नृसिंह वाटिका में गूंजी भक्ति की मंगलध्वनि-परिवार संग पहुंचे मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने भगवान नृसिंह एवं बाबा रसिकेश्वर महादेव के चरणों में टेका माथा

ऋषिकेश/श्रीनगर गढ़वाल। देवभूमि उत्तराखंड की पावन आध्यात्मिक धरती पर धर्म,आस्था और जनसेवा का अनूठा संगम उस समय देखने को मिला,जब उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने अपने परिवार सहित रायवाला स्थित नृसिंह वाटिका आश्रम पहुंचकर भगवान श्री नृसिंह देव एवं बाबा रसिकेश्वर महादेव के श्रीचरणों में श्रद्धापूर्वक दर्शन-पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। आश्रम पहुंचने पर वातावरण भक्तिमय हो उठा। वैदिक मंत्रोच्चार,पूजा-अर्चना और धार्मिक वातावरण के बीच मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने भगवान श्री नृसिंह देव की विधिवत पूजा कर प्रदेश की सुख-समृद्धि,शांति एवं खुशहाली की कामना की। साथ ही बाबा रसिकेश्वर महादेव के श्रीचरणों में नमन कर आध्यात्मिक ऊर्जा एवं आशीर्वाद प्राप्त किया। नृसिंह वाटिका आश्रम लंबे समय से धर्म,आध्यात्म,सनातन संस्कृति और सामाजिक चेतना के क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र बना हुआ है। ऐसे पावन स्थल पर मंत्री का परिवार सहित पहुंचना क्षेत्र के श्रद्धालुओं के लिए भी विशेष आध्यात्मिक अवसर रहा। दर्शन के साथ सुनीं क्षेत्रवासियों की समस्याएं,पूजन-दर्शन के उपरांत क्षेत्रवासियों एवं श्रद्धालुओं ने मंत्री डॉ.धन सिंह रावत से मुलाकात कर क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं से उन्हें अवगत कराया। लोगों ने सड़क,शिक्षा,विकास एवं अन्य स्थानीय विषयों से संबंधित समस्याएं उनके समक्ष रखीं। मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने क्षेत्रवासियों की समस्याओं को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि एवं सरकार का दायित्व केवल योजनाएं बनाना ही नहीं,बल्कि जनता की समस्याओं को धरातल पर समझकर उनका समाधान सुनिश्चित करना भी है। जनसमस्याओं के त्वरित समाधान की दिशा में उन्होंने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों से दूरभाष के माध्यम से वार्ता की तथा अधिकांश समस्याओं के शीघ्र एवं प्रभावी निराकरण के लिए आवश्यक निर्देश दिए। मंत्री की इस तत्परता से उपस्थित क्षेत्रवासियों में भी संतोष का भाव दिखाई दिया। नृसिंह भक्ति सेवा संस्थान भारतवर्ष की ओर से कहा गया कि मंत्री डॉ.धन सिंह रावत की कार्यशैली में धार्मिक आस्था के साथ-साथ जनसेवा के प्रति संवेदनशीलता और तत्परता दिखाई देती है। आध्यात्मिक स्थलों पर पहुंचकर संत-महात्माओं का आशीर्वाद प्राप्त करना और साथ ही आमजन की समस्याओं को सुनकर उनके समाधान के लिए तत्काल पहल करना सामाजिक एवं सार्वजनिक जीवन में सकारात्मक संदेश देता है।संस्थान की ओर से कहा गया कि देवभूमि की सनातन परंपरा में धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है,बल्कि धर्म का मूल भाव लोककल्याण,सेवा,करुणा और समाज के प्रत्येक व्यक्ति के सुख-दुःख में सहभागी बनना है। नृसिंह वाटिका आश्रम में आयोजित यह अवसर इसी भावना का सुंदर उदाहरण बना। नृसिंह भक्ति सेवा संस्थान भारतवर्ष एवं समस्त क्षेत्रवासियों की ओर से मंत्री डॉ.धन सिंह रावत के प्रति हृदय की गहराइयों से हार्दिक आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया गया। इस पावन अवसर पर नृसिंह वाटिका आश्रम की संचालिका पूज्य साध्वी मां देवेश्वरी,वेदाचार्य सुमन कुकरेती,प्रतीतनगर-रायवाला क्षेत्र के प्रमुख समाजसेवी नवनीत सिंह चौहान,रामनगर डांडा थानों निवासी एवं वर्तमान में दिल्ली में निवासरत प्रमुख व्यवसायी ब्रह्मदत्त उनियाल सहित आश्रम से जुड़े बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं भक्तजन उपस्थित रहे। संतों,विद्वानों,समाजसेवियों एवं श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने पूरे आयोजन को धार्मिक एवं आध्यात्मिक गरिमा प्रदान की। आश्रम परिसर में भगवान श्री नृसिंह की भक्ति और सनातन संस्कृति के जयघोष से वातावरण आध्यात्मिक भाव से ओतप्रोत रहा। इस अवसर पर नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज अध्यक्ष सनातन धर्म विकास परिषद उत्तर प्रदेश एवं कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त,नृसिंह भक्ति सेवा संस्थान भारतवर्ष की ओर से मंत्री डॉ.धन सिंह रावत के प्रति आभार व्यक्त किया गया। धर्म,संस्कृति,आध्यात्म और जनसेवा के इस संगम ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि देवभूमि की आध्यात्मिक परंपरा में ईश्वर की भक्ति के साथ समाज और जनमानस की सेवा ही सच्चे लोककल्याण का मार्ग है।
