श्रीनगर में रोजगार का उत्सव-43 कनिष्ठ सहायकों को मिला नियुक्ति पत्र,शिक्षा मंत्री ने खोले विकास के द्वार

श्रीनगर गढ़वाल। श्रीनगर की शैक्षणिक नगरी आज उस ऐतिहासिक क्षण की साक्षी बनी,जब परिश्रम,प्रतिभा और उम्मीदों को साकार रूप मिला। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से चयनित 43 कनिष्ठ सहायकों को राजकीय बालिका इंटर कॉलेज श्रीनगर में आयोजित एक गरिमामय समारोह में प्रदेश के शिक्षा मंत्री डॉ.धन सिंह रावत द्वारा नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। यह अवसर केवल नियुक्ति पत्र वितरण तक सीमित नहीं रहा,बल्कि यह युवाओं के सपनों को साकार करने और प्रदेश में रोजगार सृजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में उभरा। कार्यक्रम में उत्साह,गर्व और आत्मविश्वास का वातावरण देखने को मिला,जहां नव नियुक्त युवाओं के चेहरों पर भविष्य की नई उम्मीदें स्पष्ट झलक रही थीं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री डॉ.रावत ने सभी नव नियुक्त कर्मचारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरकारी सेवा केवल रोजगार नहीं,बल्कि जनसेवा का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने युवाओं को अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा,पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ करने की प्रेरणा दी। बड़ी घोषणाओं से शिक्षा और विकास को नई दिशा अपने संबोधन में शिक्षा मंत्री ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए प्रदेश के विकास और शिक्षा व्यवस्था को नई गति देने का संकेत दिया-छात्रसंघ चुनावों में 50 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की घोषणा,शिक्षा विभाग में अब तक 16 हजार से अधिक रोजगार उपलब्ध कराने की जानकारी शीघ्र ही 500 प्राथमिक शिक्षकों एवं सहायक अध्यापक (एलटी) संवर्ग की भर्तियां निकालने की घोषणा। श्रीनगर क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु 72 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी योजना,जिससे भविष्य में 24 घंटे जल आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। डॉ.रावत ने शिक्षा के क्षेत्र में सुधारों का उल्लेख करते हुए बताया कि उनके कार्यकाल में परीक्षा परिणामों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्तमान में 90 प्रतिशत से अधिक परिणाम प्राप्त हो रहे हैं,जबकि इस वर्ष 30 प्रतिशत छात्र प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए हैं। उन्होंने आगे बताया कि 1000 छात्रों को उत्तराखंड भ्रमण पर भेजा जाएगा प्रदेश में तीन नए पॉलिटेक्निक संस्थान स्थापित किए जाएंगे। गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए विद्यालयों के समय में परिवर्तन की घोषणा करते हुए उन्होंने बताया कि 1 मई से विद्यालय प्रातः 7.30 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक संचालित होंगे। साथ ही सप्ताह में एक दिन बैग रहित दिवस रखा जाएगा,जिसमें छात्रों को खेल,कला और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिलेगा। इस अवसर पर शिक्षा विभाग की निदेशक कंचन देवराड़ी,प्रधानाचार्य मीना गैरोला,खिर्सू ब्लॉक प्रमुख अनिल भण्डारी,मंडल अध्यक्ष विनय घिल्डियाल,जिला महामंत्री गणेश भट्ट सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम में अतर सिंह असवाल,दिनेश असवाल,संजय गुप्ता,प्रमिला भंडारी,ललिता नेगी,आशा उपाध्याय,सीमा भंडारी,अजब सिंह रावत,झाबर सिंह रावत,नगमा तौफीक,सुरेंद्र सिंह नेगी,यशीश रावत,विजय लक्ष्मी रतूड़ी तथा खंड शिक्षा अधिकारी अश्वनी कुमार सहित अनेक लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन सरिता उनियाल द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया। श्रीनगर में आयोजित यह कार्यक्रम केवल नियुक्ति पत्र वितरण का आयोजन नहीं,बल्कि प्रदेश के युवाओं के लिए नए अवसरों,उम्मीदों और विकास की दिशा में बढ़ते कदमों का प्रतीक बन गया। यह पहल न केवल रोजगार सृजन को गति दे रही है,बल्कि शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में भी एक सकारात्मक परिवर्तन का संकेत दे रही है। रोजगार,शिक्षा और विकास तीनों का संगम बना श्रीनगर का यह ऐतिहासिक दिन।
