माता जी की आँखों से दुनिया देखेंगे दो लोग। जाते जाते किया महादान।

वसुधैब कुटुम्बकम् काशीपुर के तत्वधान में 49वां नेत्रदान संपन्न।
ब्रह्मालीन श्री मति राजरानी मित्तल जी (पत्नी स्व. श्री हर प्रसाद मित्तल जी) के गोलोक गमन के पश्चात उनके सुपुत्र श्री दीपक मित्तल जी (सत्यम मेडिकल, आर्य नगर) ने नेत्रदान की सहमति प्रदान कर समाज में अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया अब माता जी की आँखों से दो लोग दुनिया देखेंगे, जिससे उनके प्रिय जन उनकी स्मृति को अमरत्व प्रदान करेंगे ।
आर्य नगर निवासी माता जी स्वयं सामाज सेवा व धार्मिक कार्यों में संलग्न रहीं। यह सराहनीय कार्य भी उनके जीवन प्रवृत्ति के अनुरूप है।
श्री मति राजरानी मित्तल जी के ब्रह्मलीन होने के समाचार पर दिनांक 19 मई को वसुधैव कुटुम्बकम काशीपुर के दायित्वधारियों की देखरेख में मुरादाबाद आई ब्रैंक ने कागजी औपचारिकता पूरी कर दान की गई आंखे (कॉर्निया) प्राप्त की।
संस्था के संस्थापक सदस्य अजय अग्रवाल जी ने बताया कि नेत्रदान से किसी प्रकार का अंग भंग नही होता। उन्होंने बताया कि मृत्यपरांत परिवारजन दोनों आखों पर रुई के गीले फाये रखकर सिर थोड़ा ऊंचा कर दे एवम पंखा बंद कर दे। जरूरत पड़ने पर एसी चला दें तथा नेत्रदान करवाने को नेत्रदान सहायता (24×7)
98370 80678 या 88990 45015 पर किसी भी समय संपर्क किया जा सकता है ।
संस्था के संरक्षक योगेश जिंदल जी, अध्यक्ष विकास जैन जी, सचिव प्रियांशु बंसल जी, कोषाध्यक्ष सौरभ अग्रवाल जी, संस्थापक सदस्य अजय अग्रवाल जी, आशीष गुप्ता जी, अनुज सिंघल जी, अंकुर मित्तल जी, आशीष पैगिया जी, सीए सचिन अग्रवाल जी, वसुधैव कुटुंबकम् काशीपुर के तत्वाधान में सम्पन्न हुए इस महान कार्य के प्रति नेत्रदानी मित्तल परिवार का आभार व्यक्त किया और परम पिता परमेश्वर से दिवंगत आत्मा की चिर शांति की प्रार्थना की । साथ ही क्षेत्र वासियों से मरणोपरांत नेत्रदान कराने में वसुधैव कुटुंबकम् काशीपुर को सहयोग का आग्रह किया 🙏
