केंद्रीय बजट 2026-27 उत्तराखण्ड के विकास को नई रफ्तार श्रीनगर में मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने गिनाईं उपलब्धियां

श्रीनगर गढ़वाल। केंद्रीय बजट 2026-27 को उत्तराखण्ड के सर्वांगीण विकास की दिशा में ऐतिहासिक और दूरदर्शी बताते हुए प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने कहा कि यह बजट पर्वतीय राज्य की आवश्यकताओं,संवेदनशीलता और संभावनाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। श्रीनगर के अदिती पैलेस में आयोजित पत्रकार वार्ता में मंत्री डॉ.रावत ने विस्तार से बजट के प्रमुख बिंदुओं को रखते हुए कहा कि इस बार पर्यटन,साहसिक खेल,स्वास्थ्य,आयुष,कृषि,ग्रामीण अर्थव्यवस्था और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों को विशेष प्राथमिकता दी गई है। पर्यटन और साहसिक गतिविधियों को नई ऊर्जा मंत्री डॉ.रावत ने बताया कि उत्तराखण्ड,हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में पर्यावरण के अनुकूल पर्वतीय मार्गों के विकास की घोषणा से ट्रैकिंग और साहसिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। देश के 20 प्रमुख पर्यटन स्थलों में 10 हजार पर्यटन मार्गदर्शकों को कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जाएगा,जिसमें उत्तराखण्ड के प्रमुख स्थल भी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त उड़ान योजना के विस्तारित स्वरूप के तहत सीमांत क्षेत्रों में हेलीकॉप्टर सेवाओं और हवाई संपर्क का विस्तार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 16 वें वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत केंद्रीय करों में उत्तराखण्ड की हिस्सेदारी बढ़ी है। राज्य को इस वर्ष 17,414 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे,जो पिछले वर्ष की तुलना में 1,841 करोड़ रुपये अधिक हैं। यह राशि सड़कों,पुलों और अन्य आधारभूत ढांचे के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी,जिससे पर्वतीय क्षेत्रों में आवागमन और विकास कार्यों को गति मिलेगी। मंत्री ने कहा कि देश में पांच क्षेत्रीय चिकित्सीय केंद्र स्थापित किए जाएंगे। उत्तराखण्ड अपनी जड़ी-बूटियों और शुद्ध पर्यावरण के कारण आयुष और स्वास्थ्य पर्यटन के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा सकता है। राज्य में आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा केंद्रों के आधुनिकीकरण हेतु विशेष प्रावधान किए गए हैं,जिससे स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक सुलभ और प्रभावी होंगी। गंगा तटों और पर्वतीय ढलानों पर प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए समूह आधारित कृषि क्लस्टर विकसित किए जाएंगे। साथ ही हिमालयी क्षेत्रों में मत्स्य पालन और पशुपालन के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने हेतु अतिरिक्त निधि का प्रावधान किया गया है। मंत्री ने कहा कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था सशक्त होगी और स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे। आपदा प्रबंधन में ऐतिहासिक वृद्धि उत्तराखण्ड जैसे आपदा-संवेदनशील राज्य के लिए राहत की खबर देते हुए डॉ.रावत ने बताया कि 16वें वित्त आयोग ने वर्ष 2026-31 की अवधि के लिए आपदा प्रबंधन कोष में 28 प्रतिशत की वृद्धि की है। इससे राज्य में आपदा पूर्व तैयारी,राहत एवं पुनर्वास कार्यों को अधिक सुदृढ़ किया जा सकेगा। मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं,बल्कि उत्तराखण्ड के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में यह बजट राज्य को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा। पत्रकार वार्ता में जिला अध्यक्ष कमल किशोर रावत,यूसीबी के प्रदेश अध्यक्ष मातवर सिंह रावत,जिला उपाध्यक्ष गिरीश पैन्यूली,जिला महामंत्री गणेश भट्ट,श्रीनगर मंडल अध्यक्ष विनय घिल्डियाल,अजब सिंह रावत,दिनेश पटवाल,शंकर मणि मिश्रा,संजय गुप्ता,प्रकाश सती,झाबर सिंह रावत,ललिता नेगी,नगमा तौफीक,सीमा भंडारी सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने भी बजट को प्रदेश के हित में महत्वपूर्ण बताते हुए इसे विकासोन्मुख और जनकल्याणकारी करार दिया।
