Monday 09/ 02/ 2026 

Bharat Najariya
​विषय: प्रशासन की लापरवाही से ‘डेंजर जोन’ बना मनीमाजरा का नागला मोहल्ला पार्क; मासूमों की जान दांव पर!​-मनीमाजरा के नागला मोहल्ला पार्क में आवारा कुत्तों का आतंक; बच्चे और बुजुर्ग घरों में कैद होने को मजबूरनहर पटरी पर अवैध कब्जों पर चला प्रशासन का डंडा, 105 दुकानों को हटाने का अल्टीमेटम — बिजली कनेक्शन भी काटेगदरपुर । महतोष बाजार क्षेत्र में निचली भाखड़ा नहर की पटरी पर हुए अवैध कब्जों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। उपजिलाधिकारी एवं तहसीलदार ऋचा सिंह व तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और सिंचाई विभाग की भूमि पर बनी 105 अवैध दुकानों को एक सप्ताह के भीतर स्वयं हटाने के निर्देश दिए।प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी कि निर्धारित समय सीमा में अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो बुलडोजर कार्रवाई की जाएगी और संबंधित लोगों से जुर्माना वसूला जाएगा। कार्रवाई के दौरान विद्युत विभाग भी सक्रिय रहा। एसडीओ के निर्देश पर अवैध रूप से संचालित दुकानों के बिजली कनेक्शन तत्काल प्रभाव से कटवा दिए गए।अधिकारियों ने कहा कि नहर पटरी पर अतिक्रमण से सिंचाई व्यवस्था प्रभावित होने के साथ-साथ दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है, इसलिए जनहित में यह अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन की इस सख्ती से अवैध कब्जाधारियों में हड़कंप मचा हुआ है। मौके पर सिंचाई विभाग के अधिकारी कर्मचारी विद्युत विभाग के अधिकारी कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे।निचले इलाकों में ग्रीष्मकालीन धाम रोपाई की अनुमति दिए जाने पर किसानों ने जताया आभारगदरपुर। उधमसिंह नगर जिला प्रशासन द्वारा जलभराव वाले निचले क्षेत्रों में ग्रीष्मकालीन धान (सांठी) की नर्सरी और रोपाई की विशेष अनुमति दिए जाने के फैसले का क्षेत्र के किसानों ने स्वागत किया है। इस आदेश के बाद गदरपुर विधानसभा के विभिन्न क्षेत्रों से आए किसानों ने भाजपा उत्तराखंड के प्रदेश मंत्री गुंजन सुखीजा के कार्यालय पहुँचकर उनका आभार व्यक्त किया।गौरतलब है कि जनपद में ग्रीष्मकालीन धान पर प्रतिबंध के बीच उन क्षेत्रों के किसानों के सामने संकट खड़ा हो गया था जहाँ अत्यधिक जलभराव के कारण मक्का या अन्य फसलें उगाना संभव नहीं है। किसानों की इस जायज समस्या को देखते हुए गुंजन सुखीजा ने प्रशासन के समक्ष प्रभावी पैरवी की थी,जिसके परिणामस्वरूप जिलाधिकारी कार्यालय द्वारा विशेष परिस्थितियों में अनुमति देने का आदेश जारी किया गया।किसानों के हित में बड़ा निर्णय:जिलाधिकारी कार्यालय द्वारा जारी पत्र के अनुसार,जिन क्षेत्रों में जलभराव के कारण मक्का नहीं उगाई जा सकती, वहाँ के किसान अब निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर धान की खेती कर सकेंगे। इसके लिए किसानों को कृषि विभाग या राजस्व विभाग के कार्यालय में आवेदन करना होगा,जिसकी स्थलीय जांच के बाद अनुमति प्रदान की जाएगी।किसानों से मुलाकात के दौरान प्रदेश मंत्री गुंजन सुखीजा ने कहा, “हमारी सरकार सदैव किसानों के हितों के लिए प्रतिबद्ध है। निचले क्षेत्रों के किसानों की पीड़ा जायज थी क्योंकि उनके पास धान के अलावा कोई विकल्प नहीं था। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी के नेतृत्व में हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि किसी भी किसान का नुकसान न हो।”इस अवसर पर भाजपा नेता भोला शर्मा,क्षेत्र पंचायत सदस्य गुरप्रीत सिंह,हजारा सिंह,आशीष मंडल,रणजीत सिंह,लाखन मंडल,प्रभजोत सिंह,नदायी विश्वास,भूपेंद्र कोशियारी,गौरव कुमार सहित बड़ी संख्या में क्षेत्र के किसान उपस्थित रहे,जिन्होंने इस निर्णय को खेती-किसानी के लिए एक बड़ी राहत बताया।दिल्ली वाला होने के नाते मेरा फ़र्ज़ है कि मैं आपको कुछ ऐसी बातें बताऊँ जो आपके काम की हों!एयरपोर्ट पर सावधानियां :नेत्रदान-महादान,मृत्योपरांत भी देखेंगी श्री सोमनाथ चावला जी की आंखें,अब उनकी आंखों से होगा दो लोगों के जीवन मे उजाला*गदरपुर । वार्ड नं 6 कुंज विहार कॉलोनी गदरपुर निवासी श्री सोमनाथ चावला के देहावसान के पश्चात उनके पुत्र श्री पंकज चावला और अनुज चावला ने नेत्रदान हेतु सहमति देकर एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। श्री सोमनाथ चावला जी के ब्रह्मलीन होने के समाचार पर सोचो डिफरेंट संस्था के संदीप चावला व विकास भुसरी के अनुरोध पर महाराजा अग्रसेन ग्लोबल चैरिटेबल ट्रस्ट के चेयरमैन एस के मित्तल की उपस्थिति में सी आर मित्तल नेत्रदान केंद्र के मेडिकल डायरेक्टर डॉ एल एम उप्रेती के निर्देशन में आई टेक्नीशियन मनीष रावत ने कागजी औपचारिकता पूरी कर नेत्रदान की प्रकिया सम्पन्न की। इस नेत्रदान के लिए महाराजा अग्रसेन ग्लोबल चैरिटेबल ट्रस्ट के ट्रस्टियों ने परिवार के सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया और सोचो डिफरेंट,भारत विकास परिषद एवम अन्य सभी स्वयंसेवी संस्थाओं का इस महत्वपूर्ण कार्य में योगदान के लिए आभार जताया।सीएम धामी कल अपनी विधानसभा चम्पावत के भ्रमण पर, शारदा कॉरिडोर का करेंगे शिलान्यास।अशोक फॉर्म में फसल बर्बादी पर महापंचायत: मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार, उग्र आंदोलन की चेतावनी12 फरवरी की राष्ट्रव्यापी हड़ताल में पूरी ताकत से शामिल होगी उत्तराखण्ड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियनज्योतिष की गरिमा और आध्यात्मिक स्वरूप के संरक्षण पर मंथनसमय पर इलाज बना संजीवनी-बेस अस्पताल श्रीनगर में जटिल ऑपरेशन से बची 23 वर्षीय युवती की जान
ज़रा हटकेनई दिल्ली

