Sunday 26/ 07/ 2026 

Bharat Najariya
चीनी मिल के कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए शिष्ट मंडल ने मुख्यमंत्री से की मुलाकातअमर बलिदानी श्रीदेव सुमन को उत्तरकाशी पुलिस का नमन, पूरे जनपद में हुए श्रद्धांजलि कार्यक्रमबंदरों के आतंक पर नगर निगम का बड़ा प्रहार-श्रीनगर में विशेष अभियान शुरूदेवभूमि की बेटी सनाया भण्डारी का स्वर्णिम परचम-सीबीएसई नॉर्थ जोन आर्चरी चैंपियनशिप में दो स्वर्ण पदक जीत रचा नया इतिहासशैक्षिक उत्कृष्टता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देकर संपन्न हुआ बाल युवा सम्मेलनस्वकर वसूली पर फिलहाल रोक-व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए महापौर आरती भण्डारी का बड़ा फैसलाएमबीबीएस छात्रों के ज्ञानवर्धन और बेहतर चिकित्सक बनने की दिशा में प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं हैं महत्वपूर्ण–डॉ.आशुतोष सयानाएचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय ने घोषित किया पीएचडी प्रवेश परीक्षा परिणाम-पारदर्शी परीक्षा प्रणाली ने रचा नया कीर्तिमानयुवाओं को भटकने से रोकने का संदेश-बद्रीश कॉलोनी में सक्रिय हुई समाज और पुलिस की साझी पहलपौधे लगाने से नहीं-उन्हें वृक्ष बनने तक संरक्षित करने से होगा पर्यावरण का संरक्षण–डॉ.मारिषा पंवार गर्ग
उत्तराखंड

राजरानी दावड़ा की मृत्यु के बाद भी उनकी आंखें दुनिया देख सकेंगी

समाचार शगुन उत्तराखंड 

राजरानी दावड़ा।

रुद्रपुर के वरिष्ठ कपड़ा व्यापारी नमन दावड़ा व राहुल दावड़ा की माता राजरानी दावड़ा पत्नी स्वर्गीय मदनलाल दावड़ा (उम्र 75 साल) का कल 13 मई को निधन हो गया उनके निधन की खबर सुनते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ पड़ी। 6 महीने पहले उनके पिता स्वर्गीय मदन लाल दावड़ा का देहांत हो गया था।
क्षेत्र के तमाम गणमान्य लोगों एवं जनप्रतिनिधियों सहित भारी संख्या मे लोगो ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। राजरानी दावड़ा के देहावसान के पश्चात उनके दोनों पुत्रों व अन्य करीबी रिश्तेदारों ने नेत्रदान की सहमति प्रदान कर एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। राजरानी दावड़ा की मृत्यु के बाद भी अब उनकी आंखें दुनिया देखती रहेंगी। उनके नेत्रदान से दो नेत्रहीनों के नेत्र प्रकाशित होंगे और उनके प्रिय जन उनकी स्मृति को अमरत्व प्रदान करेंगे। भारत विकास परिषद रुद्रपुर शाखा के दायित्वधारियों की देखरेख में मुरादाबाद से नेत्र विभाग की टीम ने कागजी औपचारिकता पूरी कर ब्रह्मलीन श्री मती राजरानी दावड़ा के शरीर से दान की गई आंखें (कॉर्निया) प्राप्त कीं। शाखा के नेत्रदान प्रकल्प संयोजक संजय कुमार बाला ने बताया कि भारत विकास परिषद क्षेत्र के लोगों में नेत्रदान हेतु जागृति लाने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि बहुत से लोग मानते हैं कि नेत्रदान के दौरान उनकी पूरी आंख निकाल दी जाती है, जिससे आंख का सॉकेट खाली रहता है, जो सच नहीं है। आमतौर पर केवल कॉर्निया जो आंख की सबसे बाहरी पर्त होती है, बहुत धीरे से निकाली जाती है। उन्होंने यह भी बताया कि नेत्रदान के लिए जीवित रहते हुए नेत्रदान की कोई घोषणा न करने पर भी किसी के गोलोक गमन के उपरांत भी परिवार जनों की सहमति होने पर भी नेत्रदान हो सकता है। संस्था के सह संयोजक संजय ठुकराल एवं सुरेश बब्बर ने बताया कि नेत्रदान करने से किसी प्रकार का देह भंग नही होता है। भारत में कॉर्नियल अंधेपन से पीड़ित लोगों की संख्या करीब 1.2 मिलियन है। यह अंधेपन का दूसरा सबसे आम कारण है। हर साल करीब 20,000 से 25,000 नए मामले सामने आते हैं। नेत्रदान करने से ऐसे लोगो को रोशनी मिल सकती है। उन्होंने ये भी बताया कि नेत्रदान करवाने के लिए भारत विकास परिषद रुद्रपुर शाखा के नेत्रदान सहायता हेतु (24×7) 98375 27415 (संजय ठुकराल ) या 98970 57385( संजय बाला ) पर किसी भी समय संपर्क किया जा सकता है। नेत्रदान के समय नमन दावड़ा, राहुल दावड़ा (पुत्र) , सपना नरूला एवं रुपाली नरूला ( पुत्री) , अनिल नरूला एवं कुलभूषण पिपलानी (दामाद), मनोहर लाल दावड़ा एवं राजकुमार डावरा ( देवर) ने रुद्रपुर शाखा के अनुरोध पर सम्पन्न कराये इस महान कार्य के प्रति नेत्रदानी परिवार का आभार व्यक्त किया और परम पिता परमेश्वर से दिवंगत आत्मा की चिर शांति की प्रार्थना की । साथ ही क्षेत्र वासियों से मरणोपरांत नेत्रदान कराने में सहयोग का आवाहन किया। ब्रह्मलीन श्रीमति राजरानी डावरा जी के नेत्रदान में उनके करीबी रिश्तेदारों एवं पड़ोसी पार्षद गौरव खुराना , राकेश बब्बर, सचिन रहेजा , पिंटू कुमार , सनी खुराना, त्यागी खुराना , मदन खन्ना , प्राण ठक्कर, विजय , पार्षद सचिन मुंजाल एवं आयुष तनेजा उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close