Tuesday 25/ 08/ 2026 

Bharat Najariya
देहरादून,परम पूज्य महंत श्री श्री 108 रवींद्र पुरी जी महाराज के पावन सानिध्य में आज श्री पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर में महादेव जी का सामूहिक महा रुद्राभिषेक एवं विशाल भंडारे का आयोजन किया गयारानीहाट-सिरोला में भाजपा को मिली मातृशक्ति की ताकत-70 से अधिक महिलाओं ने थामा कमल का दामनबुश कटर से गांवों की झाड़ियों का होगा सफाया-ग्रामीणों को मिली बड़ी राहतबूथ मजबूत तो संगठन मजबूत-भाजपा पौड़ी ने बनाई सशक्तिकरण की रणनीति,24 अगस्त से अभियान को धारप्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को मिलेगा नया प्लेटफॉर्म,श्रीनगर में तीन करोड़ की लागत से बनेगी अत्याधुनिक ई-लाइब्रेरी-डॉ.धन सिंह रावतगढ़वाल विश्वविद्यालय में गूंजी नवाचार और उद्यमिता की नई सोच-विद्यार्थियों से नए विचारों को रोजगार में बदलने का आह्वानशराबियों के अड्डे पर महापौर की सख्ती-वार्ड 23 की ठेके वाली गली में पुलिस गश्त और सीसीटीवी से कसेगा शिकंजासीता सर्किट से संवरेगी पौड़ी की धार्मिक विरासत-78 लाख से शुरू होगा विकास का पहला चरणलाड़ली योजना से मेधावी बेटियों को मिला शिक्षा का संबल-पीएनबी ने चार छात्राओं को बांटी छात्रवृत्तिबेस अस्पताल में मरीजों के बीच पहुंचे शिक्षा मंत्री डॉ.धन सिंह रावत-वार्ड-वार्ड जाकर जाना हालचाल
Almora NewsAlmora policeDehradun NewsEducationInteresting NewsJobLatest PostUttarakhand News

Almora News:मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम लखपति दीदी योजना की दिशा में बढ़ रहे कदम।महिला सशक्तिकरण को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन कर रहा सशक्त।

जनपद अल्मोड़ा में ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के सहयोग से विकासखंड हवालबाग में मशरूम उत्पादन की एक सशक्त इकाई की स्थापना की गई है, जिसने महिला सशक्तिकरण का नया अध्याय लिखा है।
परियोजना निदेशक एसके पंत ने जानकारी देते हुए बताया सितंबर 2024 में निर्मला फर्त्याल और पार्वती बिष्ट ने अपने समूह की 30 महिलाओं के साथ मिलकर 1500 मशरूम बैग लगाए। यह प्रयास केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि महिलाओं ने एनआरएलएम के अंतर्गत सीआईएफ और सीसीएल से वित्तीय सहायता प्राप्त कर स्वरोजगार की ठोस मिसाल कायम की।
जय माँ नंदा, सरस्वती और उजाला समूहों की महिलाओं ने यह दिखाया कि यदि सही मार्गदर्शन और समर्थन मिले, तो महिलाएं किसी भी क्षेत्र में सफलता की ऊंचाइयों को छू सकती हैं।
इस मशरूम यूनिट की स्थापना कोसी क्षेत्र में की गई, जिसे आरएफ के तहत ₹30,000, सीआईएफ के तहत ₹2 लाख और सीसीएल के अंतर्गत ₹45,000 की सहायता प्राप्त हुई। अब तक यह इकाई ₹9 लाख का कुल टर्नओवर और ₹5.7 लाख का शुद्ध लाभ अर्जित कर चुकी है।
यह नवाचार न केवल महिलाओं के लिए एक स्थायी आजीविका का साधन बना, बल्कि उन्होंने अपने कौशल का विस्तार करते हुए अन्य महिलाओं को भी प्रेरित किया। निर्मला फर्त्याल और पार्वती बिष्ट ने अपने समर्पण और नेतृत्व से ग्रामीण महिला उद्यमिता का आदर्श प्रस्तुत किया है।
यह पहल इस बात का प्रमाण है कि जब योजनाएं ज़मीन पर सही ढंग से लागू होती हैं, तो ग्रामीण भारत की तस्वीर बदल सकती है।

जिला सूचना अधिकारी अल्मोड़ा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close