Thursday 25/ 06/ 2026 

Bharat Najariya
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राज्य

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम को मिली नई मजबूती-पौड़ी में दो दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न-30 बीमारियों की स्क्रीनिंग पर दिया गया विशेष जोर


पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद पौड़ी गढ़वाल में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) को और अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल समापन किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यालय मुख्य चिकित्सा अधिकारी पौड़ी के सभागार में आयोजित किया गया,जो मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.शिव मोहन शुक्ला के निर्देशों के क्रम में संपन्न हुआ। प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) डॉ.पारुल गोयल द्वारा किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में आरबीएसके टीमों को प्रशिक्षण से अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि बच्चों में बीमारियों की समय पर पहचान और स्क्रीनिंग ही उनके स्वस्थ भविष्य की कुंजी है। उन्होंने फील्ड स्तर पर कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। दो दिवसीय प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर डॉ.हितेन जंगपांगी एवं डॉ.सुशांत द्वारा आरबीएसके के अंतर्गत आने वाली 30 प्रकार की बीमारियों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को बच्चों में जन्मजात दोष,विकासात्मक देरी,पोषण संबंधी समस्याएं एवं अन्य गंभीर रोगों की पहचान और स्क्रीनिंग की व्यावहारिक विधियों से अवगत कराया गया। प्रशिक्षण सत्रों के दौरान आरबीएसके टीमों ने क्षेत्रीय स्तर पर आने वाली व्यावहारिक समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखा। अधिकारियों द्वारा समस्याओं को गंभीरता से सुना गया तथा उनके शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया गया,जिससे फील्ड में कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों में उत्साह का संचार हुआ। प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन अवसर पर सभी प्रशिक्षणार्थियों को प्रतिभाग प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम में रीजनल मैनेजर आरबीएसके निम्मी कुकरेती,आरकेएसके मैनेजर मनमोहन पटवाल सहित जनपद के सभी विकासखंडों से आई आरबीएसके टीमों के फार्मासिस्ट,स्टाफ नर्स एवं एएनएम ने सक्रिय सहभागिता की। यह दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम बाल स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने,फील्ड स्तर पर कार्यरत कर्मियों की दक्षता बढ़ाने तथा बच्चों के समग्र स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सार्थक पहल सिद्ध हुआ।

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