Saturday 27/ 06/ 2026 

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उत्तराखण्ड

छोटी मीरा सती ने प्रकृति संग समलौण पौध रोपकर मनाया जन्मदिवस और दिया पर्यावरण संरक्षण का अनमोल संदेश

श्रीनगर गढ़वाल।जनपद चमोली के विकास खंड नंदानगर के ग्राम सैती में रविवार को एक अनोखी और प्रेरणादायी पहल देखने को मिली,जब छोटी बालिका कु.मीरा सती,पुत्री वरुण सती एवं मधु देवी सती ने अपने जन्मदिन को केवल उत्सव न बनाकर एक संस्कारमय अवसर में बदल दिया। मीरा ने अपने ननिहाल में स्ट्रॉबेरी और संतरे का समलौण पौधा रोपकर जन्मदिवस को प्रकृति के नाम समर्पित किया। इस मौके पर पौधों के संरक्षण की जिम्मेदारी मीरा की नानी बैशाखी देवी ने स्वयं संभाली,जिन्होंने पौधे को परिवार का सदस्य मानकर उसकी देखरेख का संकल्प लिया। कार्यक्रम का संचालन समलौण आंदोलन की संयोजिका नन्दा देवी जोशी ने किया। उन्होंने कहा कि आज समाज को ऐसे ही उदाहरणों की आवश्यकता है जहां खुशियों को प्रकृति के साथ बांटा जाए। समलौण आंदोलन इसी सोच को साकार कर रहा है,जिसके तहत हर शुभ अवसर पर पौधारोपण कर उसे जीवन संस्कार का हिस्सा बनाया जा रहा है। इस अवसर पर नन्दा देवी जोशी ने कहा जब परिवार मिलकर पौधे लगाता है,तो वह केवल हरियाली नहीं बल्कि एक नई उम्मीद बोता है। इस अवसर पर उपस्थित मीरा सती ने भी सबके सामने अपने नन्हे लेकिन गूंजते शब्दों में कहा मैंने आज अपना जन्मदिन धरती मां के साथ मनाया है। जैसे मम्मी-पापा मुझे प्यार करते हैं,वैसे ही मैं भी इन पौधों को बड़ा होते देखना चाहती हूँ। जब ये फल देंगे,तो मुझे लगेगा जैसे धरती मां ने मुझे आशीर्वाद दिया हो। मीरा का यह मासूम लेकिन गहरा संदेश उपस्थित सभी लोगों के हृदय को छू गया। हर कोई उस पल गर्व और भावनाओं से भर उठा जब एक नन्हीं बच्ची ने अपने शब्दों में पर्यावरण संरक्षण की सच्ची परिभाषा दी। इस अवसर पर मीरा के मामा डॉ.मनीष मैदोली,मामी साक्षी देवी,नाना लक्ष्मी प्रसाद,और परिवार के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने मीरा को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पहल आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवंत उदाहरण बनेगी। गांववासियों ने भी इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि यदि हर परिवार इस सोच को अपनाए,तो धरती फिर से हरी-भरी और जीवनदायिनी बन जाएगी। समलौण जीवन के हर संस्कार में हरियाली की छांव।

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