श्रीनगर में राष्ट्रीय लोक अदालत का बड़ा असर-317 मामलों का हुआ निस्तारण

श्रीनगर गढ़वाल। देवभूमि उत्तराखंड में न्याय को आमजन की पहुंच तक सरल,सुलभ और त्वरित बनाने की दिशा में राष्ट्रीय लोक अदालत ने एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में अपनी प्रभावी भूमिका निभाई। शनिवार 12 सितंबर 2026 को बाह्य न्यायालय श्रीनगर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 317 मामलों का निस्तारण किया गया। इनमें सर्वाधिक 301 फौजदारी वाद शामिल रहे। लोक अदालत के माध्यम से विभिन्न प्रकृति के मामलों का आपसी सहमति एवं विधिक प्रक्रिया के अनुरूप समाधान किए जाने से संबंधित पक्षों को त्वरित न्याय का लाभ मिला। विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल के निर्देशों तथा जिला जज एवं अध्यक्ष,जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पौड़ी गढ़वाल के आदेशानुसार बाह्य न्यायालय श्रीनगर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत पीठ की अध्यक्षता सिविल जज/न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कु.अलका ने की,जबकि विद्वान अधिवक्ता नितेश भारती पीठ के सदस्य रहे। राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान बाह्य न्यायालय श्रीनगर द्वारा कुल 317 मामलों का निस्तारण किया गया। इनमें 301 फौजदारी वाद,3 मामले परक्राम्य लिखत अधिनियम (एन.आई. एक्ट),9 अंतिम रिपोर्ट,1 घरेलू हिंसा अधिनियम का मामला,2 बैंक वसूली से संबंधित मामले तथा 1 भारतीय दंड संहिता से संबंधित मामला शामिल रहा। बड़ी संख्या में मामलों के निस्तारण से यह स्पष्ट हुआ कि लोक अदालत विवादों के समाधान का प्रभावी और व्यावहारिक माध्यम बनकर सामने आ रही है। राष्ट्रीय लोक अदालत का मूल उद्देश्य न्यायालयों में लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण करने के साथ-साथ वादकारियों को अनावश्यक समय,धन और मानसिक परेशानी से राहत दिलाना है। लोक अदालत में पक्षकारों की सहमति और आपसी समझ के आधार पर मामलों का समाधान किए जाने से न्यायिक प्रक्रिया को गति मिलती है तथा लंबे समय से लंबित विवादों के समाधान का मार्ग भी प्रशस्त होता है। आयोजन के दौरान बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों एवं अधिवक्ताओं ने भी सक्रिय सहभागिता की। इस अवसर पर बार एसोसिएशन अध्यक्ष प्रमेश चन्द्र जोशी,संरक्षक अनूप पांथरी,पूर्व अध्यक्ष बार कौंसिल ऑफ उत्तराखंड अर्जुन सिंह भण्डारी,महासचिव ब्रह्मानंद भट्ट सहित अधिवक्ता विकास पंत,देवी प्रसाद खरे,प्रदीप मैठाणी,सुबोध भट्ट,विकास कठैत,राखी राय,महेंद्र पाल सिंह रावत,भूपेंद्र सिंह पुंडीर,कविता मेवाड़,सुरेंद्र सिंह रौथाण,सुनीता भण्डारी,गौरव उपाध्याय,आनंद सिंह बुटोला,कुलदीप दानू,रतन सिंह बिष्ट,लक्ष्मीकांत एवं प्रेरणा काला उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त पीएलवी सदस्य प्रीति बिष्ट,पूनम हटवाल,प्रियंका रॉय,प्रकाश नेगी,मानव बिष्ट एवं रोशनी देवी ने भी लोक अदालत की कार्यवाही में सहयोग प्रदान किया। न्यायालय के कर्मचारी निर्मल सिंह,रीडर ज्योतिष घिल्डियाल,स्टेनो हिरदेश कुमारी,सोहन सिंह तथा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी आनंद प्रसाद भारती सहित अन्य कार्मिक भी मौजूद रहे। राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि आपसी सहमति,संवाद और विधिक प्रक्रिया के माध्यम से विवादों का त्वरित एवं प्रभावी समाधान संभव है। श्रीनगर बाह्य न्यायालय में एक ही दिन में 317 मामलों का निस्तारण न्याय व्यवस्था की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है,जिसके माध्यम से आम नागरिकों को सुलभ न्याय उपलब्ध कराने के साथ न्यायालयों में लंबित मामलों के बोझ को कम करने का प्रयास किया जा रहा है।
