प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को मिलेगा नया प्लेटफॉर्म,श्रीनगर में तीन करोड़ की लागत से बनेगी अत्याधुनिक ई-लाइब्रेरी-डॉ.धन सिंह रावत

श्रीनगर गढ़वाल। श्रीनगर और आसपास के क्षेत्र के उन छात्र-छात्राओं एवं युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है,जो उच्च शिक्षा के साथ विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। अब उन्हें अध्ययन के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त बेहतर और शांत वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में श्रीनगर में अत्याधुनिक ई-लाइब्रेरी का निर्माण किया जा रहा है। करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली यह दुमंजिला ई-लाइब्रेरी क्षेत्र के हजारों विद्यार्थियों के लिए अध्ययन और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का महत्वपूर्ण केंद्र बनने जा रही है। शिक्षा मंत्री एवं श्रीनगर विधायक डॉ.धन सिंह रावत के प्रयासों से आकार ले रही इस ई-लाइब्रेरी को श्रीनगर में विद्यार्थियों के लिए आधुनिक शैक्षणिक संसाधनों की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। शुक्रवार को डॉ.धन सिंह रावत ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय पार्क एवं प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के समीप राजकीय इंटर कॉलेज की वर्षों से खाली पड़ी भूमि पर निर्माणाधीन ई-लाइब्रेरी का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान शिक्षा मंत्री ने कार्यदायी संस्था पेयजल निर्माण निगम के अधिकारियों से भवन निर्माण की प्रगति,निर्धारित लागत,निर्माण की गुणवत्ता तथा प्रस्तावित सुविधाओं की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए और भवन का निर्माण निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा कराया जाए। डॉ.रावत ने कहा कि श्रीनगर शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का महत्वपूर्ण केंद्र है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से यहां अध्ययन के लिए आते हैं। ऐसे में आधुनिक सुविधाओं से युक्त ई-लाइब्रेरी विद्यार्थियों के लिए उपयोगी साबित होगी। इसका उद्देश्य युवाओं को अपने ही क्षेत्र में पढ़ाई के लिए बेहतर संसाधन उपलब्ध कराना है,ताकि उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अन्य बड़े शहरों का रुख न करना पड़े। निर्माणाधीन ई-लाइब्रेरी में विद्यार्थियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आधुनिक अध्ययन सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यहां विभिन्न विषयों की पुस्तकों के साथ ई-लर्निंग की सुविधा,पर्याप्त अध्ययन कक्ष,व्यवस्थित बैठने की व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा। ई-लाइब्रेरी में विद्यार्थी नियमित रूप से शांत वातावरण में अध्ययन कर सकेंगे। विशेष रूप से संघ लोक सेवा आयोग,राज्य लोक सेवा आयोग,एसएससी,बैंकिंग,रेलवे,शिक्षक भर्ती सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को इसका सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। ई-लाइब्रेरी की खास विशेषता यह होगी कि इसे दिव्यांग विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भी विकसित किया जा रहा है। भवन में आवागमन के लिए रैंप सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी,जिससे दिव्यांग विद्यार्थी भी बिना किसी परेशानी के पुस्तकालय का उपयोग कर सकें। इस पहल से ई-लाइब्रेरी को केवल सामान्य विद्यार्थियों के अध्ययन केंद्र के रूप में नहीं,बल्कि सभी वर्गों के विद्यार्थियों के लिए समावेशी अध्ययन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में कदम माना जा रहा है। यह ई-लाइब्रेरी केवल श्रीनगर शहर तक सीमित नहीं रहेगी,बल्कि इसका लाभ कीर्तिनगर,चौरास और आसपास के क्षेत्रों से आने वाले छात्र-छात्राओं को भी मिलेगा। श्रीनगर में उच्च शिक्षा के लिए पहले से बड़ी संख्या में विद्यार्थी पहुंचते हैं। ऐसे में आधुनिक ई-लाइब्रेरी बनने के बाद विद्यार्थियों को एक ही स्थान पर अध्ययन,ई-लर्निंग और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर वातावरण मिल सकेगा। हजारों विद्यार्थियों को शिफ्ट के अनुसार अध्ययन की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है। इससे सीमित संसाधनों वाले विद्यार्थियों को विशेष राहत मिलने की उम्मीद है। खंड शिक्षा अधिकारी अश्वनी रावत ने बताया कि शिक्षा मंत्री के प्रयासों से श्रीनगर में आधुनिक सुविधाओं से युक्त ई-लाइब्रेरी का निर्माण विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को इसका विशेष लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि श्रीनगर के साथ ही कोटद्वार में भी इस प्रकार की ई-लाइब्रेरी का निर्माण किया जा रहा है। श्रीनगर में बनने वाली ई-लाइब्रेरी युवाओं के लिए पढ़ाई,ई-लर्निंग और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का बेहतर,शांत और सुरक्षित केंद्र बनेगी। ई-लाइब्रेरी के निर्माण का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि श्रीनगर और आसपास के क्षेत्रों के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए महंगे निजी पुस्तकालयों या बड़े शहरों पर निर्भरता कम होगी। आधुनिक अध्ययन संसाधन,शांत वातावरण और ई-लर्निंग की सुविधा एक ही परिसर में उपलब्ध होने से विद्यार्थियों को अपनी तैयारी को अधिक व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा। श्रीनगर में इस ई-लाइब्रेरी के निर्माण को शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐसी पहल के रूप में देखा जा रहा है,जो आने वाले समय में युवाओं की पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को नई दिशा देने के साथ क्षेत्र में शैक्षणिक माहौल को और मजबूत करेगी।
