Friday 17/ 04/ 2026 

Bharat Najariya
देर रात महिला से अभद्रता की घटनाओं ने बढ़ाई चिंता, पुलिस कार्रवाई की मांगरुद्रपुर में देर रात महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाने वाली घटनाएं सामने आई हैं। जानकारी के अनुसार कल रात्रि लगभग 11:00 बजे रुद्रपुर के आवास विकास क्षेत्र में उत्तर प्रदेश नंबर UP-15 की सफेद रंग की स्विफ्ट डिजायर कार द्वारा खुलेआम एक महिला से बदतमीजी किए जाने की घटना सामने आई। घटना के बाद पीड़ित पक्ष द्वारा डायल 112 पर इसकी सूचना भी दी गई, जिससे पुलिस को मामले से अवगत कराया गया।बताया जा रहा है कि यही संदिग्ध कार रुद्रपुर के मेडिसिटी अस्पताल के पास भी इसी प्रकार की घटना को अंजाम देने की बात सामने आ रही है। इतना ही नहीं, थाना ट्रांजिट कैंप क्षेत्र में खजूर के पेड़ के पास भी इसी वाहन द्वारा राहगीरों और महिलाओं से अभद्र व्यवहार किए जाने की जानकारी मिल रही है। एक ही वाहन द्वारा अलग-अलग स्थानों पर देर रात इस प्रकार की घटनाओं को अंजाम देने से लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल बनता जा रहा है।रुद्रपुर जैसे औद्योगिक शहर में बड़ी संख्या में महिलाएं नौकरी, व्यापार और अन्य कार्यों के चलते देर रात तक आवागमन करती हैं। ऐसे में इस प्रकार की घटनाएं महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। देर रात सड़क पर गाड़ियों द्वारा महिलाओं से अभद्रता करना, राहगीरों को डराना या बदतमीजी करना केवल अनुशासनहीनता नहीं बल्कि कानून व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती है। यदि समय रहते ऐसे मामलों पर अंकुश नहीं लगाया गया तो भविष्य में कोई बड़ी घटना भी घटित हो सकती है।उधम सिंह नगर सीमावर्ती जिला होने के कारण उत्तर प्रदेश से आने वाली गाड़ियों की आवाजाही अधिक रहती है। कुछ असामाजिक तत्व इसी का फायदा उठाकर देर रात अराजकता फैलाने का प्रयास करते हैं। ऐसे में पुलिस प्रशासन को इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित वाहन की पहचान कर कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही सीसीटीवी फुटेज खंगालकर वाहन और उसमें सवार लोगों की पहचान करना जरूरी हो गया है।स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ऐसे तत्वों पर सख्त कार्रवाई की जाए तो भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है। महिला सुरक्षा को लेकर पुलिस की सक्रियता बेहद जरूरी है ताकि शहर में भय का माहौल समाप्त हो और महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें।जनता को भी सजग रहने की आवश्यकता है और ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दी जानी चाहिए। पुलिस और जनता के संयुक्त प्रयास से ही सुरक्षित वातावरण बनाया जा सकता है।महिला सुरक्षा सर्वोपरि है और देर रात सड़कों पर इस प्रकार की दबंगई करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई ही ऐसे मामलों को रोकने का प्रभावी उपाय साबित हो सकता है।नानकमत्ता क्षेत्र में आबकारी टीम की बड़ी कार्रवाई, 3 भट्टियां ध्वस्त — 95 लीटर कच्ची शराब व 4500 किलोग्राम लहन नष्ट खटीमा / नानकमत्ता। अवैध कच्ची शराब के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत आबकारी विभाग खटीमा टीम ने नानकमत्ता क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। टीम ने बिछुआ गांव के नाले के पास चल रही अवैध शराब निर्माण की तीन भट्टियों को मौके पर ही नष्ट कर दिया।कार्रवाई के दौरान आबकारी टीम ने आसपास के क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान लगभग 95 लीटर कच्ची शराब बरामद की गई। इसके अलावा मौके पर लगभग 4500 किलोग्राम लहन (कच्ची शराब बनाने में प्रयुक्त सामग्री) भी पाया गया, जिसे टीम द्वारा मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।आबकारी विभाग की इस कार्रवाई से अवैध शराब कारोबारियों में हड़कंप मच गया। टीम ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में अवैध शराब के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।आबकारी विभाग ने स्थानीय लोगों से भी अपील की है कि यदि कहीं अवैध शराब बनाने या बेचने की सूचना मिले तो तुरंत विभाग को अवगत कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।​चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा भर्ती की आयु सीमा घटाने पर समाजसेवी राजबीर सिंह भारतीय ने जताई कड़ी आपत्ति; पूछा— ‘कहाँ गया युवाओं को रोजगार देने का वायदा?’