केदारनाथ यात्रा में महाराष्ट्र की महिला श्रद्धालु बनीं मानवता की मिसाल,बेस अस्पताल को सौंपे ऑक्सीजन कैन

श्रीनगर गढ़वाल। विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम की कठिन और चुनौतीपूर्ण यात्रा के बीच महाराष्ट्र से आई एक महिला श्रद्धालु ने मानवता,सेवा और सामाजिक संवेदनशीलता की ऐसी मिसाल पेश की,जिसकी हर ओर सराहना हो रही है। महाराष्ट्र निवासी महिला यात्री तोषी चौधरी ने अपनी केदारनाथ यात्रा सकुशल पूर्ण होने के बाद अपने पास बची तीन पोर्टेबल ऑक्सीजन कैन श्रीनगर स्थित बेस अस्पताल को भेंट कर दीं,ताकि आवश्यकता पड़ने पर उनका उपयोग मरीजों और तीर्थ यात्रियों की सहायता में किया जा सके। उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित केदारनाथ धाम की यात्रा के दौरान कई बार यात्रियों को ऑक्सीजन की कमी,सांस लेने में परेशानी और स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसी संभावना को ध्यान में रखते हुए तोषी चौधरी अपने साथ हल्की,पोर्टेबल और डिस्पोजेबल ऑक्सीजन कैन लेकर आई थीं। हालांकि मां केदार की कृपा और अनुकूल स्वास्थ्य के चलते उन्हें यात्रा के दौरान इन कैनों की आवश्यकता नहीं पड़ी और उनकी यात्रा सफलतापूर्वक संपन्न हो गई। यात्रा पूरी होने के बाद महिला श्रद्धालु ने केवल अपने उपयोग तक सीमित न रहकर सामाजिक दायित्व का परिचय दिया। उन्होंने सोचा कि ये ऑक्सीजन कैन भविष्य में किसी जरूरतमंद तीर्थ यात्री या मरीज के लिए जीवनदायिनी साबित हो सकती हैं। इसी भावना के साथ वे श्रीनगर स्थित बेस अस्पताल पहुंचीं और तीनों ऑक्सीजन कैन अस्पताल के सुरक्षा सुपरवाइजर को सौंप दिए। तोषी चौधरी ने कहा कि चारधाम यात्रा सीजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहाड़ी क्षेत्रों में पहुंचते हैं,जहां अचानक स्वास्थ्य खराब होने या सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। ऐसे समय में तत्काल ऑक्सीजन उपलब्ध होना कई बार राहत देने वाला साबित होता है। उन्होंने कहा कि यदि उनके द्वारा दिए गए ये ऑक्सीजन कैन किसी एक जरूरतमंद व्यक्ति के भी काम आ जाएं,तो यह उनके लिए सबसे बड़ी संतुष्टि होगी। महिला श्रद्धालु की इस सराहनीय पहल की अस्पताल कर्मियों,स्थानीय लोगों और तीर्थ यात्रियों ने खुलकर प्रशंसा की। लोगों का कहना है कि आज के समय में जहां अधिकांश लोग केवल अपनी सुविधा तक सीमित रहते हैं,वहीं तोषी चौधरी का यह कदम समाज में सेवा और सहयोग की सकारात्मक भावना को मजबूत करता है। विशेषज्ञों का भी मानना है कि उच्च हिमालयी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां बरतनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर प्राथमिक चिकित्सा सामग्री एवं ऑक्सीजन सहायता साथ रखना उपयोगी हो सकता है। ऐसे में महिला यात्री द्वारा अस्पताल को ऑक्सीजन कैन उपलब्ध कराना न केवल मानवीय पहल है,बल्कि दूसरों के लिए प्रेरणा का संदेश भी है। केदारनाथ यात्रा के बीच सामने आई यह छोटी मगर संवेदनशील पहल यह साबित करती है कि सेवा का भाव किसी बड़े मंच या संसाधन का मोहताज नहीं होता। इंसानियत और सहयोग की भावना से किया गया छोटा सा कार्य भी समाज में बड़ा संदेश छोड़ जाता है।
