Monday 15/ 12/ 2025 

Bharat Najariya
पुलिस लाइन सभागार में आयोजित हुई मासिक अपराध गोष्ठी _वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पींचा ने शुक्रवार को पुलिस कार्यालय अल्मोड़ा सभागार में मासिक अपराध गोष्ठी के तहत अपराधों की कार्रवाई की समीक्षा की। एसएसपी ने बीते माह के अपराधों की समीक्षा करते हुए लंबित विवेचनाओं, मुकदमों, शिकायतों, वारंट, नोटिस आदि का समय पर निस्तारण करने और वांछित अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी करने के निर्देश दिए। साथ ही जनपद में संदिग्धों की तलाश करने के लिए सघन चेकिंग व वेरिफिकेशन ड्राइव चलाने व आपराधिक तथा संदिग्ध गतिविधियां मिलने पर कड़ी वैधानिक कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया गया। और कहा कि नशे के खिलाफ हमारा अभियान लगातार जारी है।दो माह में पूर्ण हो कण्डारस्यूं पेयजल योजना–डॉ.धन सिंह रावतमहक क्रांति नीति का हुआ शुभारंभ,पौड़ी में सगंध खेती को मिलेगा बढ़ावासंकुल किनसुर में सामुदायिक सहभागिता प्रशिक्षण 2025 का सफल समापन,विद्यालय-समुदाय की साझेदारी को मिली नई दिशाभाजपा संगठन को नई ऊर्जा-पौड़ी गढ़वाल में मोर्चा अध्यक्षों की घोषणा,सामाजिक संतुलन और संगठनात्मक मजबूती का स्पष्ट संदेशछबी सेवा फाउंडेशन एवं मॉन इंडिजीनियस सोसाइटी ने की साइबर सुरक्षा अभियान की शुरुआतमाननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने खटीमा भ्रमण के दूसरे दिन शनिवार को कैंप कार्यालय लोहियाहेड व हेलीपेड में जनप्रतिनिधियों व जनता से मुलाकात कर जनसमस्याएं सुनीनैनीताल।पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी 14 दिसम्बर को पहुँचगे नैनीताल।लोहाघाट उप जिला चिकित्सालय में एक्स रे मशीन खराब जनता परेशान
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Almora News:क्या बंदरों की बस्ती बन जाएगा अल्मोड़ा?” – संजय पाण्डे ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर उठाई जनसुरक्षा की गंभीर आवाज

अल्मोड़ा नगर में कृत्रिम रूप से छोड़े जा रहे बंदरों की बढ़ती संख्या अब केवल एक वन्यजीव समस्या नहीं रही, बल्कि सीधे-सीधे आमजन की सुरक्षा और मानसिक शांति पर हमला बन चुकी है।

आज इसी विषय को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता संजय पाण्डे ने प्रभारी जिलाधिकारी श्री देवेश शासनि से उनके कार्यालय में मुलाकात कर एक गंभीर ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर रामशिला वार्ड के पार्षद नवीन चंद आर्य (बबलू भाई)भी संजय पाण्डे के साथ उपस्थित रहे।

🌸संजय पाण्डे ने स्पष्ट कहा –

“अल्मोड़ा अब ‘शहर’ नहीं, ‘संघर्ष क्षेत्र’ बनता जा रहा है। छोटे-छोटे बच्चे स्कूल जाने से डर रहे हैं, बुज़ुर्गों का बाहर निकलना दूभर हो गया है और महिलाएं मंदिर जाने से पहले आसमान की ओर ताकती हैं कि कहीं छत पर बंदर न बैठा हो। यह कोई सामान्य बात नहीं – यह सुनियोजित जैविक अतिक्रमण है।”
उन्होंने प्रशासन को कटघरे में खड़ा करते हुए पूछा –

1-किसके आदेश पर बंदरों को ट्रकों में भरकर पहाड़ों में छोड़ा जा रहा है?

2-क्या यह जानबूझकर किया गया ‘संक्रमण’ नहीं है?*

3-यदि किसी बच्चे या बुज़ुर्ग को जान से हाथ धोना पड़ा, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी?

🌸संजय पाण्डे ने पांच प्रमुख मांगें भी रखीं:

1- इस कृत्रिम संकट की जांच हेतु विशेष समिति गठित की जाए।

2- नगर निगम, वन विभाग, पुलिस और प्रशासन के संयुक्त सहयोग से सघन पकड़ अभियान चलाया जाए।

3- सीमावर्ती क्षेत्रों पर स्थायी निगरानी चौकियां स्थापित हों।

4- वन विभाग की प्रगति रिपोर्ट अनिवार्य रूप से जिलाधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत हो।

5- पूर्व में दर्ज शिकायतों को पुनः खोला जाए और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कठोर कार्यवाही हो।

उन्होंने दो टूक चेतावनी दी कि यदि सात कार्यदिवसों में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह विषय राज्यपाल, मुख्यमंत्री, माननीय उच्च न्यायालय, मानवाधिकार आयोग और मीडिया मंचों तक ले जाया जाएगा। साथ ही यह भी कहा “यह कोई सामान्य शिकायत नहीं, अल्मोड़ा की आत्मा की पुकार है। अब चुप रहना अपराध है।”
🌸पार्षद नवीन चंद्र आर्य (बबलू भाई) ने भी जताई गहरी चिंता रामशिला वार्ड के पार्षद नवीन चंद्र आर्य ने कहा –
“यह संकट किसी एक वार्ड या मोहल्ले की बात नहीं है। यह पूरे नगर क्षेत्र की आपात स्थिति है। प्रशासन को इस पर तुरंत संज्ञान लेकर सघन कार्यवाही करनी चाहिए, वरना हालात हाथ से निकलते देर नहीं लगेगी।”

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