पुरानी पेंशन बहाली पर आर-पार का ऐलान-2027 बनेगा निर्णायक रण,कर्मचारियों की हुंकार से गूंजा उत्तराखंड

पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। पुरानी पेंशन बहाली को लेकर उत्तराखंड में आंदोलन अब निर्णायक चरण में प्रवेश कर चुका है। राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा उत्तराखंड की प्रदेश स्तरीय महत्वपूर्ण बैठक आज लोक निर्माण विभाग के सभागार में गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। बैठक में प्रदेश,मंडल एवं जनपद स्तर के पदाधिकारियों की व्यापक भागीदारी रही,जिससे संगठन की एकजुटता और संकल्प स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। बैठक में पुरानी पेंशन बहाली आंदोलन को नई दिशा और गति देने के लिए आगामी कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा तय की गई। निर्धारित कार्यक्रम इस प्रकार हैं-16 मई को ऋषिकेश में गंगा आरती कार्यक्रम,24 मई को रुद्रप्रयाग में आक्रोश रैली,12 जून को अल्मोड़ा में गोलू देवता न्याय यात्रा,12 जुलाई को प्रदेशव्यापी वृक्षारोपण अभियान,तथा 1 अक्टूबर 2026 को देहरादून में काला दिवस (आर-पार रैली) आयोजित की जाएगी। बैठक में संगठन विस्तार को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए वरिष्ठ कार्यकर्ता माखन लाल शाह को प्रदेश सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई। इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.पी.सिंह रावत ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली अब केवल कर्मचारियों का विषय नहीं रह गया है,बल्कि यह एक व्यापक जनआंदोलन का रूप ले चुका है। उन्होंने केंद्र सरकार से शीघ्र पुरानी पेंशन बहाली की मांग की। प्रदेश मुख्य संयोजक जयदीप रावत ने कहा कि संगठन निरंतर मजबूती के साथ इस दिशा में आगे बढ़ रहा है और आगामी कार्यक्रम आंदोलन को निर्णायक मोड़ देंगे। प्रदेश प्रभारी विक्रम रावत ने बताया कि राज्य के विभिन्न कर्मचारी संगठनों का समर्थन मोर्चा को मिल रहा है और सभी को साथ लेकर कार्यक्रमों की सफलता हेतु सशक्त रणनीति तैयार की जा रही है। प्रदेश अध्यक्ष मनोज अवस्थी ने स्पष्ट किया कि संगठन में सक्रिय एवं समर्पित साथियों को प्राथमिकता दी जाएगी तथा वर्ष 2027 का विधानसभा चुनाव इस आंदोलन के लिए निर्णायक सिद्ध होगा। प्रदेश महिला अध्यक्ष रनीता विश्वकर्मा ने कहा कि महिला प्रकोष्ठ को और सशक्त बनाकर सभी कार्यक्रमों में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। प्रदेश महासचिव सीताराम पोखरियाल ने कहा कि अब पुरानी पेंशन बहाली के लिए निर्णायक संघर्ष किया जाएगा और कर्मचारियों की आवाज को और अधिक मजबूती से उठाया जाएगा। गढ़वाल मंडल अध्यक्ष शंकर भट्ट एवं मंडलीय मंत्री राजीव उनियाल ने चेतावनी देते हुए कहा कि कर्मचारी अब आर-पार की लड़ाई के लिए पूरी तरह तैयार हैं और सरकार को उन्हें हल्के में नहीं लेना चाहिए। नव नियुक्त प्रदेश सचिव माखन लाल शाह ने अपने संबोधन में कहा कि जब एक दिन के जनप्रतिनिधियों को पुरानी पेंशन मिल सकती है,तो वर्षों तक सेवा देने वाले कर्मचारियों को इससे वंचित रखना अन्याय है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मेहनत की कमाई को बाजार के जोखिम में डालना दुर्भाग्यपूर्ण है। यदि समय रहते पुरानी पेंशन बहाल नहीं की गई,तो वर्ष 2027 के चुनाव में इसका कड़ा जवाब दिया जाएगा। बैठक में उपस्थित सभी पदाधिकारियों ने एक स्वर में संकल्प लिया कि इस आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा और इसे निर्णायक सफलता तक ले जाया जाएगा। मोर्चा ने प्रदेश सरकार से शीघ्र पुरानी पेंशन बहाली की मांग दोहराते हुए स्पष्ट किया कि यदि मांगों की अनदेखी हुई तो आंदोलन को और अधिक तेज एवं व्यापक बनाया जाएगा। बैठक में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिव सिंह,प्रदेश सह संयोजक जसपाल गुसाईं,मीडिया प्रभारी कीर्ति भट्ट,प्रचार प्रमुख अवधेश सेमवाल,अभिषेक नवानी,प्रवीण पंवार,संजय नेगी,रणवीर सिंघवाल,लक्ष्मण सजवान,सुजीत,रेवती नंदन डंगवाल सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे। जारीकर्ता-सीताराम पोखरियाल प्रदेश महासचिव राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा उत्तराखंड।
