गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ संस्कारों का संगम ही उज्जवल भविष्य की कुंजी–देवेन्द्र गौड़

श्रीनगर गढ़वाल। शिक्षा केवल अंकों और प्रमाणपत्रों तक सीमित नहीं,बल्कि व्यक्तित्व निर्माण और संस्कारों की नींव है-इसी सार्थक संदेश के साथ खंदूखाल स्थित एंजल हेवन स्कूल में आयोजित कार्यक्रम एक प्रेरक संवाद में तब्दील हो गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार एवं बालिका-महिला क्रिकेट के संस्थापक देवेन्द्र गौड़ ने विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा में सुधार के साथ-साथ संस्कारों का समावेश अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि नौनिहालों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में विद्यालय और अभिभावक दोनों की साझा जिम्मेदारी होती है और इनके बीच संतुलित समन्वय ही बेहतर परिणाम दे सकता है। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन को सुझाव दिया कि अभिभावकों की शिकायतों का निष्पक्ष और संवेदनशील समाधान किया जाए,वहीं अभिभावकों से भी अपेक्षा जताई कि वे सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए बच्चों के विकास में सहयोगी भूमिका निभाएं। देवेन्द्र गौड़ ने एक महत्वपूर्ण बात पर जोर देते हुए कहा कि अभिभावकों को केवल अधिक छात्र संख्या वाले या नामी विद्यालयों की ओर आकर्षित होने के बजाय शिक्षा की गुणवत्ता को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसी शिक्षा ही सार्थक है,जिसमें ज्ञान के साथ-साथ संस्कृति,परंपरा और नैतिक मूल्यों का भी समावेश हो। कार्यक्रम में गांव की बात रेडियो से जुड़ी सदस्या अमृता बहुगुणा ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि विभिन्न विद्यालयों के भ्रमण के दौरान यहां के विद्यार्थियों में जो आत्मविश्वास,शिष्टाचार और अनुशासन देखने को मिला,वह अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि बड़े शहरों की चकाचौंध छोड़कर पहाड़ में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करना एक सकारात्मक और प्रेरणादायक निर्णय है। विद्यालय की प्रधानाचार्या विभा भट्ट ने सभी अतिथियों और अभिभावकों का स्वागत करते हुए कहा कि देवेन्द्र गौड़ द्वारा मातृशक्ति और बालिकाओं के सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे प्रयास समाज के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि ऐसे प्रयासों का भविष्य में व्यापक और सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा। इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधन समिति,शिक्षकगण,अभिभावक एवं क्षेत्र के गणमान्य लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में कांता भण्डारी,प्रबंधक जेन्द्र भट्ट,विवेक कुमार,शुभाष चन्द्र,शशिकला,कमला नेगी,गीता नेगी,पूनम पंत सहित कई लोगों ने सहभागिता की। कार्यक्रम ने यह संदेश स्पष्ट रूप से स्थापित किया कि जब शिक्षा में संस्कार,अनुशासन और सामाजिक मूल्यों का समावेश होता है,तभी एक सशक्त,संवेदनशील और जिम्मेदार समाज की नींव रखी जा सकती है।
