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मसूरी में पार्किंग के नाम पर ‘लूट’! पर्यटकों से वसूले जा रहे मनमाने पैसे, प्रशासन पर उठे सवालमसूरी, 3 मई पहाड़ों की रानी मसूरी में पर्यटन को बढ़ावा देने के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर बयां कर रही है। पर्यटन सीजन शुरू होते ही शहर की पार्किंग व्यवस्था पूरी तरह सवालों के घेरे में आ गई है। सरकारी और निजी पार्किंग संचालकों पर पर्यटकों से मनमाने तरीके से वसूली करने के आरोप लग रहे हैं। हालत यह है कि एक रात की पार्किंग के नाम पर पर्यटकों से एक हजार से पद्रहा सौ रुपये तक वसूले जा रहे हैं, जबकि सुविधाओं के नाम पर अधिकांश पार्किंग स्थलों पर कुछ भी उपलब्ध नहीं है।शनिवार को भारी भीड़ के चलते मसूरी की लगभग सभी पार्किंग फुल रहीं। इसी का फायदा उठाकर कई पार्किंग संचालकों ने खुलेआम मनमानी शुरू कर दी। सबसे बड़ी बात यह रही कि मसूरी के किसी भी पार्किंग स्थलों पर न तो रेट लिस्ट चस्पा मिली और न ही किसी प्रकार की सरकारी गाइडलाइन दिखाई दी। ऐसे में पर्यटक मजबूरी में मनमाना शुल्क देने को विवश नजर आए।दिल्ली से आए पर्यटक संतोश यादव ने बताया कि माल रोड के पास पार्किग में वाहन खड़ा करने के लिए उनसे एक रात के एक हजार रुपये लिए गए। वहीं अन्य पर्यटकों ने आरोप लगाया कि कुछ निजी पार्किंग संचालकों ने बारह सौ रुपये तक वसूले और विरोध करने पर अभद्रता की गई। पर्यटकों का कहना है कि उनसे साफ कहा गया कि “अगर पैसे नहीं देने तो गाड़ी बाहर ले जाओ।”पर्यटकों ने सवाल उठाया कि जब मसूरी में पर्यटन को बढ़ावा देने की बात की जा रही है, तो पार्किंग जैसी मूलभूत सुविधा को लेकर कोई स्पष्ट व्यवस्था क्यों नहीं है। उनका कहना है कि हर पार्किंग स्थल के बाहर बड़े बोर्ड पर निर्धारित शुल्क, समय सीमा और शिकायत नंबर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित होने चाहिए ताकि कोई भी संचालक मनमानी न कर सके।जांच में यह भी सामने आया कि कई पार्किंग स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे तक नहीं लगे हैं। वहीं शौचालय, सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन सुविधाओं का भी अभाव है। ऐसे में यदि किसी वाहन के साथ चोरी, दुर्घटना या अन्य घटना होती है तो पर्यटकों को मदद मिलना मुश्किल हो सकता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन और पुलिस इस पूरे मामले को नजरअंदाज कर रहे हैं।मामले पर मसूरी के एसडीएम राहुल आनंद ने कहा कि प्रशासन ने पूरे मामले का संज्ञान लिया है। जल्द ही सभी सरकारी और निजी पार्किंग स्थलों का निरीक्षण किया जाएगा और वहां निर्धारित रेट लिस्ट अनिवार्य रूप से लगवाई जाएगी। साथ ही पार्किंग स्थलों पर एसडीएम, पुलिस और अन्य अधिकारियों के संपर्क नंबर भी प्रदर्शित किए जाएंगे ताकि पर्यटक सीधे शिकायत दर्ज करा सकें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई पार्किंग संचालक पर्यटकों से अभद्रता करता या निर्धारित शुल्क से अधिक वसूली करते पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर पार्किंग निरस्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पार्किंग व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो इसका सीधा असर मसूरी की छवि और पर्यटन व्यवसाय पर पड़ेगा। लगातार बढ़ती शिकायतें साफ संकेत दे रही हैं कि पर्यटन सीजन में मसूरी की पार्किंग व्यवस्था अब बड़े “खेल” का रूप ले चुकी है, जिस पर प्रशासन को तत्काल सख्त कदम उठाने होंगे।

