Sunday 24/ 05/ 2026 

Bharat Najariya
बकरीद पर खुले में पशु बलि रोकने की उठी मांगपूर्व पार्षद देवेंद्र पाल सिंह मोंटी ने लगाया पी एन जी गैस का कैंपमसूरी में जाम से राहत के लिए शुरू हुई शटल सेवा, किंक्रेग पर रोके गए टेंपो ट्रैवलरपर्यटकों को शटल वाहनों से भेजा गया गंतव्य तक, प्रचार-प्रसार की कमी पर कुछ यात्रियों ने जताई नाराजगी  पर्यटन सीजन में लगातार लग रहे ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने के लिए प्रशासन ने शुक्रवार से मसूरी में शटल सेवा की शुरुआत कर दी। एसडीएम राहुल आनंद के नेतृत्व में पुलिस और नगर पालिका की संयुक्त टीम ने मसूरी पेट्रोल पंप किंक्रेग के पास देहरादून से आने वाले टेंपो ट्रैवलरों को रोका और वहां से पर्यटकों को शटल सेवा के माध्यम से उनके गंतव्य तक भेजा गया।शटल सेवा लागू होते ही कुछ पर्यटकों ने नाराजगी भी जताई। उनका कहना था कि इस व्यवस्था का पर्याप्त प्रचार-प्रसार नहीं किया गया, जिसके चलते वे देहरादून से टेंपो ट्रैवलर बुक कर मसूरी घूमने पहुंचे थे। पर्यटकों ने कहा कि यदि पहले जानकारी होती तो वे छोटी गाड़ियों से यात्रा करते। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि नई व्यवस्थाओं की जानकारी पहले से व्यापक स्तर पर दी जाए ताकि पर्यटकों को असुविधा का सामना न करना पड़े।एसडीएम राहुल आनंद ने बताया कि शटल सेवा को लेकर पिछले कई दिनों से तैयारी चल रही थी और सभी स्टेकहोल्डर्स के साथ बैठक कर पहले ही जानकारी साझा कर दी गई थी। उन्होंने कहा कि शुरुआती दौर में कुछ दिक्कतें आना स्वाभाविक है, लेकिन समय रहते व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि टेंपो ट्रैवलरों के शहर में प्रवेश करने से माल रोड और प्रमुख मार्गों पर भारी जाम की स्थिति बन रही थी। इसी को देखते हुए पहले चरण में बड़े वाहनों को किंक्रेग पर रोका जा रहा है और वहां से पर्यटकों को शटल वाहनों के जरिए मसूरी भेजा जा रहा है। प्रत्येक यात्री के लिए ₹50 किराया तय किया गया है और इसके लिए दोनों टैक्सी यूनियनों के साथ समन्वय कर पर्याप्त वाहन उपलब्ध कराए गए हैं।मसूरी कोतवाल देवेंद्र चौहान ने बताया कि पुलिस और प्रशासन संयुक्त रूप से शटल सेवा को सुचारू रूप से संचालित करने में जुटे हैं। उन्होंने कहा कि टेंपो ट्रैवलर संचालकों से सहयोग की अपील की जा रही है ताकि शहर में जाम की स्थिति न बने। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी व्यवस्थाएं नियमों के तहत संचालित की जा रही हैं और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं नगर पालिका की सिटी बस सेवा को भी पर्यटकों की सुविधा के लिए संचालित किया गया, जिसकी स्थानीय लोगों ने सराहना की। प्रशासन का कहना है कि इस व्यवस्था से पर्यटन सीजन में ट्रैफिक दबाव कम होगा और पर्यटकों के साथ स्थानीय लोगों को भी राहत मिलेगी।मसूरी सेंट जॉर्ज कॉलेज में ‘मैनर फैस्ट’ की रंगारंग शुरुआत, प्रतिभाओं ने बिखेरा हुनरसांस्कृतिक महोत्सव में संगीत, क्विज, फोटोग्राफी और बैंड प्रतियोगिताओं ने बांधा समां पर्यटन नगरी मसूरी के प्रतिष्ठित सेंट जॉर्ज कॉलेज में शुक्रवार को दो दिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव ‘मैनर फैस्ट’ का भव्य शुभारंभ उत्साह और रंगारंग प्रस्तुतियों के बीच हुआ। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन कर माहौल को जीवंत बना दिया। महोत्सव के उद्घाटन अवसर पर विद्यालय परिसर सांस्कृतिक रंगों और युवा ऊर्जा से सराबोर नजर आया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मसूरी के ज्वाइंट मजिस्ट्रेट राहुल आनंद रहे। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर महोत्सव का शुभारंभ किया। मुख्य अतिथि और उनकी पत्नी डॉ. अमीशा आनंद, को विद्यालय की ओर से पौधे एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के चारों सदनों के कप्तानों ने स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और टीम भावना के साथ प्रतियोगिताओं में भाग लेने की शपथ ली। इसके बाद विभिन्न सांस्कृतिक और बौद्धिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। महोत्सव के पहले दिन इंडियन और वेस्टर्न सोलो सिंगिंग, ग्रुप सिंगिंग, बैंड प्रतियोगिता, डम शराड, क्विज, स्पेल बी तथा फोटोग्राफी प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों और निर्णायकों को खूब प्रभावित किया। संगीत