गरीब तबके के वादियों की मदद के लिए आगे आए युवा पीढ़ी अधिवक्ता – सुप्रीम कोर्ट

नयी दिल्ली – (एम सलीम खान संवाददाता) देश के सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि युवा पीढ़ी के वकीलो को उन गरीब वादियों की मदद के लिए आगे आना चाहिए जिने महंगी फीस न देने से न्यायिक प्रक्रिया से महरूम होना पड़ता है और ऐसे युवा अधिवक्ताओं उन वादियों की सहायता के लिए स्वेच्छा से आगे आना चाहिए जो साधनों या जागरूकता की कमी की वजह से अधिवक्ताओं की सेवाएं नहीं ले पाते हैं।

अदालत ने युवा वकील की सराहना व्यक्ति गत तौर से एक पक्ष कानूनी सहायता प्रदान करने वाले एक युवा वकील की सराहना करते हुए जस्टिस बीवी नागरत्ना और सतीश चन्द्र शर्मा की खंडपीठ ने कहा कि वकीलों को अपनी पेशेवर सेवाओं के बदले किसी भी तरह की अपेक्षा किए बगैर वादियों को सर्वोत्तम कानूनी सहायता उपलब्ध करनी चाहिए, खंडपीठ ने कहा कि गरीबों वादियों को स्वेच्छा से आगे बढ़ कर युवा वकील गरीबों की सहायता करे गरीब वादियों का प्रतिनिधित्व करने के लिए स्वेच्छा से आगे आने के इन प्रयासों से वकील सामूहिक तौर से समाज को यह मिसाल दे सकते हैं कि कानूनी पेशा न्याय तक पहुंच और कानून के समक्ष समानता के अधिकार के लिए खंडा है न सिर्फ सिद्धांत रूप बल्कि व्यवहार में भी, मुकदमे को सौहाद्रपूर्ण तरीके से समाप्त करने के उद्देश्य से वकीलों के प्रयास यह मिसाल देंगे कि वकील विशेष रूप से श्रम और वैवाहिक मामलों में आपसी सहमति से समझौता में बाधा नहीं बन रहे हैं।

पीठ ने सलाह दी कि वे पक्षों को उनके विवादों को समाप्त करने की दिशा में भी प्रभावी रूप से अपनी अहम भूमिका निभाने की दिशा में काम कर सकते हैं वे मध्यस्थता और सलाह जैसे सुलह वैकल्पिक विवादों तंत्रों में सकारात्मक भूमिका निभा सकते हैं, एक मामले का उल्लेख करते हुए खंडपीठ ने कहा कि अधिवक्ता संचार आनंद दो सालों में याचिकाकर्ता का प्रतिनिधित्व करने के लिए इस अदालत के सामने 14 बार उपस्थित हुए ।

याचिकाकर्ता सीमित साधनों वाला व्यक्ति होने के कारण सेवाओं के लिए उन्हें एक पैसा भी नहीं दे पाया, अदालत ने कहा कि देश के युवाओं वकीलों को गरीबों को न्याय की दहलीज पहुंचने के लिए अपने पेशे और न्याय दिलाने की सोच रखते हुए गरीब वादियों की मदद के लिए आगे आकर एक मिसाल पेश करनी चाहिए, क्योंकि जिसके पास सासधन उपलब्ध है वो न्याय के लिए बहुत कुछ कर सकता है लेकिन गरीब वादियों को बहुत सी कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है।

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