अक्षय तृतीया पर कुरीति के खिलाफ निर्णायक पहल-बाल विवाह रोकने को छात्रों में जगाई कानूनी चेतना

पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। अक्षय तृतीया जैसे पारंपरिक अवसरों के दौरान बाल विवाह की आशंकाओं को देखते हुए जनपद पौड़ी में प्रशासन ने समय रहते सख्त और संवेदनशील पहल शुरू कर दी है। जिला प्रशासन एवं जिला परिवीक्षा अधिकारी कार्यालय के नेतृत्व में बाल विवाह जैसी कुप्रथा के उन्मूलन के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य नई पीढ़ी को जागरूक,सशक्त और कानूनी रूप से सजग बनाना है। इसी क्रम में जिला बाल संरक्षण इकाई,बाल कल्याण समिति एवं चाइल्डलाइन-1098 के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को श्रीनगर सहित जनपद के दो विद्यालयों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए,जिनमें छात्र-छात्राओं ने सहभागिता कर बाल अधिकारों और कानूनों की जानकारी प्राप्त की। श्रीनगर स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में लगभग 250 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर बाल कल्याण समिति सदस्य सुनीता भट्ट ने बाल विवाह निषेध अधिनियम,पॉक्सो एक्ट 2012 तथा किशोर न्याय अधिनियम 2015 की विस्तार से जानकारी देते हुए छात्राओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाल विवाह न केवल एक सामाजिक बुराई है,बल्कि यह कानूनन अपराध भी है,जिसके खिलाफ आवाज उठाना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को यह भी बताया गया कि किसी भी प्रकार की जबरन शादी,शोषण या उत्पीड़न की स्थिति में वे निडर होकर संबंधित अधिकारियों या चाइल्डलाइन-1098 हेल्पलाइन से संपर्क कर सकती है। इस दौरान बाल कल्याण समिति सदस्य कपिल रतूड़ी ने बच्चों के अधिकारों,बाल संरक्षण तंत्र और संबंधित कानूनी प्रावधानों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है,जिससे समाज से इस कुप्रथा को जड़ से समाप्त किया जा सकता है। जिला परिवीक्षा अधिकारी अरविंद कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि जनपद में 16 से 18 अप्रैल तक तीन दिवसीय विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है,जिसके तहत इस माह कुल छह विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बाल विवाह जैसी कुप्रथा के उन्मूलन के लिए केवल प्रशासनिक प्रयास ही पर्याप्त नहीं हैं,बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग अभिभावक,शिक्षक और युवाओं की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। कार्यक्रम में प्रधानाचार्य मीना गैरोला,पैरालीगल वॉलंटियर्स पूनम हटवाल,प्रियंका रॉय एवं सूरज कुमार सहित विद्यालय परिवार की उपस्थिति रही। यह अभियान न केवल बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक कर रहा है,बल्कि समाज को भी यह संदेश दे रहा है कि अब बाल विवाह जैसी कुरीतियों के लिए कोई स्थान नहीं है,शिक्षा और जागरूकता ही एक सुरक्षित और सशक्त भविष्य की कुंजी है।
