Saturday 27/ 06/ 2026 

Bharat Najariya
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उत्तराखण्ड

इगास पर्व को लेकर भागीरथी कला संगम की बैठक सम्पन्न-एक नवम्बर को होगा भव्य सांस्कृतिक आयोजन


श्रीनगर गढ़वाल। देवभूमि उत्तराखण्ड की लोक संस्कृति और परम्पराओं को सहेजने के उद्देश्य से भागीरथी कला संगम के तत्वावधान में आगामी इगास पर्व (बूढ़ी दिवाली) को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी 1 नवम्बर को इगास पर्व को भव्य और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध आयोजन के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया। बैठक में संस्था के उपाध्यक्ष मुकेश नौटियाल ने कहा कि गत वर्षों की भांति इस वर्ष भी इगास पर्व पूरे उत्साह और लोक रीति-रिवाजों के साथ मनाया जाएगा। कार्यक्रम में श्रीनगर नगर क्षेत्र और आसपास के कई गणमान्य नागरिकों के साथ बड़ी संख्या में लोक कलाकार और संस्कृति प्रेमी भाग लेंगे। संस्था के निर्देशक मदन गड़ोई ने कहा कि इगास जैसे पर्व हमारी लोक-संस्कृति की पहचान और गौरव के प्रतीक हैं। उन्होंने बताया कि इगास पर्व प्रभु श्रीराम की अयोध्या वापसी के संदेश के साथ-साथ माधो सिंह भंडारी और उनके योद्धाओं की बीर-गाथा से भी जुड़ा है। कहा जाता है कि तिब्बत युद्ध से लौटते समय वे मार्ग भटक गए थे और कई दिन बाद दिवाली के ग्यारहवें दिन अपने घर लौटे। जब उन्होंने लौटकर भैलू जलाए,तो गांव में हर्ष और उल्लास छा गया,तभी से यह परंपरा इगास पर्व के रूप में मनाई जाती है।मदन गड़ोई ने कहा कि हमारा प्रयास है कि इस पर्व की लोककथा और सांस्कृतिक मूल्यों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाया जाए। यह न सिर्फ त्योहार है,बल्कि अपनी जड़ों से जुड़ने का अवसर भी है। बैठक में संस्था के सचिव पदमेंद्र रावत,सह सचिव संजय कोठारी,कोषाध्यक्ष भगत सिंह बिष्ट,संरक्षक रमेश चंद्र थपलियाल,भगवती प्रसाद पुरी,किशोरी नौटियाल,रवि पुरी,प्रमोद,दीनबंधु चौहान सहित कई सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम को लेकर कलाकारों में उत्साह का माहौल है और इस वर्ष भी इगास पर्व लोकनृत्य,भैलू कार्यक्रम,पारंपरिक संगीत और लोकगीतों के साथ उल्लास पूर्वक मनाया जाएगा।

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