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देर रात महिला से अभद्रता की घटनाओं ने बढ़ाई चिंता, पुलिस कार्रवाई की मांगरुद्रपुर में देर रात महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाने वाली घटनाएं सामने आई हैं। जानकारी के अनुसार कल रात्रि लगभग 11:00 बजे रुद्रपुर के आवास विकास क्षेत्र में उत्तर प्रदेश नंबर UP-15 की सफेद रंग की स्विफ्ट डिजायर कार द्वारा खुलेआम एक महिला से बदतमीजी किए जाने की घटना सामने आई। घटना के बाद पीड़ित पक्ष द्वारा डायल 112 पर इसकी सूचना भी दी गई, जिससे पुलिस को मामले से अवगत कराया गया।बताया जा रहा है कि यही संदिग्ध कार रुद्रपुर के मेडिसिटी अस्पताल के पास भी इसी प्रकार की घटना को अंजाम देने की बात सामने आ रही है। इतना ही नहीं, थाना ट्रांजिट कैंप क्षेत्र में खजूर के पेड़ के पास भी इसी वाहन द्वारा राहगीरों और महिलाओं से अभद्र व्यवहार किए जाने की जानकारी मिल रही है। एक ही वाहन द्वारा अलग-अलग स्थानों पर देर रात इस प्रकार की घटनाओं को अंजाम देने से लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल बनता जा रहा है।रुद्रपुर जैसे औद्योगिक शहर में बड़ी संख्या में महिलाएं नौकरी, व्यापार और अन्य कार्यों के चलते देर रात तक आवागमन करती हैं। ऐसे में इस प्रकार की घटनाएं महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। देर रात सड़क पर गाड़ियों द्वारा महिलाओं से अभद्रता करना, राहगीरों को डराना या बदतमीजी करना केवल अनुशासनहीनता नहीं बल्कि कानून व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती है। यदि समय रहते ऐसे मामलों पर अंकुश नहीं लगाया गया तो भविष्य में कोई बड़ी घटना भी घटित हो सकती है।उधम सिंह नगर सीमावर्ती जिला होने के कारण उत्तर प्रदेश से आने वाली गाड़ियों की आवाजाही अधिक रहती है। कुछ असामाजिक तत्व इसी का फायदा उठाकर देर रात अराजकता फैलाने का प्रयास करते हैं। ऐसे में पुलिस प्रशासन को इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित वाहन की पहचान कर कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही सीसीटीवी फुटेज खंगालकर वाहन और उसमें सवार लोगों की पहचान करना जरूरी हो गया है।स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ऐसे तत्वों पर सख्त कार्रवाई की जाए तो भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है। महिला सुरक्षा को लेकर पुलिस की सक्रियता बेहद जरूरी है ताकि शहर में भय का माहौल समाप्त हो और महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें।जनता को भी सजग रहने की आवश्यकता है और ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दी जानी चाहिए। पुलिस और जनता के संयुक्त प्रयास से ही सुरक्षित वातावरण बनाया जा सकता है।महिला सुरक्षा सर्वोपरि है और देर रात सड़कों पर इस प्रकार की दबंगई करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई ही ऐसे मामलों को रोकने का प्रभावी उपाय साबित हो सकता है।

