Saturday 27/ 06/ 2026 

Bharat Najariya
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उत्तराखण्ड

वन हेल्थ पर वीर चंद्र सिंह गढ़वाली मेडिकल कॉलेज में निकली जागरूकता रैली

श्रीनगर गढ़वाल। वीर चंद्र सिंह गढ़वाली राजकीय मेडिकल साइंसेज एवं अनुसंधान संस्थान श्रीनगर गढ़वाल में शुक्रवार को वन हेल्थ (One Health) विषय पर जन-जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। रैली का उद्देश्य समाज में इस बात की समझ विकसित करना था कि मानव स्वास्थ्य,पशु स्वास्थ्य और पर्यावरण-ये तीनों एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं और इनका संतुलन ही समग्र स्वास्थ्य की कुंजी है। कार्यक्रम में संस्थान के फैकल्टी सदस्यों,एमबीबीएस छात्रों,इंटर्न डॉक्टरों और पैरामेडिकल विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। रैली संस्थान परिसर से प्रारंभ होकर श्रीनगर नगर क्षेत्र के मुख्य मार्गों से होती हुई वापस कॉलेज पहुंची। प्रतिभागियों ने हाथों में रंगीन तख्तियां और बैनर लिए हुए स्वस्थ मानव-स्वस्थ पशु-स्वस्थ पर्यावरण,एक स्वास्थ्य-सबका स्वास्थ्य,रोकथाम ही सर्वोत्तम इलाज है जैसे नारे लगाते हुए नागरिकों को जागरूक किया। इस अवसर पर संस्थान के प्राचार्य डॉ.आशुतोष सयाना ने कहा कि वन हेल्थ केवल एक अवधारणा नहीं,बल्कि भविष्य की स्वास्थ्य नीति की नींव है। उन्होंने कहा कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी ने हमें यह सिखाया कि मानव स्वास्थ्य को समझने के लिए हमें पशुजन्य रोगों और पर्यावरणीय बदलावों पर भी ध्यान देना होगा। यही वन हेल्थ की मूल भावना है। संस्थान के एक अन्य वरिष्ठ चिकित्सक ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां आज वन हेल्थ मॉडल को अपनाने पर बल दे रही हैं,क्योंकि जलवायु परिवर्तन,जैव विविधता में कमी और पशु-मानव अंतःक्रिया के बढ़ते जोखिमों ने नई बीमारियों के खतरे को जन्म दिया है। एमबीबीएस छात्रों ने इस रैली में स्लोगन,पोस्टर और नुक्कड़ नाट्य के माध्यम से जनता को सरल भाषा में यह समझाया कि कैसे एक अस्वस्थ पर्यावरण और बीमार पशु मानव जीवन को प्रभावित करते हैं। उन्होंने बताया कि खुले में कचरा फेंकना,पशु अपशिष्टों का अनुचित निपटान,और प्रदूषित जल स्रोत जूनोटिक बीमारियों पशु से मानव में फैलने वाली बीमारियां का कारण बनते हैं। कार्यक्रम के अंत में आयोजित लघु संगोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि वन हेल्थ दृष्टिकोण अपनाकर समाज को रोग-केंद्रित सोच से हटकर स्वास्थ्य-केंद्रित जीवनशैली की ओर बढ़ना होगा। उन्होंने जोर दिया कि स्कूलों,पंचायतों और स्थानीय निकायों के स्तर पर भी ऐसी जागरूकता गतिविधियां निरंतर चलती रहनी चाहिए। रैली का संचालन संस्थान के छात्र-संयोजकों ने किया और फैकल्टी सदस्यों ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। समापन अवसर पर प्रतिभागियों को वन हेल्थ के महत्व से जुड़े जानकारी पूर्ण ब्रोशर वितरित किए गए। कार्यक्रम के अंत में सभी ने यह संकल्प लिया कि वे समाज में एक स्वास्थ्य-सबका स्वास्थ्य के संदेश को आगे बढ़ाएंगे और आने वाली पीढ़ी के लिए एक स्वस्थ पर्यावरण के निर्माण में योगदान देंगे।

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