​​चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा सरकारी भर्तियों में अधिकतम आयु सीमा को 37 वर्ष से घटाकर 27 वर्ष करने के फैसले पर राजबीर सिंह भारतीय (सेवानिवृत्त सुपरिंटेंडेंट, कार्यालय महाधिवक्ता, हरियाणा) ने गहरा रोष प्रकट किया है। उन्होंने इस कदम को युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताते हुए प्रशासन और सरकार की नीतियों पर तीखे सवाल उठाए हैं।​प्रमुख मांगें और उठाए गए सवाल:​अंधकार में भविष्य: श्री भारतीय ने कहा कि हजारों युवा पिछले कई वर्षों से 37 वर्ष की आयु सीमा को आधार मानकर सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे थे। अचानक आयु सीमा में 10 साल की कटौती करने से ये अभ्यर्थी परीक्षा में बैठने से पहले ही ‘ओवरएज’ हो गए हैं। उनकी वर्षों की मेहनत पर पानी फिर गया है।​रोजगार के वायदे पर सवाल: उन्होंने सरकार को घेरते हुए पूछा कि हर साल 2 करोड़ रोजगार देने का जो वायदा किया गया था, वह कहाँ गया? एक तरफ रोजगार के अवसर बढ़ाने की बात होती है, वहीं दूसरी तरफ उम्र की पाबंदी लगाकर युवाओं को दौड़ से बाहर किया जा रहा है।​सेंट्रल सर्विस रूल्स का हवाला गलत: राजबीर सिंह भारतीय ने तर्क दिया कि केंद्रीय सेवा नियम लागू करना युवाओं के हितों की बलि देकर नहीं होना चाहिए। यदि भर्ती प्रक्रिया में देरी प्रशासन की ओर से हुई है, तो उसकी सजा युवाओं को क्यों दी जा रही है?​विशेष भर्ती अभियान की मांग: उन्होंने प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि प्रभावित युवाओं के लिए पुरानी 37 वर्ष की सीमा के तहत एक विशेष भर्ती अभियान चलाया जाए, ताकि जिन उम्मीदवारों ने सालों तक इंतजार किया है, उन्हें अपना भविष्य सुधारने का एक अंतिम अवसर मिल सके।​युवाओं के साथ खड़े रहने का संकल्प:समाजसेवी राजबीर सिंह भारतीय ने स्पष्ट किया कि यदि प्रशासन ने इस तुगलकी फरमान को वापस नहीं लिया या युवाओं को उचित छूट नहीं दी, तो इसके खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाई जाएगी। उन्होंने कहा, “जब तक युवाओं को उनका हक नहीं मिल जाता, हम शांत नहीं बैठेंगे। देश का युवा आज खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है और प्रशासन की यह बेरुखी उनके भविष्य को अंधकार की ओर धकेल रही है।”​कोलम्बस के विद्यार्थियों ने 10वीं की बोर्ड परीक्षाओं में अर्जित किया शत प्रतिशत परिणाम 98.4% के साथ दिव्यांशु मेहरा ने किया विद्यालय टॉपखेत में गेहूं काट रही छात्रा पर गुलदार का हमला छात्रा गंभीर रूप से घायल। डीएम ने अस्पताल पहुंच कर जाना हालस्थान । नैनीतालआठों ब्लॉक प्रमुखों की हुई महत्वपूर्ण बैठक जिसमें एकता, मजबूती एवं विकास कार्यों को कराये जानेकी गई चर्चा।रिपोर्ट। ललित जोशी।नैनीताल। सरोवर नगरी से दूर जनपद नैनीताल के भीमताल विकासखंड में जनपद के आठों ब्लॉक प्रमुखों की एक महत्वपूर्ण एवं सार्थक बैठक आयोजित की गई, जिसमें ब्लॉक प्रमुख के संगठन की एकता मजबूतीकरण,जनहित एवं विकास योजनाओं पंचायतों को मजबूत करने पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य विकास कार्यों में पारदर्शिता, समन्वय एवं प्रभावशीलता , पंचायतों को और अधिक सुदृढ़ बनाना रहा।बैठक के दौरान क्षेत्र पंचायत समिति (BDC) की बैठकों में जिलाधिकारी सहित अन्य जनपद के जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित कराने के विषय पर एक स्वर में गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया। सभी ब्लॉक प्रमुखों ने एक स्वर में इस बात पर जोर दिया कि उच्च अधिकारियों की सहभागिता से विकास योजनाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा तथा स्थानीय समस्याओं का त्वरित समाधान संभव हो सकेगा। प्रमुखों ने एक स्वर में यह भी निर्णय लिया ब्लॉक पर पढ़ने वाले अनावश्यक हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा साथ ही हस्तक्षेप करने वाले लोगों के खिलाफ भी एक जुटता के साथ संघर्ष किया जाएगा।इसके अतिरिक्त, ब्लॉक प्रमुख संगठन की कार्यकारिणी के गठन को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई। संगठन को और अधिक सशक्त एवं संगठित बनाने के उद्देश्य से सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि आगामी बैठक में कार्यकारिणी का विधिवत गठन किया जाएगा, जिससे संगठनात्मक कार्यों में गति एवं प्रभावशीलता लाई जा सके।