Thursday 25/ 06/ 2026 

Bharat Najariya
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राज्य

समलौण पौध रोपकर मां को दी सच्ची श्रद्धांजलि

श्रीनगर गढ़वाल। जनपद पौड़ी गढ़वाल के विकास खंड थलीसैंण अंतर्गत पट्टी कण्डारस्यूं के ग्राम बहेड़ी में मातृ स्मृति और पर्यावरण संरक्षण का एक अद्भुत व प्रेरणादायी उदाहरण देखने को मिला। स्वर्गीय ब्रह्मानन्द गोदियाल की धर्मपत्नी स्वर्गीय चेता देवी के वार्षिक पिंडदान के पावन अवसर पर उनके पुत्र रमेश गोदियाल एवं पुत्रवधू रेखा देवी ने अपने घर के आंगन में तेजपत्ता का समलौण पौधा रोपित कर मां को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर यह संदेश दिया गया कि श्रद्धा केवल कर्मकांड तक सीमित न होकर प्रकृति संरक्षण से जुड़ जाए,तो वह आने वाली पीढ़ियों के लिए वरदान बन सकती है। रोपित पौधे के संरक्षण एवं संवर्धन की जिम्मेदारी रेखा देवी ने स्वयं ग्रहण की,जिससे यह पौधा केवल स्मृति नहीं,बल्कि जीवंत विरासत बन सके। कार्यक्रम का संचालन ग्राम की समलौण सेना नायिका शिवानी देवी गोदियाल ने किया। उन्होंने कहा कि समलौण पहल के अंतर्गत जीवन के प्रत्येक संस्कार,स्मृति और विशेष अवसर पर पौधारोपण कर जन-जागरूकता का कार्य किया जा रहा है। पुण्य आत्मा की स्मृति में लगाया गया यह पौधा एक सच्ची श्रद्धांजलि है,जो समय के साथ वृक्ष बनकर पितृ वृक्ष के रूप में पूजनीय होगा। उन्होंने भावुक शब्दों में कहा कि मां जन्मदायिनी होती है,जो अपने बच्चों का पालन-पोषण अनेक कष्टों को सहते हुए करती है। मां का स्थान पृथ्वी से भी बढ़कर है,क्योंकि वह केवल जीवन नहीं देती,बल्कि संस्कार,शिक्षा और दिशा भी प्रदान करती है। मां की स्मृति में लगाया गया प्रत्येक पौधा उस ममता और त्याग का प्रतीक बनता है। शिवानी देवी गोदियाल ने कहा कि यह धरती हमें जीवन,अन्न,जल और वायु सब कुछ देती है,किंतु हम धरती को क्या लौटाते हैं-यह विचारणीय है। धरती के ऋण से उऋण होने का एकमात्र मार्ग है कि हर संस्कार और स्मृति के अवसर पर समलौण जैसे कार्यों को भावनात्मक रूप से अपनाया जाए और उनका संरक्षण किया जाए,तभी हमारा पर्यावरण सुरक्षित रह सकेगा और आने वाली पीढ़ियों को स्वस्थ भविष्य मिल पाएगा। इस अवसर पर गांव की समलौण सेना की सदस्य पुष्पा देवी,आशा देवी,सुनीता देवी,कमला देवी,साथ ही मनीष नौड़ियाल,सुरेंद्र प्रसाद गोदियाल सहित अनेक ग्रामीण उपस्थित रहे और इस पुण्य कार्य के साक्षी बने। परिवार द्वारा इस पुण्य एवं पर्यावरण हितैषी कार्य के लिए ग्राम की समलौण सेना को 500 रुपए की नगद पुरस्कार राशि भेंट की गई,जिससे ग्रामीण स्तर पर इस अभियान को और अधिक प्रोत्साहन मिला। समाज के लिए बनी प्रेरणा-ग्राम बहेड़ी में हुआ यह समलौण पौधारोपण कार्यक्रम यह संदेश देता है कि श्रद्धा,संस्कार और पर्यावरण संरक्षण को यदि एक साथ जोड़ा जाए,तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन संभव है। यह पहल न केवल स्वर्गीय माता को सच्ची श्रद्धांजलि है,बल्कि हर परिवार और हर गांव के लिए अनुकरणीय उदाहरण भी है।

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