्याय को जन-जन तक पहुंचाने और सबके लिए न्याय के उद्देश्य को साकार करने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगा। सरल न्याय,त्वरित समाधान लोक अदालत की यही पहचान।
