Thursday 16/ 07/ 2026 

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एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय की पीएचडी प्रवेश परीक्षा निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण संपन्न


श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नन्दन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के विभिन्न विषयों में पीएचडी प्रवेश के लिए आयोजित प्रवेश परीक्षा को पूरी पारदर्शिता,गोपनीयता और निर्धारित नियमावली के अनुरूप सफलतापूर्वक संपन्न कराते हुए उच्च शिक्षा में निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार चारों परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण,सुव्यवस्थित एवं निष्पक्ष वातावरण में संपन्न हुई और कहीं से भी किसी प्रकार की परीक्षा संबंधी अनियमितता की पुष्टि नहीं हुई। विश्वविद्यालय द्वारा 12 जुलाई को आयोजित यह प्रवेश परीक्षा श्रीनगर चौरास परिसर,टिहरी,देहरादून एवं दिल्ली स्थित चार परीक्षा केंद्रों पर सम्पन्न हुई। परीक्षा के सफल संचालन के लिए पूर्व निर्धारित कार्ययोजना के अनुरूप सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई थीं। प्रत्येक केंद्र पर केंद्राध्यक्ष,सहायक केंद्राध्यक्ष,पर्यवेक्षक,कक्ष निरीक्षक,नियंत्रण कक्ष के अधिकारी तथा सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई थी। प्रश्नपत्रों की गोपनीयता,अभ्यर्थियों की पहचान का सत्यापन तथा परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए विश्वविद्यालय की नियमावली का कड़ाई से पालन कराया गया। विश्वविद्यालय द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट के अनुसार सभी परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण,व्यवस्थित एवं निष्पक्ष ढंग से संपन्न हुई। परीक्षा के दौरान कहीं भी ऐसी कोई स्थिति उत्पन्न नहीं हुई,जिससे परीक्षा प्रक्रिया प्रभावित हुई हो। चौरास परिसर स्थित परीक्षा केंद्र पर परीक्षा के दौरान कुछ समय के लिए विद्युत आपूर्ति बाधित हुई,लेकिन विश्वविद्यालय द्वारा उपलब्ध कराई गई वैकल्पिक व्यवस्थाओं के कारण परीक्षा संचालन निर्बाध रूप से जारी रहा और अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी गई। इसी दौरान लगभग दोपहर 12.30 बजे एक अभ्यर्थी ने स्वास्थ्य संबंधी कारणों का हवाला देते हुए परीक्षा कक्ष से बाहर जाने की अनुमति मांगी। परीक्षा अधिकारियों ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए विश्वविद्यालय की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उसकी प्रश्न-पुस्तिका एवं ओएमआर उत्तर-पत्रक सुरक्षित जमा कराकर उसे परीक्षा कक्ष से बाहर जाने की अनुमति प्रदान की। कुछ समय बाद संबंधित अभ्यर्थी ने पुनः परीक्षा कक्ष में प्रवेश कर परीक्षा जारी रखने का अनुरोध किया। विश्वविद्यालय की परीक्षा नियमावली में एक बार परीक्षा कक्ष छोड़ने के बाद पुनः प्रवेश का कोई प्रावधान न होने के कारण परीक्षा अधिकारियों ने नियमों का पालन करते हुए अनुमति देने से इंकार कर दिया। विश्वविद्यालय के अनुसार इसके बाद संबंधित अभ्यर्थी ने परीक्षा केंद्र के बाहर कुछ अन्य लोगों के साथ विरोध दर्ज कराया तथा हंगामा करने का प्रयास किया। स्थिति को परीक्षा अधिकारियों,पर्यवेक्षकों एवं स्थानीय प्रशासन ने संयम,सूझबूझ और प्रशासनिक दक्षता के साथ नियंत्रित किया। आवश्यकतानुसार स्थानीय पुलिस की सहायता ली गई,जिसके बाद स्थिति सामान्य हो गई और परीक्षा की शेष कार्यवाही निर्धारित समय पर बिना किसी व्यवधान के सफलतापूर्वक सम्पन्न कराई गई। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी परीक्षा केंद्रों से प्राप्त ओएमआर उत्तर-पत्रकों को 24×7 सीसीटीवी निगरानी में सुरक्षित रखा गया है। साथ ही पीएचडी प्रवेश परीक्षा की अनंतिम उत्तर कुंजी भी जारी कर दी गई है। जिन अभ्यर्थियों को उत्तर कुंजी पर कोई आपत्ति हो,वे 14 से 15 जुलाई, 2026 तक निर्धारित ई-मेल आईडी पर प्रमाण सहित अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। पीएचडी प्रवेश परीक्षा के समन्वयक डॉ.प्रीतम सिंह नेगी ने कहा कि सोशल मीडिया एवं कुछ समाचार माध्यमों में परीक्षा से जुड़ी घटना को तथ्यों से अलग ढंग से प्रस्तुत किया गया है,जबकि उपलब्ध अभिलेखों एवं विश्वविद्यालय द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि संपूर्ण परीक्षा प्रक्रिया विश्वविद्यालय की निर्धारित नियमावली के अनुरूप पारदर्शी,निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुई तथा परीक्षा की गोपनीयता और विश्वसनीयता पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया एवं विभिन्न माध्यमों में प्रसारित सूचनाओं को गंभीरता से लेते हुए कुलपति के निर्देश पर विश्वविद्यालय स्तर पर एक जांच समिति का गठन किया गया है,जिसकी अधिसूचना कुलसचिव द्वारा जारी कर दी गई है। समिति एक-दो दिनों के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट कुलपति को प्रस्तुत करेगी,जिसके आधार पर आवश्यक निर्णय लिया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने पुनः स्पष्ट किया कि पीएचडी प्रवेश परीक्षा की संपूर्ण प्रक्रिया पारदर्शिता,निष्पक्षता और नियमबद्धता के साथ सम्पन्न हुई है तथा भविष्य में भी उच्च शिक्षा में गुणवत्ता और विश्वसनीय परीक्षा प्रणाली बनाए रखने के लिए इसी प्रकार की कठोर व्यवस्थाएं लागू की जाती रहेंगी।

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