प्रतियोगिताओं में जहां सुरों की मधुरता देखने को मिली, वहीं क्विज और स्पेल बी प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों की ज्ञान क्षमता और आत्मविश्वास झलकता नजर आया। कार्यक्रम में निर्णायक मंडल की भूमिका इरफान शेख, अमोस डिवैसी, हिमांशु ग्रोवर, तेजस्वी कुमार, गौरव कुमार, निखिल राणा और प्रतिभा द्विवेदी शाह ने निभाई। निर्णायकों ने प्रतिभागियों की रचनात्मकता और प्रस्तुति की सराहना की। मुख्य अतिथि राहुल आनंद ने विद्यालय प्रबंधन की प्रशंसा करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ सह-पाठ्यक्रम गतिविधियां विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना को विकसित करते हैं। विद्यालय के प्रधानाचार्य ब्रदर जयसीलन ने कहा कि ‘मैनर फैस्ट’ का उद्देश्य विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए बेहतर मंच प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। इस अवसर पर उनके साथ सुपीरियर ब्रदर ब्रिटो, प्रधानाचार्य ब्रदर जयसीलन, उप-प्रधानाचार्य ब्रदर सिल्वानुस करकैटा, कल्चरल को-ऑर्डिनेटर दीपाली बल्लभ सहित विद्यालय परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।मसूरी कैमल्स बैक रोड पर टूटी रेलिंग बनी हादसे का कारण, अवैध डंपिंग पर उठे सवालमलबा ले जा रहे लोडर ने देर रात तोड़ी सुरक्षा रेलिंग, पर्यावरण दोहन पर भड़के स्थानीय लोग  पर्यटन नगरी मसूरी के प्रसिद्ध कैमल बैक रोड पर एक बार फिर अवैध डंपिंग और प्रशासनिक लापरवाही का मामला सामने आया है। कैमल्स बैक रोड पर बहुगुणा पार्क से करीब 100 मीटर आगे तथा राधा स्वामी सत्संग के नीचे गहरी खाई की ओर लगी सुरक्षा रेलिंग का एक हिस्सा देर रात अवैध रूप से मलबा खाई में डाल रहे एक लोडर वाहन द्वारा क्षतिग्रस्त कर दिया गया। घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता का माहौल है। स्थानीय लोगों के अनुसार रेलिंग टूटने से सड़क का वह हिस्सा पूरी तरह खुला और बेहद खतरनाक हो गया है। यहां सुबह-शाम बड़ी संख्या में पर्यटक और स्थानीय नागरिक टहलने पहुंचते हैं। ऐसे में किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है और कोई व्यक्ति गहरी खाई में गिरकर गंभीर रूप से घायल हो सकता है।घटना के बाद स्थानीय नागरिकों ने वन विभाग, मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण और मसूरी प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। लोगों का कहना है कि मसूरी में खुलेआम पर्यावरण का दोहन किया जा रहा है, लेकिन संबंधित विभाग आंखें मूंदे बैठे हैं। आरोप लगाया गया कि कैमल्स बैक रोड और आसपास के क्षेत्रों में लगातार सड़क किनारे मलबा और कचरा फेंका जा रहा है, जिससे हरे-भरे पेड़-पौधे नष्ट हो रहे हैं और प्राकृतिक सौंदर्य प्रभावित हो रहा है।स्थानीय नागरिकों ने कहा कि मसूरी धीरे-धीरे कंक्रीट के दबाव और अवैध गतिविधियों के कारण अपनी पहचान खोती जा रही है। पहाड़ियों और संवेदनशील क्षेत्रों में नियमों की अनदेखी कर मलबा फेंका जा रहा है, जिससे भूस्खलन और पर्यावरणीय खतरे भी बढ़ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित विभाग समय रहते कार्रवाई नहीं कर रहे, जिसके चलते अवैध गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है।लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि टूट चुकी रेलिंग को तत्काल ठीक कराया जाए और क्षेत्र को सुरक्षित बनाया जाए। साथ ही, दो वर्ष पूर्व लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर दोषी वाहन और संबंधित लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।स्थानीय पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि यदि समय रहते मसूरी के प्राकृतिक स्वरूप और पर्यावरण संरक्षण को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले वर्षों में मसूरी गंभीर पर्यावरणीय संकट का सामना कर सकती है। उन्होंने प्रशासन से अवैध डंपिंग, मलबा फेंकने और पहाड़ियों के दोहन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।जिलाधिकारी ने राजस्व वसूली से लेकर फार्मर रजिस्ट्री तक अफसरों को दिए कड़े निर्देशमां धारी देवी परिसर में गंदगी फैलाने वालों पर नगर निगम का बड़ा एक्शन,प्लास्टिक फेंकने वालों पर होगी सख्त चालानी कार्रवाईतीन दिवसीय श्रीनगर दौरे पर रहेंगे कैबिनेट मंत्री डॉ.धन सिंह रावत,विकास योजनाओं की देंगे सौगात
राज्य

