दो प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों की विद्या परिषद में प्रो.हेमवती नंदन को मिली अहम जिम्मेदारी

श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के शोध एवं विकास प्रकोष्ठ के निदेशक प्रो.हेमवती नंदन को उत्तराखंड के दो प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों की विद्या परिषद का सदस्य नियुक्त किया गया है। उन्हें उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय,हल्द्वानी तथा गोविंद बल्लभ पंत अभियंत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान पौड़ी की विद्या परिषद का सदस्य नामित किया गया है। दोनों संस्थानों की विद्या परिषद का सदस्य नियुक्त किया जाना प्रो.हेमवती नंदन की दीर्घ शैक्षणिक एवं प्रशासनिक विशेषज्ञता तथा उच्च शिक्षा,शोध एवं वैज्ञानिक गतिविधियों के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित करता है। विद्या परिषद किसी भी उच्च शिक्षण संस्थान की प्रमुख शैक्षणिक संस्था होती है,जो शैक्षणिक नीतियों,पाठ्यक्रमों,शोध कार्यों,शिक्षण व्यवस्था तथा विभिन्न अकादमिक गतिविधियों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श एवं निर्णय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ऐसे में दोनों संस्थानों में उनकी सहभागिता से उनके अनुभव एवं विशेषज्ञता का व्यापक अकादमिक स्तर पर लाभ मिलने की उम्मीद है। इस महत्वपूर्ण दायित्व के लिए हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.श्रीप्रकाश सिंह एवं कुलसचिव प्रो.वाई.पी.रैवानी ने प्रो.हेमवती नंदन को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की। उन्होंने कहा कि प्रो.हेमवती नंदन का समृद्ध शैक्षणिक एवं प्रशासनिक अनुभव दोनों संस्थानों के लिए उपयोगी सिद्ध होगा। उनके मार्गदर्शन एवं सहभागिता से शैक्षणिक गुणवत्ता,शोध गतिविधियों तथा अकादमिक उन्नयन को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। भौतिक विज्ञान विभाग में कार्यरत प्रो.हेमवती नंदन वर्तमान में दक्षिण अफ्रीका के नॉर्थ वेस्ट विश्वविद्यालय स्थित अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र में विशेष मानद प्रोफेसर के रूप में भी कार्य कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त वे पुणे स्थित अंतर-विश्वविद्यालय खगोल विज्ञान एवं खगोल भौतिकी केंद्र के विजिटिंग एसोसिएट के रूप में पिछले 15 वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय में वे वर्तमान में विश्वविद्यालय अनुसंधान एवं वैज्ञानिक उत्कृष्टता संवर्धन नाम से संचालित विश्वविद्यालय की प्रमुख शोध परियोजना के संयोजक भी हैं। विभिन्न शोध परियोजनाओं से जुड़े प्रो.हेमवती नंदन अब तक 10 से अधिक देशों में अपने शोध कार्यों के सिलसिले में विभिन्न अध्येतावृत्तियों के अंतर्गत भ्रमण कर चुके हैं। शोध एवं अकादमिक क्षेत्र में उनके योगदान का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उनके सफल मार्गदर्शन में अब तक 20 से अधिक शोधार्थी,परियोजना अध्येता तथा उत्तर-डॉक्टरी शोधार्थी अपना शोध कार्य पूरा कर चुके हैं। प्रो.हेमवती नंदन को दो प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों की विद्या परिषद का सदस्य बनाए जाने पर विश्वविद्यालय परिवार में भी खुशी का माहौल है। विश्वविद्यालय के शिक्षकों,अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उन्हें इस महत्वपूर्ण दायित्व के लिए शुभकामनाएं दीं। विश्वविद्यालय परिवार ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रो.हेमवती नंदन अपनी शैक्षणिक विशेषज्ञता,शोध अनुभव एवं प्रशासनिक दक्षता का उपयोग करते हुए दोनों संस्थानों की अकादमिक गतिविधियों को और अधिक प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