बैठक में उपस्थित सभी ब्लॉक प्रमुखों ने जनहित के मुद्दों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने, आपसी समन्वय बनाए रखने तथा क्षेत्र के समग्र विकास के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया। साथ ही, यह भी निर्णय लिया गया कि भविष्य में इस प्रकार की बैठकों का नियमित आयोजन किया जाएगा, जिससे विकास कार्यों की सतत समीक्षा एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। इससे पूर्व भीमताल आगमन पर ब्लॉक प्रमुख भीमताल डॉo हरीश सिंह बिष्ट ने सभी का स्वागत किया। यह बैठक जनप्रतिनिधियों के बीच एकजुटता एवं विकास के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक बैठक में ब्लॉक प्रमुख भीमताल डॉo हरीश सिंह बिष्ट,ब्लॉक प्रमुख हल्द्वानी मंजू गौड़ , ब्लॉक प्रमुख ओखलकाडा के डी रूवाली , ब्लॉक प्रमुख रामनगर मंजू नेगी, ब्लॉक प्रमुख कोटाबाग मनीषा जंतवाल, ब्लॉक प्रमुख धारी कु भावना आर्य, ब्लॉक प्रमुख बेतालघाट अंकित साह, ब्लॉक प्रमुख रामगढ़ दीपक कुमार, ज्येष्ठ प्रमुख संजय नेगी, ज्येष्ठ प्रमुख उमेश पलड़िया मौजूद रहे।उधम सिंह नगर। सचिव स्वास्थ्य महोदय द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रम मे शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे जागरूकता अभियान के तहत सम्पूर्ण जनपद में स्वास्थ्य विभाग द्वारा जागरूकता कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इस अभियान मे स्वास्थ्य विभाग द्वारा गठित टीमों द्वारा गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों से संपर्क कर बैठकों आदि के माध्यम से संस्थागत प्रसव के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है ।आध्यात्मिक चेतना से समृद्ध हो रहा समाज: विकास शर्माजेसीज का दसवीं की बोर्ड परीक्षा में शतप्रतिशत परिणाम के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन

देवप्रयाग के युवा विधायक विनोद कंडारी ने दूरसंचार मंत्री से की मुलाकात,क्षेत्र के सभी स्कूलों के डिजिटलीकरण की रखी मांग

नई दिल्ली/श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड की देवभूमि देवप्रयाग विधानसभा के युवा व जुझारू विधायक विनोद कंडारी ने आज एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए देश के दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से दूरसंचार भवन नई दिल्ली में मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के सभी विद्यालयों को डिजिटल तकनीक से सुसज्जित करने की मांग रखी। इस मुलाकात को केवल एक शिष्टाचार भेंट नहीं,बल्कि शिक्षा के डिजिटलीकरण की दिशा में उठाया गया ठोस कदम माना जा रहा है। विधायक कंडारी ने मंत्री के समक्ष स्पष्ट रूप से कहा कि-अगर हमें भविष्य को सशक्त बनाना है,तो हमें वर्तमान के बच्चों को तकनीकी शिक्षा से जोड़ना होगा। और यह तभी संभव है,जब हमारे दूरस्थ व पर्वतीय विद्यालय भी डिजिटल इंडिया का हिस्सा बनें। विधायक कंडारी ने मंत्री के समक्ष चार अहम सुझाव प्रस्तुत किए-देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के सभी प्राथमिक,उच्च प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लासरूम की स्थापना,तेज गति की इंटरनेट कनेक्टिविटी और आवश्यक डिजिटल अवसंरचना की सुविधा,विद्यालयों को डिजिटल बोर्ड,प्रोजेक्टर,कंप्यूटर व टैबलेट जैसे आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित करना,शिक्षकों को तकनीकी प्रशिक्षण देना ताकि वे डिजिटल माध्यम से शिक्षा देने में दक्ष हों। दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने विधायक की इस जनहितकारी मांग को गंभीरता से लेते हुए कहा कि मंत्रालय की योजनाएं अब उन क्षेत्रों तक पहुंचेंगी,जो आज भी तकनीक से वंचित हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि देवप्रयाग क्षेत्र को डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में एक मॉडल विधानसभा क्षेत्र के रूप में विकसित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। यह भेंट केवल एक राजनीतिक संवाद नहीं थी,बल्कि उसमें एक जनप्रतिनिधि की दूरदर्शिता,जिम्मेदारी और संवेदनशीलता झलक रही थी। देवप्रयाग जैसे पर्वतीय क्षेत्र,जहां आज भी कुछ विद्यालय संचार व संसाधनों से कोसों दूर हैं,वहां डिजिटल शिक्षा की परिकल्पना को मूर्त रूप देने की यह कोशिश शिक्षा क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव का संकेत है। जनमानस की प्रतिक्रिया-देवप्रयाग क्षेत्र के छात्रों,अभिभावकों और शिक्षकों ने विधायक की इस पहल को साहसिक और भविष्य दृष्टि से परिपूर्ण कदम बताते हुए इसे समय की मांग बताया है। विधायक विनोद कंडारी की यह पहल यह दर्शाती है कि यदि राजनीतिक इच्छाशक्ति मजबूत हो तो संसाधनों की कमी भी विकास की राह में बाधा नहीं बन सकती। देवभूमि अब डिजिटल युग की ओर तेजी से कदम बढ़ा रही है।