“दो घंटे की बारिश में डूबा रुद्रपुर, विकास के दावों की खुली पोल, बाजार बना तालाब”

उधम सिंह नगर के रुद्रपुर में महज दो घंटे की बारिश ने नगर निगम और प्रशासन के विकास कार्यों की हकीकत सामने ला दी। शहर के मुख्य बाजार, बाटा चौक, मुख्य चौक और डॉ. भीमराव अंबेडकर पार्क समेत कई इलाके जलमग्न हो गए। सड़कों पर घुटनों तक पानी भरने से लोगों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ, जबकि दुकानों के बाहर पानी भरने से व्यापारियों में अफरा-तफरी मच गई।
व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय जुनेजा ने व्यापारियों से समय रहते अपना सामान सुरक्षित स्थान पर रखने की अपील करते हुए नगर निगम और प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि शहर को आधुनिक बनाने के बड़े-बड़े दावे पहली ही बारिश में धराशायी हो गए और जलभराव के दौरान कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर दिखाई नहीं दिया।
वहीं व्यापारी गुरमीत सिंह ने बताया कि हाल ही में सड़क का निर्माण तो कर दिया गया, लेकिन जल निकासी के लिए नालियों का निर्माण नहीं किया गया। यही वजह है कि बारिश का पूरा पानी सड़कों पर भर गया और बाजार तालाब में तब्दील हो गया।
स्थानीय व्यापारियों का आरोप है कि विकास कार्य बिना समुचित योजना के किए जा रहे हैं, जिसका खामियाजा आम जनता और कारोबारियों को भुगतना पड़ रहा है।
बारिश थमने के बाद नगर निगम की टीमें नालियों की सफाई और जेसीबी की मदद से कचरा हटाने में जुटीं। हालांकि तब तक शहर का प्रमुख बाजार पूरी तरह जलमग्न हो चुका था।
वहीं नगर आयुक्त शिप्रा जोशी का कहना है कि नगर निगम की टीमें लगातार जल निकासी के कार्य में लगी हैं और जल्द ही स्थिति सामान्य कर दी जाएगी।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब महज दो घंटे की बारिश में रुद्रपुर का यह हाल हो गया, तो पूरे मानसून के दौरान शहर की स्थिति क्या होगी? यह सवाल फिलहाल आम जनता और व्यापारियों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
