आईटीईपी विद्यार्थियों को मिला कानून का ज्ञान-विधिक अधिकारों से न्याय तक की राह बताई

श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग में आयोजित इंडक्शन प्रोग्राम के तहत आईटीईपी विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ उनके विधिक अधिकारों,कानूनी सहायता एवं न्यायिक सेवाओं के प्रति जागरूक किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सहयोग से विश्वविद्यालय में स्थापित विधिक सेवा केंद्र की ओर से आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में विद्यार्थियों को बताया गया कि आवश्यकता पड़ने पर वे किस प्रकार निःशुल्क विधिक सहायता और कानूनी परामर्श प्राप्त कर सकते हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल कानून की सामान्य जानकारी देना ही नहीं,बल्कि उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग,जिम्मेदार और जागरूक नागरिक के रूप में तैयार करना भी रहा। वक्ताओं ने कहा कि अधिकारों की जानकारी व्यक्ति को किसी भी प्रतिकूल परिस्थिति में उचित कदम उठाने का आत्मविश्वास प्रदान करती है। कार्यक्रम की नोडल अधिकारी डॉ.अनु राही ने विद्यार्थियों को निःशुल्क विधिक सहायता,कानूनी परामर्श,विभिन्न संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों तथा आवश्यकता पड़ने पर विधिक सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यदि किसी विद्यार्थी को किसी प्रकार की कानूनी समस्या का सामना करना पड़ता है अथवा उसके अधिकारों का हनन होता है,तो उसे समस्या को लेकर चुप रहने की आवश्यकता नहीं है। ऐसी स्थिति में विधिक सेवा केंद्र से संपर्क कर उचित मार्गदर्शन एवं सहायता प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे स्वयं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने के साथ-साथ समाज के अन्य लोगों को भी उनके कानूनी अधिकारों और उपलब्ध विधिक सेवाओं के बारे में जानकारी देने में अपनी भूमिका निभाएं। इस अवसर पर डॉ.सिद्धार्थ लोहनी ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से उपस्थित स्वयंसेवी प्रियंका रॉय एवं उनके सहयोगियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास केवल शैक्षणिक ज्ञान तक सीमित नहीं होना चाहिए। एक विद्यार्थी के लिए अपने कानूनी अधिकारों,कर्तव्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों की जानकारी होना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। कानूनी जागरूकता विद्यार्थियों को न केवल अपने अधिकारों की रक्षा करने में सक्षम बनाती है,बल्कि उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में विकसित करने में भी सहायक होती है। कार्यक्रम के दौरान आईटीईपी विद्यार्थियों ने विधिक सेवाओं,कानूनी सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया तथा अधिकारों से संबंधित विभिन्न प्रश्न विशेषज्ञों के समक्ष रखे। विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का विशेषज्ञों द्वारा समाधान करते हुए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। विधिक सेवा केंद्र की भूमिका के बारे में जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को यह समझाया गया कि जरूरतमंद व्यक्ति तक न्याय की पहुंच आसान बनाने के लिए विधिक सहायता व्यवस्था किस प्रकार कार्य करती है। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए कानून से जुड़े विषयों को समझने में रुचि दिखाई। कार्यक्रम के अंत में यह संदेश प्रमुखता से सामने आया कि कानून की जानकारी केवल न्यायालयों तक सीमित विषय नहीं,बल्कि प्रत्येक नागरिक के दैनिक जीवन से जुड़ा महत्वपूर्ण ज्ञान है। विश्वविद्यालय में इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों को अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों के प्रति संवेदनशील बनाने के साथ-साथ उन्हें सामाजिक एवं कानूनी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहे हैं।

