Friday 13/ 02/ 2026 

Bharat Najariya
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राज्य

विवाह बना पर्यावरण संरक्षण का संकल्प-कलगिडी में वर-वधू को भेंट किया गया समलौण पौध


श्रीनगर गढ़वाल। जनपद पौड़ी गढ़वाल के विकासखंड पाबो की पट्टी बाली कण्डारस्यूं के ग्राम कलगिडी में एक विवाह समारोह सामाजिक संदेश का सशक्त माध्यम बन गया। कुलदीप सिंह बिष्ट एवं लक्ष्मी देवी की सुपुत्री के विवाह अवसर पर नवदंपति अर्जुन एवं निकिता को समलौण पहल के तहत नारंगी का पौधा भेंट कर इस पावन बंधन को पर्यावरण संरक्षण के संकल्प से जोड़ा गया। यह पहल केवल एक औपचारिक भेंट नहीं,बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति जिम्मेदारी का प्रतीक बनी। पौधे के संरक्षण और संवर्धन की जिम्मेदारी दुल्हन की माता लक्ष्मी देवी ने स्वयं लेते हुए इसे परिवार और समाज के लिए प्रेरणादायी उदाहरण बना दिया। कार्यक्रम का संचालन समलौण संस्था के सचिव नरेन्द्र सिंह नेगी ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि वन हमारी जीवनरेखा हैं। इनके बिना मानव जीवन की कल्पना अधूरी है। आज भौतिक सुख-सुविधाओं की अंधी दौड़ में हम प्रकृति से दूर होते जा रहे हैं,जिसका परिणाम ग्लोबल वार्मिंग,जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक असंतुलन के रूप में सामने आ रहा है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इन चुनौतियों से निपटने के लिए केवल सरकारों के प्रयास पर्याप्त नहीं,बल्कि जनभागीदारी आवश्यक है। हर व्यक्ति यदि अपने जीवन के प्रत्येक संस्कार जन्म,विवाह,गृहप्रवेश अथवा अन्य मांगलिक अवसरों पर पौधारोपण का संकल्प ले,तो पर्यावरण संरक्षण एक जनांदोलन का रूप ले सकता है। साथ ही उन्होंने वनों को आग से बचाने और अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने की अपील भी की। इस अवसर पर संस्था के सक्रिय सदस्य पंडित रामकृष्ण नौटियाल,विश्व बंधु नेगी,डबल सिंह भंडारी,दूल्हे के पिता एवं समलौण आंदोलन के राज्य संयोजक मातबर सिंह बर्त्वाल सहित अनेक ग्रामीण,घराती और बाराती उपस्थित रहे। कलगिडी का यह विवाह समारोह इस संदेश के साथ संपन्न हुआ कि वैवाहिक संस्कार केवल दो व्यक्तियों का मिलन नहीं,बल्कि समाज और प्रकृति के प्रति उत्तरदायित्व का भी प्रतीक है। समलौण पौध भेंट कर नवदंपति को पर्यावरण संरक्षण का जो संकल्प सौंपा गया,वह निश्चित ही क्षेत्र में एक सकारात्मक परंपरा की शुरुआत के रूप में याद किया जाएगा।

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