बकरीद पर खुले में पशु बलि रोकने की उठी मांग

-हिंदू संगठनों ने महापौर को सौंपा ज्ञापन

  • न्यायालय के आदेशों का सख्ती से होगा पालनः महापौर

रूद्रपुर। आगामी बकरीद पर्व को लेकर शहर में कानून व्यवस्था, स्वच्छता और जनभावनाओं से जुड़े मुद्दों पर हिंदू संगठनों ने नगर महापौर से सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है। विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और ब्राह्मण महासभा समेत विभिन्न हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों ने महापौर विकास शर्मा से उनके कार्यालय में मुलाकात कर ज्ञापन सौंपते हुए खुले में होने वाली पशु बलि, पशुओं के अवशेष और खून नालियों में बहाए जाने पर सख्ती से रोक लगाने की मांग की। महापौर ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि न्यायालय के आदेशों का पूरी सख्ती के साथ पालन कराया जाएगा और शहर में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था नहीं होने दी जाएगी।

हिंदू संगठनों के प्रतिनिधियों ने महापौर को सौंपे ज्ञापन में कहा कि बकरीद के दौरान कई स्थानों पर खुलेआम पशु बलि दिए जाने और उसके अवशेष सार्वजनिक स्थलों व नालियों में फेंके जाने की घटनाएं सामने आती रही हैं। इससे न केवल शहर की स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित होती है, बल्कि आमजन की धार्मिक भावनाएं भी आहत होती हैं। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि खुले में पशु अवशेष पड़े रहने और खून नालियों में बहाए जाने से जनस्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है तथा संक्रमण फैलने का खतरा बना रहता है।

पदाधिकारियों ने कहा कि माननीय उच्च न्यायालय द्वारा भी स्पष्ट निर्देश जारी किए जा चुके हैं कि पशु बलि सार्वजनिक स्थलों पर न की जाए और पशुओं के अवशेष खुले में न फेंके जाएं। इसके बावजूद कई स्थानों पर नियमों की अनदेखी देखने को मिलती है। संगठनों ने मांग की कि नगर निगम, प्रशासन और पुलिस संयुक्त रूप से अभियान चलाकर सार्वजनिक स्थलों पर पशु बलि, खुले में मांस काटने और नालियों में अवशेष बहाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें।

प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि त्योहारों की आड़ में कुछ असामाजिक तत्व जानबूझकर सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर अव्यवस्था फैलाने का प्रयास करते हैं, जिससे सामाजिक सौहार्द प्रभावित होता है। उन्होंने प्रशासन से ऐसे तत्वों पर कड़ी निगरानी रखते हुए आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही अपील की कि सभी लोग त्योहार को अपने घरों और निर्धारित स्थानों पर शांतिपूर्ण ढंग से मनाएं, ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

महापौर विकास शर्मा ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि शहर में कानून व्यवस्था और स्वच्छता बनाए रखने के लिए नगर निगम प्रशासन पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने कहा कि न्यायालय के आदेशों का सम्मान सर्वाेपरि है और नगर निगम जल्द ही इस संबंध में एक विस्तृत एसओपी जारी करेगा। खुले में मांस काटने, पशु अवशेषों के निस्तारण और सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश निर्धारित किए जाएंगे।

महापौर से मिलने वालों में विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री राजेन्द्र सिंह मेहरा, जिला धर्म प्रसार प्रमुख सुलतान, प्रखंड मंत्री सुदेव दास गुप्ता, प्रखंड संयोजक प्रिंस कोली, ब्राह्मण महासभा के प्रदेश अध्यक्ष मुकेश वशिष्ठ, प्रदेश उपाध्यक्ष संदीप मिश्रा, छात्र नेता चंदन भट्ट, अभिषेक दास गुप्ता, आशीष यादव तथा अभिनव चंद सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

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