उत्तरकाशी। मानसून के दौरान संभावित प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए गुरुवार को पूरे उत्तराखंड के सभी 13 जनपदों में राज्य स्तरीय मॉक ड्रिल आयोजित की गई। जनपद उत्तरकाशी में दो विकासखंडों के पांच चिन्हित स्थानों पर यह मॉक ड्रिल सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
प्रातः 9:30 बजे आपदा सायरन बजते ही जिला प्रशासन ने तत्काल इंसिडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम (IRS) को सक्रिय कर दिया। इसके बाद पुलिस, एसडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन, लोक निर्माण विभाग, विद्युत, जल संस्थान, राजस्व एवं अन्य संबंधित विभागों की राहत एवं बचाव टीमें आवश्यक संसाधनों के साथ निर्धारित घटनास्थलों के लिए रवाना हुईं।
मॉक ड्रिल के दौरान जिला आपदा परिचालन केंद्र (कंट्रोल रूम) से पूरे अभियान की लगातार निगरानी की गई तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर राहत एवं बचाव कार्यों का संचालन किया गया। अभ्यास के माध्यम से आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया, संसाधनों की उपलब्धता, संचार व्यवस्था तथा विभागीय समन्वय की प्रभावशीलता का परीक्षण किया गया।
जिला प्रशासन ने बताया कि इस तरह के अभ्यास का उद्देश्य मानसून के दौरान भूस्खलन, बादल फटने, बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में प्रशासन एवं बचाव एजेंसियों की तैयारियों को और अधिक मजबूत बनाना है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में जन-धन की हानि को न्यूनतम किया जा सके।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि मानसून अवधि में सतर्क रहें, मौसम विभाग और जिला प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा किसी भी आपात स्थिति में DDMA हेल्पलाइन 1077 या आपातकालीन सेवा 112 पर तत्काल संपर्क करें।
- बाईट – जिलाधिकारी उत्तरकाशी
