सितारगंज राष्ट्रीय पल्स पोलियो कार्यक्रम के सफल संचालन हेतु ब्लॉक टॉस्क फोर्स बैठक आयोजित की गई

उपजिलाधिकारी कार्यालय, सितारगंज में आगामी राष्ट्रीय पल्स पोलियो कार्यक्रम के सफल, प्रभावी एवं शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ब्लॉक टॉस्क फोर्स (BTF) बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता तहसीलदार महोदय श्री हिमांशु जोशी जी द्वारा की गई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, बाल विकास परियोजना, पंचायत विभाग, पुलिस विभाग सहित विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सहभागिता की बैठक के दौरान राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के अंतर्गत 0 से 5 वर्ष तक आयु के सभी बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाए जाने के लक्ष्य की विस्तृत समीक्षा की गई। अभियान को अधिक प्रभावी बनाने के लिए बूथ संचालन, घर-घर भ्रमण, ट्रांजिट टीमों की तैनाती, माइक्रोप्लान तैयार करने, वैक्सीन भंडारण एवं परिवहन व्यवस्था, निगरानी तंत्र तथा जन-जागरूकता गतिविधियों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई बैठक में यह भी बताया गया कि पोलियो एक गंभीर संक्रामक वायरल रोग है, जो मुख्यतः छोटे बच्चों को प्रभावित करता है। यह रोग पोलियो वायरस के कारण होता है तथा संक्रमित व्यक्ति के संपर्क, दूषित पानी एवं अस्वच्छ वातावरण के माध्यम से फैल सकता है। कई मामलों में यह संक्रमण बिना लक्षणों के भी हो सकता है, जबकि गंभीर स्थिति में यह बच्चों में स्थायी लकवा तक का कारण बन सकता है। पोलियो का कोई निश्चित उपचार उपलब्ध नहीं है, इसलिए टीकाकरण ही इसका सबसे प्रभावी बचाव उपाय है।
बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि पल्स पोलियो अभियान के अंतर्गत बच्चों को दी जाने वाली ओरल पोलियो वैक्सीन (OPV) पूरी तरह सुरक्षित एवं प्रभावी है तथा प्रत्येक बच्चे को निर्धारित आयु तक समय-समय पर यह खुराक अवश्य दिलाई जानी चाहिए, भले ही बच्चे को पूर्व में नियमित टीकाकरण के अंतर्गत पोलियो की खुराक मिल चुकी हो। अभियान का उद्देश्य सामुदायिक स्तर पर प्रतिरक्षा को मजबूत बनाना और पोलियो संक्रमण की किसी भी संभावना को समाप्त करना है तहसीलदार महोदय श्री हिमांशु जोशी जी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय एवं सक्रिय भागीदारी के साथ अभियान को सफल बनाने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज एवं प्रशासन की साझा जिम्मेदारी है कि कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे। उन्होंने विशेष रूप से दूरस्थ क्षेत्रों, प्रवासी परिवारों, निर्माण स्थलों, ईंट भट्टों एवं अन्य उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी एवं कवरेज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा जानकारी दी गई कि अभियान के सफल संचालन हेतु पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन, कोल्ड चेन व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित कर ली गई है। अभियान में कार्यरत सभी टीमों को पूर्व प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है तथा निगरानी एवं रिपोर्टिंग प्रणाली को भी मजबूत किया गया है बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि व्याप जन-जागरूकता हेतु स्थानीय स्तर पर प्रचार-प्रसार, आंगनवाड़ी केंद्रों, विद्यालयों, ग्राम सभाओं, जनप्रतिनिधियों एवं सामुदायिक सहयोग के माध्यम से लोगों को अभियान से जोड़ने का कार्य किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक अभिभावक अपने बच्चों को पोलियो की खुराक दिलाने के लिए प्रेरित हों अंत में सभी विभागों एवं उपस्थित अधिकारियों से राष्ट्रीय पल्स पोलियो कार्यक्रम को जन-जन तक पहुँचाने तथा शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने में सक्रिय सहयोग देने का आह्वान किया गया बैठक में डॉ. शादाब, डॉ. चित्रा पाण्डेय, बाल विकास परियोजना अधिकारी शोभा जनौटी, अमरजीत गहतोड़ी, भूप किशोर, मयंक नैलवाल, हृदयेश चौहान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
