Thursday 25/ 06/ 2026 

Bharat Najariya
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उत्तराखण्ड

धामी सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति ने खनन राजस्व में रचा नया इतिहासः विकास शर्मा

रूद्रपुर। महापौर विकास शर्मा ने केंद्र सरकार द्वारा उत्तराखंड को खनन सुधारों पर 200 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान किए जाने पर गहरा हर्ष व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए बधाई दी है। महापौर ने कहा कि यह उपलब्धि न केवल उत्तराखंड की मजबूत इच्छाशक्ति और पारदर्शी शासन का प्रमाण है, बल्कि यह साबित करती है कि धामी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति आज पूरे देश में एक आदर्श मॉडल बन चुकी है।

महापौर विकास शर्मा ने मीडिया को जारी बयान में कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ईमानदार, दूरदर्शी और पारदर्शी नेतृत्व ने राज्य के खनन सेक्टर को पूरी तरह बदलकर रख दिया है। जिस क्षेत्र में कभी तय राजस्व लक्ष्य प्राप्त करना भी मुश्किल होता था, वह आज न केवल अपने लक्ष्य को पार कर रहा है, बल्कि केंद्र सरकार से 200 करोड़ का पुरस्कार भी दिलवा चुका है।

उन्होंने बताया कि पूर्व में जहां खनन राजस्व सालाना करीब 300 करोड़ तक सीमित था, वहीं धामी सरकार की कठोर निगरानी और सुधारात्मक कदमों के चलते यह बढ़कर 1200 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यह अंतर साफ दिखाता है कि ईमानदार नेतृत्व किस तरह राज्य के वित्तीय ढांचे को मजबूत करता है।

महापौर ने बताया कि खनन सुधारों में उत्तराखंड को देश में प्रथम स्थान प्राप्त होना इस बात का प्रमाण है कि राज्य सरकार ने केंद्र द्वारा निर्धारित माइनर मिनरल रिफॉर्म्स से संबंधित 7 में से 6 प्रमुख सुधारों को समयबद्ध, प्रभावी और पूरी पारदर्शिता के साथ लागू किया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने उत्तराखंड के प्रयासों को सराहा है और यह मान्यता दी है कि राज्य ने खनन क्षेत्र में सुधारों को उत्कृष्टता के साथ लागू किया है। यह उपलब्धि न केवल राजस्व बढ़ोतरी की कहानी कहती है, बल्कि शासन की नीतिगत दृढ़ता और पारदर्शिता को भी प्रमाणित करती है।

महापौर ने पूर्व की सरकारों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अकुशल और लचर नेतृत्व के चलते खनन क्षेत्र में लगातार राजस्व लक्ष्य चूक होते रहे। भ्रष्टाचार, बंदरबांट और अव्यवस्था के कारण खनन एक ‘कमजोर सेक्टर’ के रूप में पहचाना जाता था। लेकिन जब प्रदेश की कमान युवा, ईमानदार और विकासोन्मुखी नेतृत्व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामीकृके हाथों में आई, तब उन्होंने खनन तंत्र को पूरी तरह सुधारकर इसे राज्य की सबसे बड़ी राजस्व उत्पन्न करने वाली इकाई में बदल दिया।

महापौर विकास शर्मा ने कहा कि खनन सुधारों का लाभ सिर्फ सरकारी खजाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा फायदा स्थानीय जनता को भी मिल रहा है। सुधारों से निर्माण सामग्री की कीमतों में नियंत्रित स्थिरता आई है, जिससे लोगों और सरकारी कार्यदायी संस्थाओं को सामग्री सस्ते दामों पर उपलब्ध हो रही है। साथ ही खनन गतिविधियों के सुव्यवस्थित होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को गति मिली है। बढ़ता राजस्व अब जनकल्याणकारी योजनाओं में निवेश होकर विकास की धारा को और भी मजबूत कर रहा है।

महापौर ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की नेतृत्व शैली इस बात का जीवंत उदाहरण है कि जब नीयत साफ हो और नीतियां पारदर्शी हों, तो सीमित संसाधनों वाला पहाड़ी राज्य भी राष्ट्रीय स्तर पर सर्वाेच्च उपलब्धियां हासिल कर सकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में भी उत्तराखंड खनन सुधारों और राजस्व वृद्धि में नए कीर्तिमान बनाता रहेगा।

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