श्रीनगर गिलास हाउस में गूंज रही श्रीमद्भागवत भागवत की अमृतधारा-पितरों की मोक्ष-कामना संग श्रीकृष्ण जन्मोत्सव में झूमे श्रद्धालु

श्रीनगर गढ़वाल। देवभूमि उत्तराखंड की धार्मिक एवं सांस्कृतिक नगरी श्रीनगर गढ़वाल में इन दिनों श्रीमद्भागवत महापुराण की अमृतधारा से गिलास हाउस मोहल्ला भक्तिमय हो उठा है। पितरों की मोक्ष-कामना,उनकी स्मृति में श्रद्धा अर्पित करने तथा परिवार में सुख-शांति,समृद्धि एवं मंगल की कामना को लेकर पितृ भागवत कथा का आयोजन श्रद्धा और भव्यता के साथ किया जा रहा है। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और श्रीमद्भागवत के प्रसंगों का श्रवण कर श्रद्धालु भावविभोर हो रहे हैं। गिलास हाउस मोहल्ले में 27 अगस्त से 2 सितंबर 2026 तक आयोजित हो रही इस पितृ भागवत कथा में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर व्यास पीठ से भगवान की कथा का रसपान कर रहे हैं। कथा स्थल पर भक्ति गीतों,मंत्रोच्चार और भगवान के जयकारों से वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा है। पितरों की स्मृति में भागवत कथा का आयोजन यजमान परिवार कुलदीप सिंह पंवार एवं प्रदीप सिंह पंवार द्वारा अपने पितरों की मोक्ष-कामना एवं श्रद्धापूर्वक स्मरण के उद्देश्य से श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का आयोजन कराया जा रहा है। यह कथा स्व.रमेश सिंह पंवार की स्मृति में उनकी धर्मपत्नी मुन्नी देवी की श्रद्धा एवं संकल्प से आयोजित की जा रही है। सनातन परंपरा में पितरों का स्मरण और उनके प्रति श्रद्धा को विशेष महत्व दिया गया है। इसी भावना को आत्मसात करते हुए पंवार परिवार द्वारा आयोजित यह धार्मिक अनुष्ठान न केवल परिवार के लिए बल्कि क्षेत्र के श्रद्धालुओं के लिए भी आध्यात्मिक आस्था का केंद्र बना हुआ है। कथा के दौरान व्यास पीठ पर विराजमान आचार्य रवि बहुगुणा के मुखारविंद से श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत महापुराण के विभिन्न प्रसंगों का श्रवण कराया जा रहा है। आचार्य द्वारा भगवान की भक्ति,धर्म,सत्य,सदाचार,संस्कार और मानव जीवन के आध्यात्मिक मूल्यों को सरल एवं भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया जा रहा है। कथा के प्रत्येक प्रसंग के साथ श्रद्धालु भक्ति के रंग में रंगते नजर आ रहे हैं। जब कथा स्थल पर भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का वर्णन होता है तो पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठता है और श्रद्धालु भगवान के जयकारों से वातावरण गुंजायमान कर देते हैं। रविवार को कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण जन्म प्रसंग का सुंदर एवं भावपूर्ण वर्णन किया गया। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की कथा प्रारंभ होते ही कथा पंडाल में मौजूद श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। नंद के आनंद भयो,जय कन्हैया लाल की जैसे जयघोषों से कथा स्थल गूंज उठा। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म प्रसंग ने श्रद्धालुओं को भक्ति और आनंद से सराबोर कर दिया। महिलाओं,बुजुर्गों और युवाओं सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण में उपस्थित रहे। वातावरण ऐसा बना कि मानो गिलास हाउस मोहल्ला स्वयं गोकुल की भक्ति में रंग गया हो। धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में अनेक विद्वान आचार्य एवं कलाकार अपनी सेवाएं दे रहे हैं। कथा आयोजन में आचार्य जितेंद्र डंगवाल,आचार्य प्रदीप बहुगुणा,आचार्य आशीष पोखरिया एवं आचार्य परमानंद नैनवाल द्वारा धार्मिक अनुष्ठानों एवं व्यवस्थाओं में सहयोग किया जा रहा है। वहीं संगीत सेवा में आचार्य चंद्र प्रकाश नैथानी एवं नितिन बहुगुणा श्रद्धालुओं को भक्ति संगीत से भावविभोर कर रहे हैं। कथा के लाइव प्रसारण एवं अन्य व्यवस्थाओं में सुमित डोभाल,शुभम गैरोला एवं सूर्य प्रकाश नौटियाल भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। आयोजकों का कहना है कि श्रीमद्भागवत कथा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं,बल्कि मनुष्य को धर्म,संस्कार,सदाचार,सेवा,भक्ति और मानवीय मूल्यों से जोड़ने का माध्यम है। विशेष रूप से पितृ भागवत के माध्यम से नई पीढ़ी को अपने पूर्वजों के प्रति सम्मान,परिवार की परंपराओं और सनातन संस्कृति से जोड़ने का संदेश दिया जा रहा है। उन्होंने क्षेत्र के समस्त श्रद्धालु भक्तों,मातृशक्ति,बुजुर्गों और युवाओं से कथा स्थल पर पहुंचकर भगवान श्रीहरि की कथा का श्रवण करने तथा इस आध्यात्मिक अवसर का लाभ उठाने का आह्वान किया है। 27 अगस्त से प्रारंभ हुई यह पितृ भागवत कथा 2 सितंबर 2026 को विधिवत संपन्न होगी। कथा को लेकर गिलास हाउस मोहल्ले सहित श्रीनगर क्षेत्र में श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह बना हुआ है। पंवार परिवार द्वारा पितरों की स्मृति में आयोजित यह धार्मिक अनुष्ठान श्रद्धा,संस्कार और सनातन परंपरा के प्रति आस्था का सुंदर उदाहरण बनकर सामने आ रहा है।
