Thursday 16/ 07/ 2026 

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बाल श्रम मुक्त सतपुली का संदेश-संयुक्त अभियान में नहीं मिला एक भी बाल श्रमिक,जागरूकता पर रहा विशेष जोर


पौड़ी/सतपुली/श्रीनगर गढ़वाल। बच्चों का बचपन सुरक्षित रहे,उनके हाथों में किताबें हों,न कि मजदूरी का बोझ-इसी संकल्प को साकार करने की दिशा में जनपद पौड़ी गढ़वाल के सतपुली क्षेत्र में मंगलवार को व्यापक संयुक्त अभियान चलाया गया। पैन इंडिया रेस्क्यू एंड रिहैबिलिटेशन कैंपेन-4.0 के अंतर्गत जिला टास्क फोर्स (डीटीएफ) ने बाजार क्षेत्र में सघन निरीक्षण करते हुए बाल एवं किशोर श्रम उन्मूलन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि निरीक्षण के दौरान किसी भी प्रतिष्ठान या व्यावसायिक स्थल पर कोई बाल श्रमिक अथवा खतरनाक कार्यों में संलग्न किशोर नहीं मिला। बालक एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986 (संशोधित 2016) के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत श्रम प्रवर्तन अधिकारी मोहन बेलवाल के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान में सतपुली के प्रमुख बाजार क्षेत्रों-कोटद्वार रोड,बांघाट रोड,पौड़ी रोड तथा बस स्टेशन परिसर का गहन निरीक्षण किया गया। टीम ने होटल,ढाबों,दुकानों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का बारीकी से निरीक्षण कर यह सुनिश्चित किया कि कहीं भी बच्चों से श्रम न कराया जा रहा हो। निरीक्षण के दौरान टीम ने पाया कि क्षेत्र में कोई भी बालक खतरनाक कार्यों में संलग्न नहीं है तथा किसी भी किशोर को प्रतिबंधित अथवा जोखिमपूर्ण कार्यों में नियोजित नहीं किया गया है। इसे प्रशासन,व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों की बढ़ती जागरूकता का सकारात्मक परिणाम माना जा रहा है। अभियान केवल निरीक्षण तक सीमित नहीं रहा,बल्कि इसे जन-जागरूकता अभियान का भी स्वरूप दिया गया। अधिकारियों ने व्यापारियों,प्रतिष्ठान संचालकों और आम नागरिकों को बाल एवं किशोर श्रम निषेध कानून की विस्तृत जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि बच्चों का स्थान कार्यस्थलों पर नहीं, बल्कि विद्यालयों में है। उन्होंने समाज से अपील की कि यदि कहीं भी बाल श्रम की सूचना मिले तो तत्काल संबंधित विभाग अथवा चाइल्ड हेल्पलाइन को सूचित करें,ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। अधिकारियों ने कहा कि बाल श्रम का उन्मूलन केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं,बल्कि समाज की सामूहिक नैतिक जिम्मेदारी भी है। प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी से ही बच्चों के अधिकार सुरक्षित किए जा सकते हैं और उन्हें शिक्षा,सुरक्षा तथा सम्मानजनक भविष्य उपलब्ध कराया जा सकता है। अभियान में जिला बाल संरक्षण इकाई के जनसंपर्क कार्यकर्ता ओमप्रकाश थपलियाल,चाइल्ड हेल्पलाइन के केस वर्कर धर्मेंद्र सिंह,पुलिस विभाग से उपनिरीक्षक रियाज अहमद,हेड कांस्टेबल टीकम सिंह चौहान,हेड कांस्टेबल वीरेंद्र सिंह तथा सतपुली व्यापार मंडल के अध्यक्ष जयदीप सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी,कर्मचारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे। संयुक्त टीम ने भविष्य में भी ऐसे अभियान नियमित रूप से चलाने का संकल्प व्यक्त किया,ताकि जनपद पौड़ी गढ़वाल को पूर्णतः बाल श्रम मुक्त जनपद बनाने की दिशा में प्रयास लगातार जारी रहें।

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